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प्रेम प्रसंग के चलते हुई थी संजू की हत्या, जंगल में ले जाकर लटका दिया था शव
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बिल्सी (बदायूं)। साढ़े तीन माह बाद आखिरकार संजू हत्याकांड का खुलासा हो गया। उसके हत्यारे गांव के ही दो चचेरे-तहेरे भाई निकले। उन्होंने संजू को अपनी बहन के साथ देख लिया था। इससे उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में उसके शव को जंगल में ले जाकर फंदे पर लटका दिया। पुलिस ने दोनों भाइयों को जेल भेज दिया।
रविवार दोपहर इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार ने संजू हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि 17 जून को हैवतपुर निवासी संजू उर्फ संजय का शव गांव के बाहर जंगल में शहतूत के पेड़ पर लटका मिला था। उसके दोनों हाथ बंधे हुए थे। इससे उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया। तो उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या बताई गई। तब से पुलिस इस हत्याकांड की जांच कर रही थी। दो दिन पहले सुराग लगा कि संजू का गांव की ही एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इससे युवती के भाई कैलाश बाबू पुत्र सुरेश चंद्र और जितेंद्र पुत्र रक्षपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि 15 जून को संजू के बड़े भाई सुनील की शादी थी। 16 जून को बरात लौटकर आई। शाम को सुनील के घर ढोलक बजाने का कार्यक्रम था। कैलाश सुनील के साथ मिठाई लेने बिल्सी गया था। वह रात नौ बजे लौटा। तो उसके परिवार वाले सुनील के घर थे। जबकि घर में उसकी बहन और संजू था। उसने बहन को देख लिया तो थप्पड़ मारा। संजू ने माफी मांगी लेकिन उसने गुस्से में उसकी अंगोछे से गला दबाकर हत्या कर दी। उसकी ही बनियान से हाथ बांधे। फिर अपने तहेरे भाई जितेंद्र पुत्र रक्षपाल को बुलाकर लाया। दोनों लोग शव को बाइक पर लादकर सुंदरनगर की ओर ले गए। कुंवरपाल मौर्य के खेत में शहतूत के पेड़ पर शव को रस्सी से लटका दिया। बाद में अपना अंगोछा घर पर लाकर जला दिया। रविवार दोपहर बाद पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया।
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रविवार दोपहर इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार ने संजू हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि 17 जून को हैवतपुर निवासी संजू उर्फ संजय का शव गांव के बाहर जंगल में शहतूत के पेड़ पर लटका मिला था। उसके दोनों हाथ बंधे हुए थे। इससे उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया। तो उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या बताई गई। तब से पुलिस इस हत्याकांड की जांच कर रही थी। दो दिन पहले सुराग लगा कि संजू का गांव की ही एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इससे युवती के भाई कैलाश बाबू पुत्र सुरेश चंद्र और जितेंद्र पुत्र रक्षपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि 15 जून को संजू के बड़े भाई सुनील की शादी थी। 16 जून को बरात लौटकर आई। शाम को सुनील के घर ढोलक बजाने का कार्यक्रम था। कैलाश सुनील के साथ मिठाई लेने बिल्सी गया था। वह रात नौ बजे लौटा। तो उसके परिवार वाले सुनील के घर थे। जबकि घर में उसकी बहन और संजू था। उसने बहन को देख लिया तो थप्पड़ मारा। संजू ने माफी मांगी लेकिन उसने गुस्से में उसकी अंगोछे से गला दबाकर हत्या कर दी। उसकी ही बनियान से हाथ बांधे। फिर अपने तहेरे भाई जितेंद्र पुत्र रक्षपाल को बुलाकर लाया। दोनों लोग शव को बाइक पर लादकर सुंदरनगर की ओर ले गए। कुंवरपाल मौर्य के खेत में शहतूत के पेड़ पर शव को रस्सी से लटका दिया। बाद में अपना अंगोछा घर पर लाकर जला दिया। रविवार दोपहर बाद पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया।
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