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जानलेवा हमले में मुजरिम को पांच साल की सजा
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बदायूं। छह साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में एक व्यक्ति को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश रमाशंकर सिंह ने दोषी ठहराते हुए पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर कूडई निवासी अशोक ने पांच फरवरी 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अनुसार उसका भाई प्रहलाद खेत पर पानी लगा रहा था, तभी उसका दोस्त सुभाष उसे अपने साथ रसूलपुर गांव ले गया। शाम को अशोक को पता चला कि उसके भाई को कुछ लोगों ने गोली मार दी है। उसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर इसकी विवेचना की। इस दौरान उसके गांव का ही ओमकार पुत्र गंगासहाय का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने ओमकार के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
एडीजे प्रथम रमाशंकर सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव गुप्ता और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने जानलेवा हमले में नामजद ओमकार को मुजरिम करार दिया और उसे पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उस पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है।
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जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर कूडई निवासी अशोक ने पांच फरवरी 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अनुसार उसका भाई प्रहलाद खेत पर पानी लगा रहा था, तभी उसका दोस्त सुभाष उसे अपने साथ रसूलपुर गांव ले गया। शाम को अशोक को पता चला कि उसके भाई को कुछ लोगों ने गोली मार दी है। उसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर इसकी विवेचना की। इस दौरान उसके गांव का ही ओमकार पुत्र गंगासहाय का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने ओमकार के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
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एडीजे प्रथम रमाशंकर सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव गुप्ता और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने जानलेवा हमले में नामजद ओमकार को मुजरिम करार दिया और उसे पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उस पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है।
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