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उझानी में कोरोना से ट्रांसपोर्टर की मौत, छह दिन से थे पॉजिटिव
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उझानी (बदायूं)। नगर में कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा होने के साथ ही जिंदगी से जंग हारने वालों की तादात बढ़ती जा रही है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती ट्रांसपोर्टर की रविवार को मृत्यु हो गई। उनके साथ ही पॉजिटिव निकलीं पत्नी को शनिवार शाम को ही मेडिकल कॉलेज से छुट्टी मिली थी। इसी के साथ इलाके में कोरोना से मृत लोगों की संख्या पांच हो गई है।
मोहल्ला श्रीनारायणगंज के स्टेशन रोड इलाके में रहने वाले 52 वर्षीय ट्रांसपोर्टर ने 24 अगस्त को पत्नी के साथ कोरोना टेस्ट कराया था। उसी दिन शाम को कोरोना पॉजिटिव दंपती को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया गया। शनिवार शाम को पत्नी की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया लेकिन ट्रांसपोर्टर की रिपोर्ट नहीं आ पाई थी। रविवार शाम को उनकी दूसरी रिपोर्ट आने से पहले ही सुबह को ट्रांसपोर्टर ने मेडिकल कॉलेज में अंतिम सांस ली। बताते हैं कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई थी। उनका ऑक्सीजन लेवल भी गिरता चला गया। शाम को कछला गंगाघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के लिए शव वाहन घाट पर पहुंचा तो आसपास के इलाके के लोगों ने विरोध भी किया। सूचना के बाद कछला चौकी से पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे। इस पर स्थानीय लोगों ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी पीपीई किट घाट पर ही फेंक जाते हैं जिससे संक्रमण फैल सकता है। बता दें कि इलाके में कोरोना से पहले ही महिला समेत चार लोगों की मौत हो चुकी है।
सोमवार को होने थे डिस्चार्ज, एक दिन पहले ही बिगड़ गई सेहत
उझानी। ट्रांसपोर्टर के परिवार के लोगों की मानें तो शनिवार शाम को राजकीय मेडिकल कॉलेज से जिस समय ट्रांसपोर्टर की पत्नी को डिस्चार्ज किया गया, उस वक्त डॉक्टरों ने कहा कि सोमवार को उनके पति को भी डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। इंतजार महज उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने का था। लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। ट्रांसपोर्टर के परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां और एक बेटा है।
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मोहल्ला श्रीनारायणगंज के स्टेशन रोड इलाके में रहने वाले 52 वर्षीय ट्रांसपोर्टर ने 24 अगस्त को पत्नी के साथ कोरोना टेस्ट कराया था। उसी दिन शाम को कोरोना पॉजिटिव दंपती को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया गया। शनिवार शाम को पत्नी की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया लेकिन ट्रांसपोर्टर की रिपोर्ट नहीं आ पाई थी। रविवार शाम को उनकी दूसरी रिपोर्ट आने से पहले ही सुबह को ट्रांसपोर्टर ने मेडिकल कॉलेज में अंतिम सांस ली। बताते हैं कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई थी। उनका ऑक्सीजन लेवल भी गिरता चला गया। शाम को कछला गंगाघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के लिए शव वाहन घाट पर पहुंचा तो आसपास के इलाके के लोगों ने विरोध भी किया। सूचना के बाद कछला चौकी से पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे। इस पर स्थानीय लोगों ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी पीपीई किट घाट पर ही फेंक जाते हैं जिससे संक्रमण फैल सकता है। बता दें कि इलाके में कोरोना से पहले ही महिला समेत चार लोगों की मौत हो चुकी है।
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सोमवार को होने थे डिस्चार्ज, एक दिन पहले ही बिगड़ गई सेहत
उझानी। ट्रांसपोर्टर के परिवार के लोगों की मानें तो शनिवार शाम को राजकीय मेडिकल कॉलेज से जिस समय ट्रांसपोर्टर की पत्नी को डिस्चार्ज किया गया, उस वक्त डॉक्टरों ने कहा कि सोमवार को उनके पति को भी डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। इंतजार महज उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने का था। लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। ट्रांसपोर्टर के परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां और एक बेटा है।
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