{"_id":"622a604fc9e43d3ad310028a","slug":"congress-badaun-145-vidhan-sabha-2022-bisauli-142-vidhan-sabha-2022-sahaswan-143-vidhan-sabha-2022-bilsi-144-vidhan-sabha-2022-shekhupur-146-vidhan-sabha-2022-dataganj-147-vidhan-sabha-2022-badaun-news-bly477929670","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिशाहीन रणनीति के कारण कांग्रेस हार गई सभी सीटें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिशाहीन रणनीति के कारण कांग्रेस हार गई सभी सीटें
विज्ञापन
बदायूं। जिस तेजी से कांग्रेस ने प्रियंका गांधी के ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ अभियान के तहत जिले में महिलाओं को टिकट थमाए, प्रचार किया और प्रदेश अध्यक्ष को बुलाया, वह किसी काम नहीं आया और दिशाहीन रणनीति और बिना जाति धर्म के वोट के सहारे पार्टी सभी सीटों पर चुनाव हार गई। कुछ सीटों पर जमानत जब्त होने के आसार भी बताए जा रहे हैं।
कांग्रेस जिले में कई साल से रसातल में है, और तो और हर चुनाव में पार्टी का जनाधार खिसकता जा रहा है। हर चुनाव में मतदान के आंकड़े इसका प्रमाण हैं। इस बार के विधानसभा चुनाव में प्रियंका गांधी की यूपी में जोरदार एंट्री के बाद बदायूं जिले में भी पार्टी की चमक बढ़ने की बात कही जा रही थी। यहां आए वरिष्ठ नेताओं ने टिकट वितरण से पहले दावा किया कि वह इस बार प्रियंका गांधी के दावे के तहत 40 फीसदी टिकट महिलाओं को देंगे। यह भी कहा गया कि टिकट पार्टी के लोगों को ही दिया जाएगा। महिलाओं को टिकट देने का दावा पार्टी ने पूरा किया और दो की बजाय तीन महिलाओं को टिकट भी दे दिया। यह और बात है कि बाहरी नेता या प्रत्याशी को टिकट देने का वादा पूरा नहीं किया और शहर व बिल्सी में भाजपा पृष्ठभूमि से आए लोगों को टिकट दे दिया।
इनमें से शेखूपुर से टिकट मिलने के बाद फरहा नईम ने तो प्रेसवार्ता करके टिकट वापस कर दिया और जिला अध्यक्ष पर आरोप लगाए। बाद में उनकी जगह कांग्रेस ने ममता देवी प्रजापति को प्रत्याशी बनाया जो हार गईं। जाति-धर्म के तड़के के बिना और पहली बार आननफानन में घोषित किए गए कांग्रेस प्रत्याशी कोई करिश्मा न कर सके। चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों की स्थिति काफी बुरी रही है। अधिकतर प्रत्याशी इस वजह से मीडिया के सामने ही नहीं आए। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस जिले में कई साल से रसातल में है, और तो और हर चुनाव में पार्टी का जनाधार खिसकता जा रहा है। हर चुनाव में मतदान के आंकड़े इसका प्रमाण हैं। इस बार के विधानसभा चुनाव में प्रियंका गांधी की यूपी में जोरदार एंट्री के बाद बदायूं जिले में भी पार्टी की चमक बढ़ने की बात कही जा रही थी। यहां आए वरिष्ठ नेताओं ने टिकट वितरण से पहले दावा किया कि वह इस बार प्रियंका गांधी के दावे के तहत 40 फीसदी टिकट महिलाओं को देंगे। यह भी कहा गया कि टिकट पार्टी के लोगों को ही दिया जाएगा। महिलाओं को टिकट देने का दावा पार्टी ने पूरा किया और दो की बजाय तीन महिलाओं को टिकट भी दे दिया। यह और बात है कि बाहरी नेता या प्रत्याशी को टिकट देने का वादा पूरा नहीं किया और शहर व बिल्सी में भाजपा पृष्ठभूमि से आए लोगों को टिकट दे दिया।
विज्ञापन
इनमें से शेखूपुर से टिकट मिलने के बाद फरहा नईम ने तो प्रेसवार्ता करके टिकट वापस कर दिया और जिला अध्यक्ष पर आरोप लगाए। बाद में उनकी जगह कांग्रेस ने ममता देवी प्रजापति को प्रत्याशी बनाया जो हार गईं। जाति-धर्म के तड़के के बिना और पहली बार आननफानन में घोषित किए गए कांग्रेस प्रत्याशी कोई करिश्मा न कर सके। चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों की स्थिति काफी बुरी रही है। अधिकतर प्रत्याशी इस वजह से मीडिया के सामने ही नहीं आए। ब्यूरो
विज्ञापन