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अदालत से मथुरा भेजा गया जयकिशन राणा का वारंट
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बदायूं। 15 हजार लोगों से 20 करोड़ ठगने वाले जयकिशन सिंह राणा का बुधवार को अदालत से वारंट निकल गया। राणा के खिलाफ करीब एक साल से अदालत में मुकदमा चल रहा है। पुलिस उसके खिलाफ चार्जशीट भी लगा चुकी है। 10 जुलाई को केस की तारीख थी। उससे पहले जारी हो चुका वारंट बुधवार को मथुरा भेज दिया गया।
मथुरा निवासी जयकिशन सिंह राणा ने बदायूं जिले में कल्पतरू के अलावा पंद्रह कंपनियां खोली थीं। उनके अलग-अलग स्थानों पर ऑफिस बनाए थे। करीब चार हजार एजेंट भी लगाए और उसके बाद धीरे-धीरे ठगी का धंधा शुरू कर दिया। पैर जमाने के लिए शुरुआत में उसने अपने एजेंटों को मोटी कमीशन देने का लालच दिया था, जिससे उसका धंधा बढ़ता गया। वर्ष 2018 की शुरुआत में सारी कंपनियां बंद करके 15 हजार लोगों के 20 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गया। इस पर शहर के जालंधरी सराय निवासी डॉ. मोहम्मद अहमद ने पुलिस और प्रशासन से निराशा मिलने के बाद जयकिशन सिंह राणा के खिलाफ 156 (3) के तहत कोर्ट में शरण ली थी। न्यायालय ने न सिर्फ इस मामले को गंभीरता से लिया बल्कि धोखेबाज राणा के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई। इस मामले में अभी राणा कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ है। जबकि राणा के वारंट जारी हो चुके थे। बुधवार को सुनवाई के दौरान वारंट मथुरा के लिए भेज दिए गए। अब राणा कोर्ट में हाजिर होता है या नहीं, यह तो अगली सुनवाई पर ही पता चलेगा।
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मथुरा निवासी जयकिशन सिंह राणा ने बदायूं जिले में कल्पतरू के अलावा पंद्रह कंपनियां खोली थीं। उनके अलग-अलग स्थानों पर ऑफिस बनाए थे। करीब चार हजार एजेंट भी लगाए और उसके बाद धीरे-धीरे ठगी का धंधा शुरू कर दिया। पैर जमाने के लिए शुरुआत में उसने अपने एजेंटों को मोटी कमीशन देने का लालच दिया था, जिससे उसका धंधा बढ़ता गया। वर्ष 2018 की शुरुआत में सारी कंपनियां बंद करके 15 हजार लोगों के 20 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गया। इस पर शहर के जालंधरी सराय निवासी डॉ. मोहम्मद अहमद ने पुलिस और प्रशासन से निराशा मिलने के बाद जयकिशन सिंह राणा के खिलाफ 156 (3) के तहत कोर्ट में शरण ली थी। न्यायालय ने न सिर्फ इस मामले को गंभीरता से लिया बल्कि धोखेबाज राणा के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई। इस मामले में अभी राणा कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ है। जबकि राणा के वारंट जारी हो चुके थे। बुधवार को सुनवाई के दौरान वारंट मथुरा के लिए भेज दिए गए। अब राणा कोर्ट में हाजिर होता है या नहीं, यह तो अगली सुनवाई पर ही पता चलेगा।
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