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कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने गिराया अवैध निर्माण
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इस्लामनगर। सरकारी जमीन पर हो रही अवैध कब्जे को कोर्ट के आदेश पर गुरुवार को पुलिस प्रशासन ने तुड़वा दिया, साथ ही निर्देश दिए कि कोई भी व्यक्ति अगर अवैध कब्जा करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से चार थानों की पुलिस और पीएसी इस दौरान तैनात रही, हालांकि किसी तरह का कोई विरोध नहीं हुआ।
प्रशासन के अनुसार क्षेत्र के गांव चरसौरा में प्राथमिक विद्यालय के पास ही विद्यालय का क्रीड़ा स्थल है, जिस पर गांव के ही गंगा प्रसाद, हरिओम व मटरू ने अवैध निर्माण करा लिया था। इन लोगों ने कमरे बनाकर व चबूतरा की जमीन पर कब्जा कर रखा था। सन 2011 में तत्कालीन लेखपाल की शिकायत पर 122 बी की कार्रवाई करते हुए तहसीलदार बिसौली ने बेदखली का आदेश किया, लेकिन उसके बाद में कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में भूमाफिया मनमानी करते हुए निर्माण कार्य करते रहे। गांव के ही पूर्व प्रधान बच्चू सिंह लगातार डीएम से मिलकर अवैध निर्माण की शिकायत करते रहे। जब प्रशासन से बात नहीं बनी तो वह अवैध निर्माण के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए, जहां आठ साल मुकदमा चलने के बाद बच्चू सिंह के पक्ष में फैसला हुआ और अवैध निर्माण गिराने के आदेश हुए।
बताते हैं कि प्रशासनिक अधिकारियों का रवैया फिर भी ढीला रहा, जिसके बाद बच्चू सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ अवैध निर्माण न हटाने को लेकर कोर्ट आफ कंटेम्प्ट करा दिया। तत्कालीन डीएम दिनेश कुमार सिंह ने एसडीएम बिसौली को अवैध निर्माण गिराने के आदेश किए। बताया जाता है कि एसडीएम किशोर कुमार जब अवैध निर्माण नहीं हटवा पाए, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई और उन्हें बिसौली के एसडीएम पद से हटा दिया गया। उनके स्थान पर सीपी सरोज को एसडीएम बनाकर भेजा गया और अवैध निर्माण हटाने के भी आदेश किए। इसके बाद ही प्रशासनिक अमला पूरी कार्रवाई में लग गया था।
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गुरुवार को छह जेसीबी समेत बिसौली, सहसवान, इस्लामनगर, उघैती पुलिस व एक सेक्शन पीएससी के साथ एडीएम प्रशासन रामनिवास शर्मा, एसपी देहात डॉ. सुरेंद्र सिंह, सीओ बिल्सी संजय कुमार मौके पर पहुंच गए और अवैध निर्माण को गिरा दिया।
विस्थापितों को दिए गए पट्टे
प्रशासनिक अधिकारियों ने पहले अवैध कब्जा गिराया और उसके बाद विस्थापितों को आशियाना बनाने के लिए 110-110 गज के तीन प्लाट के पट्टे उन्हें दिए। साथ ही हिदायत दी गई कि वे स्कूल की भूमि पर कोई निर्माण कार्य न करके सरकार द्वारा दी गई जगह पर ही निर्माण करें।
लोगों को पहले से ही कर दिया मुचलका पाबंद
प्रशासन द्वारा इसको लेकर पहले से ही तैयारी की गई थी। वहां पर कब्जा हटाने पर कोई दिक्कत पैदा न हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से पहले से ही 10 लोगों को पांच-पांच लाख रुपये का मुचलका पाबंद कर दिया गया था।
कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर अवैैध कब्जा कर लिया था। कोर्ट के आदेश पर गुरुवार को कब्जा मुक्त करा दिया गया है, साथ ही कड़े निर्देश दिए हैं कि कई भी व्यक्ति सरकारी जमीन पर कब्जा करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-रामनिवास शर्मा, एडीएम प्रशासन
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प्रशासन के अनुसार क्षेत्र के गांव चरसौरा में प्राथमिक विद्यालय के पास ही विद्यालय का क्रीड़ा स्थल है, जिस पर गांव के ही गंगा प्रसाद, हरिओम व मटरू ने अवैध निर्माण करा लिया था। इन लोगों ने कमरे बनाकर व चबूतरा की जमीन पर कब्जा कर रखा था। सन 2011 में तत्कालीन लेखपाल की शिकायत पर 122 बी की कार्रवाई करते हुए तहसीलदार बिसौली ने बेदखली का आदेश किया, लेकिन उसके बाद में कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में भूमाफिया मनमानी करते हुए निर्माण कार्य करते रहे। गांव के ही पूर्व प्रधान बच्चू सिंह लगातार डीएम से मिलकर अवैध निर्माण की शिकायत करते रहे। जब प्रशासन से बात नहीं बनी तो वह अवैध निर्माण के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए, जहां आठ साल मुकदमा चलने के बाद बच्चू सिंह के पक्ष में फैसला हुआ और अवैध निर्माण गिराने के आदेश हुए।
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बताते हैं कि प्रशासनिक अधिकारियों का रवैया फिर भी ढीला रहा, जिसके बाद बच्चू सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ अवैध निर्माण न हटाने को लेकर कोर्ट आफ कंटेम्प्ट करा दिया। तत्कालीन डीएम दिनेश कुमार सिंह ने एसडीएम बिसौली को अवैध निर्माण गिराने के आदेश किए। बताया जाता है कि एसडीएम किशोर कुमार जब अवैध निर्माण नहीं हटवा पाए, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई और उन्हें बिसौली के एसडीएम पद से हटा दिया गया। उनके स्थान पर सीपी सरोज को एसडीएम बनाकर भेजा गया और अवैध निर्माण हटाने के भी आदेश किए। इसके बाद ही प्रशासनिक अमला पूरी कार्रवाई में लग गया था।
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गुरुवार को छह जेसीबी समेत बिसौली, सहसवान, इस्लामनगर, उघैती पुलिस व एक सेक्शन पीएससी के साथ एडीएम प्रशासन रामनिवास शर्मा, एसपी देहात डॉ. सुरेंद्र सिंह, सीओ बिल्सी संजय कुमार मौके पर पहुंच गए और अवैध निर्माण को गिरा दिया।
विस्थापितों को दिए गए पट्टे
प्रशासनिक अधिकारियों ने पहले अवैध कब्जा गिराया और उसके बाद विस्थापितों को आशियाना बनाने के लिए 110-110 गज के तीन प्लाट के पट्टे उन्हें दिए। साथ ही हिदायत दी गई कि वे स्कूल की भूमि पर कोई निर्माण कार्य न करके सरकार द्वारा दी गई जगह पर ही निर्माण करें।
लोगों को पहले से ही कर दिया मुचलका पाबंद
प्रशासन द्वारा इसको लेकर पहले से ही तैयारी की गई थी। वहां पर कब्जा हटाने पर कोई दिक्कत पैदा न हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से पहले से ही 10 लोगों को पांच-पांच लाख रुपये का मुचलका पाबंद कर दिया गया था।
कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर अवैैध कब्जा कर लिया था। कोर्ट के आदेश पर गुरुवार को कब्जा मुक्त करा दिया गया है, साथ ही कड़े निर्देश दिए हैं कि कई भी व्यक्ति सरकारी जमीन पर कब्जा करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-रामनिवास शर्मा, एडीएम प्रशासन