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कोरोना : इलाज के लिए खरीद गईं दवाएं नष्ट की जाएंगी
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बदायूं। कोरोना की पहली, दूसरी और तीसरी लहर के दौरान संक्रमण से ग्रस्त लोगों के इलाज के लिए खरीदी गईं दवाओं का स्थानीय स्तर पर ही निस्तारण किया जाएगा। दवाओं की अगर एक्सपायर डेट बीत गई हो, तो नष्ट कर दिया जाएगा। जिले में बड़ी तादाद में ऐसी दवाएं हैं जो एक्सपायर हो गई हैं।
कोरोना की पहली लहर के दौरान लंबा लॉकडाउन रहा था। ऐसे में जिले में मौतों का आंकड़ा बेहद कम था, लेकिन दूसरी लहर के दौरान जिले में कोरोना ने कहर बरपाया। इस दौरान जिले में 100 लोगों की जान चली गई। तीसरी लहर में भी एक व्यक्ति को कोरोना ने निगल लिया।
वहीं पहली लहर के बाद दूसरी लहर से निपटने के लिए बड़े स्तर पर यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन ने जिले को संक्रमण के इलाज में काम आने वाली दवाएं भेजी थीं। स्थानीय स्तर पर भी दवाओं समेत अन्य सामान की खरीद की गई। कोरोना की तीसरी लहर आते-आते टीकाकरण भी शुरू हो गया। तीसरी लहर में संक्रमण तो फैला, लेकिन संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं हुई। ज्यादातर संक्रमित घरों पर ही स्वस्थ हो गए। दूसरी लहर के दौरान मिली दवाओं की सप्लाई में बड़ी तादाद में दवाएं एक्सपायर हो गईं। शासन ने अब एक्सपायर दवाओं का स्थानीय स्तर पर निस्तारण करने का आदेश दिया है। एक्सपायर्ड दवाओं को नष्ट करने का काम जल्द शुरू किया जाएगा।
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इस्तेमाल हो गए सभी रेमडेसिविर इंजेक्शन
दूसरी लहर के दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज में दो सौ बेड का कोविड अस्पताल बनाया गया था। गंभीर संक्रमितों के लिए जिले को सौ रेमडेसिविर इंजेक्शन भी दिए गए। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान प्रदेश भर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की ब्लैक, नकली इंजेक्शन के मामले भी पकड़े गए थे। उस समय एक इंजेक्शन एक-एक लाख रुपये तक में बिका था। बदायूं को मिले सभी सौ इंजेक्शन का इस्तेमाल हो चुका है। शेष दवाओं में टेबलेट ही बाकी हैं।
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कोराना संक्रमण के इलाज के लिए यूपीएमएससी से जो दवाएं मिलीं थीं उनमें काफी दवाओं का इस्तेमाल नहीं हो सका है। यह दवाएं एक्सपायर हो गई हैं। शासन स्तर से इन दवाओं के स्थानीय स्तर पर निस्तारण और नष्ट करने संबंधी निर्देश मिले हैं। एक्सपायरी दवाओं को नष्ट करना यह नियत प्रक्रिया है।
-डॉ. सीपी सिंह, सीएमएस राजकीय मेडिकल कॉलेज
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कोरोना की पहली लहर के दौरान लंबा लॉकडाउन रहा था। ऐसे में जिले में मौतों का आंकड़ा बेहद कम था, लेकिन दूसरी लहर के दौरान जिले में कोरोना ने कहर बरपाया। इस दौरान जिले में 100 लोगों की जान चली गई। तीसरी लहर में भी एक व्यक्ति को कोरोना ने निगल लिया।
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वहीं पहली लहर के बाद दूसरी लहर से निपटने के लिए बड़े स्तर पर यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन ने जिले को संक्रमण के इलाज में काम आने वाली दवाएं भेजी थीं। स्थानीय स्तर पर भी दवाओं समेत अन्य सामान की खरीद की गई। कोरोना की तीसरी लहर आते-आते टीकाकरण भी शुरू हो गया। तीसरी लहर में संक्रमण तो फैला, लेकिन संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं हुई। ज्यादातर संक्रमित घरों पर ही स्वस्थ हो गए। दूसरी लहर के दौरान मिली दवाओं की सप्लाई में बड़ी तादाद में दवाएं एक्सपायर हो गईं। शासन ने अब एक्सपायर दवाओं का स्थानीय स्तर पर निस्तारण करने का आदेश दिया है। एक्सपायर्ड दवाओं को नष्ट करने का काम जल्द शुरू किया जाएगा।
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इस्तेमाल हो गए सभी रेमडेसिविर इंजेक्शन
दूसरी लहर के दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज में दो सौ बेड का कोविड अस्पताल बनाया गया था। गंभीर संक्रमितों के लिए जिले को सौ रेमडेसिविर इंजेक्शन भी दिए गए। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान प्रदेश भर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की ब्लैक, नकली इंजेक्शन के मामले भी पकड़े गए थे। उस समय एक इंजेक्शन एक-एक लाख रुपये तक में बिका था। बदायूं को मिले सभी सौ इंजेक्शन का इस्तेमाल हो चुका है। शेष दवाओं में टेबलेट ही बाकी हैं।
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कोराना संक्रमण के इलाज के लिए यूपीएमएससी से जो दवाएं मिलीं थीं उनमें काफी दवाओं का इस्तेमाल नहीं हो सका है। यह दवाएं एक्सपायर हो गई हैं। शासन स्तर से इन दवाओं के स्थानीय स्तर पर निस्तारण और नष्ट करने संबंधी निर्देश मिले हैं। एक्सपायरी दवाओं को नष्ट करना यह नियत प्रक्रिया है।
-डॉ. सीपी सिंह, सीएमएस राजकीय मेडिकल कॉलेज