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Budaun News: अपहरण कर युवक की हत्या में दोषी दंपती को उम्रकैद
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विवेक।फाइल फाेटो
बदायूं। अपहरण के बाद युवक की हत्या के पांच साल पुराने मामले में शनिवार को अपर सत्र न्यायालय की न्यायाधीश कुमारी रिंकू जिंदल ने दंपती को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 55-55 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इस मामले में एक दोषी को दस जून को सजा सुनाई गई थी।
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव निजामुद्दीनपुर शाह निवासी गल्ला व्यापारी अवनीश गुप्ता ने 12 अगस्त 2019 को तहरीर देकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बताया था उसका बेटा विवेक (18) दूध लेने 11 अगस्त की शाम गया था, जो वापस नहीं लौटा था। छह सितंबर को अज्ञात पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया।
परिवार वालों के पास लगातार फिरौती की चिट्ठियां आने लगीं। किसी में तीन लाख तो किसी में 15 लाख रुपये मांगे जा रहे थे। जब फिरौती नहीं मिली तो युवक की हत्या कर दी गई। शव को बंपी ठाकुर ने अपनी पत्नी के सहयोग से घर में ही दफना दिया था। पुलिस ने विशेष कुमार उर्फ बंपी ठाकुर, उसकी पत्नी सपना और अर्जुन को गिरफ्तार कर युवक का कंकाल बरामद किया था।
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पूछताछ में बंपी ने अपने भाई विकास और पिता सत्यपाल सिंह को भी हत्या में शामिल होना बताया था। मामले की विवेचना तत्कालीन इंस्पेक्टर पंकज लावानिया ने की थी। विवेचक ने पांचों आरोपियाें के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
दस जून सोमवार को न्यायाधीश ने अर्जुन को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। विकास और सत्यपाल को दोषमुक्त किया गया था। उपरोक्त पत्रावली पर साक्ष्यों का अवलोकन करके विशेष लोक अभियोजक राजेश बाबू शर्मा व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद बंपी और उसकी पत्नी सपना को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों को दस जुलाई को ही जेल भेज दिया गया था।
हत्या के बाद अपने ही घर में दबा लिया था
विवेक का शव, पुलिस को मिला था कंकाल
बदायूं। बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव निजामुद्दीनपुर शाह गांव निवासी अवनीश गुप्ता के 18 वर्षीय पुत्र विवेक का 11 अगस्त 2019 की शाम को अपहरण हुआ था। चार माह तक पीड़ित परिवार गांव के ही लोगों पर आरोप लगाता रहा, लेकिन पुलिस गुमराह करती रही। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने अवनीश के पड़ोसी बंपी ठाकुर और उसकी पत्नी समेत पांच लोगों के खिलाफ अपहरण कर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज की थी। आरोपी बंपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तब उसने हत्या का जुर्म स्वीकार किया। शव को अपने ही घर में दफन करने की जानकारी दी। उसकी निशानदेही पर विवेक का कंकाल बरामद किया गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि दोष मुक्त आरोपियों को भी सजा होनी चाहिए थी। संवाद
किशोरी से छेड़खानी के दोषी को तीन साल की सजा
- कोर्ट ने दस हजार रुपये लगाया जुर्माना, आधी धनराशि पीड़िता को मिलेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। किशोरी से छेड़खानी के छह साल पुराने मामले में विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश दीपक यादव ने युवक को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने तीन साल की सजा सुनाई है। दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
बिनावर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले व्यक्ति ने 12 मार्च 2018 को गांव के ही डिंपल सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी घर से घूरे पर कूड़ा डालने जा रही थी। शाम करीब चार बजे रास्ते में डिंपल ने पीड़िता का हाथ पकड़ लिया और छेड़खानी करने लगा।
चीख पुकार पर गांव के कुछ लोग दौड़कर मौके पर पहुंच गए। आरोपी उन्हें देखकर भाग गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना उपनिरीक्षक जीत सिंह को दी गई। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। शनिवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर साक्ष्यों का अवलोकन कर विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी , वीरेंद्र सिंह वर्मा, प्रदीप भारती व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद सजा सुनाई।
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बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव निजामुद्दीनपुर शाह निवासी गल्ला व्यापारी अवनीश गुप्ता ने 12 अगस्त 2019 को तहरीर देकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बताया था उसका बेटा विवेक (18) दूध लेने 11 अगस्त की शाम गया था, जो वापस नहीं लौटा था। छह सितंबर को अज्ञात पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया।
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परिवार वालों के पास लगातार फिरौती की चिट्ठियां आने लगीं। किसी में तीन लाख तो किसी में 15 लाख रुपये मांगे जा रहे थे। जब फिरौती नहीं मिली तो युवक की हत्या कर दी गई। शव को बंपी ठाकुर ने अपनी पत्नी के सहयोग से घर में ही दफना दिया था। पुलिस ने विशेष कुमार उर्फ बंपी ठाकुर, उसकी पत्नी सपना और अर्जुन को गिरफ्तार कर युवक का कंकाल बरामद किया था।
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पूछताछ में बंपी ने अपने भाई विकास और पिता सत्यपाल सिंह को भी हत्या में शामिल होना बताया था। मामले की विवेचना तत्कालीन इंस्पेक्टर पंकज लावानिया ने की थी। विवेचक ने पांचों आरोपियाें के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
दस जून सोमवार को न्यायाधीश ने अर्जुन को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। विकास और सत्यपाल को दोषमुक्त किया गया था। उपरोक्त पत्रावली पर साक्ष्यों का अवलोकन करके विशेष लोक अभियोजक राजेश बाबू शर्मा व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद बंपी और उसकी पत्नी सपना को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों को दस जुलाई को ही जेल भेज दिया गया था।
हत्या के बाद अपने ही घर में दबा लिया था
विवेक का शव, पुलिस को मिला था कंकाल
बदायूं। बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव निजामुद्दीनपुर शाह गांव निवासी अवनीश गुप्ता के 18 वर्षीय पुत्र विवेक का 11 अगस्त 2019 की शाम को अपहरण हुआ था। चार माह तक पीड़ित परिवार गांव के ही लोगों पर आरोप लगाता रहा, लेकिन पुलिस गुमराह करती रही। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने अवनीश के पड़ोसी बंपी ठाकुर और उसकी पत्नी समेत पांच लोगों के खिलाफ अपहरण कर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज की थी। आरोपी बंपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तब उसने हत्या का जुर्म स्वीकार किया। शव को अपने ही घर में दफन करने की जानकारी दी। उसकी निशानदेही पर विवेक का कंकाल बरामद किया गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि दोष मुक्त आरोपियों को भी सजा होनी चाहिए थी। संवाद
किशोरी से छेड़खानी के दोषी को तीन साल की सजा
- कोर्ट ने दस हजार रुपये लगाया जुर्माना, आधी धनराशि पीड़िता को मिलेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। किशोरी से छेड़खानी के छह साल पुराने मामले में विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश दीपक यादव ने युवक को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने तीन साल की सजा सुनाई है। दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
बिनावर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले व्यक्ति ने 12 मार्च 2018 को गांव के ही डिंपल सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी घर से घूरे पर कूड़ा डालने जा रही थी। शाम करीब चार बजे रास्ते में डिंपल ने पीड़िता का हाथ पकड़ लिया और छेड़खानी करने लगा।
चीख पुकार पर गांव के कुछ लोग दौड़कर मौके पर पहुंच गए। आरोपी उन्हें देखकर भाग गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना उपनिरीक्षक जीत सिंह को दी गई। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। शनिवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर साक्ष्यों का अवलोकन कर विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी , वीरेंद्र सिंह वर्मा, प्रदीप भारती व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद सजा सुनाई।

विवेक।फाइल फाेटो