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Budaun News: आचार संहिता ने लगाया सहसवान-कछला मार्ग के चौड़ीकरण पर ब्रेक
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बदायूं। लोकसभा चुनाव का एलान होते ही विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया। सहसवान-कछला मार्ग के 10 किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण भी फिलहाल नहीं हो सकेगा, जबकि क्षेत्र के लोग साल भर से इसका इंतजार कर रहे थे। सड़क साढ़े तीन से सात मीटर चौड़ी की जानी है। चौड़ीकरण के लिए 27 करोड़ रुपये चाहिए, लेकिन बजट जारी नहीं हुआ।
सहसवान-कछला मार्ग की हालत बेहद खराब है। दो साल से लोग लगातार इस सड़क की खस्ताहाली का मुद्दा उठा रहे हैं लेकिन चौड़ीकरण का प्रस्ताव विचाराधीन होने की वजह से मरम्मत भी नहीं हुई। अब चौड़ीकरण भी अटक गया। अब लोकसभा चुनाव की तिथियां घोषित होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है, इसलिए अब शासनादेश भी नहीं हो सकता। आचार संहिता जब जून में खत्म होगी तभी इस सड़क के निर्माण का रास्ता साफ हो सकेगा।
नाबार्ड में गया था प्रस्ताव, अब राज्य सड़क निधि में मांगा बजट
नाबार्ड योजना में प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन जब कई महीने तक मंजूरी नहीं मिली तो अब राज्य सड़क निधि में बजट मांगा गया है। इसके लिए व्यय वित्त समिति ने मंजूरी दे दी थी। मंजूरी के बाद शासनादेश जारी होने का नियम है। शासनादेश जारी नहीं हो सका था। लिहाजा टेंडर निकलने के बाद भी काम शुरू नहीं हो सका। अधीक्षण अभियंता रविदत्त ने बताया कि पहले लोक निर्माण विभाग ने स्थानीय स्तर पर काम शुरू कराने की तैयारी कर ली थी। अब चुनाव के बाद शासनादेश जारी होने पर ही काम शुरू हो सकेगा। संवाद
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सहसवान-कछला मार्ग की हालत बेहद खराब है। दो साल से लोग लगातार इस सड़क की खस्ताहाली का मुद्दा उठा रहे हैं लेकिन चौड़ीकरण का प्रस्ताव विचाराधीन होने की वजह से मरम्मत भी नहीं हुई। अब चौड़ीकरण भी अटक गया। अब लोकसभा चुनाव की तिथियां घोषित होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है, इसलिए अब शासनादेश भी नहीं हो सकता। आचार संहिता जब जून में खत्म होगी तभी इस सड़क के निर्माण का रास्ता साफ हो सकेगा।
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नाबार्ड में गया था प्रस्ताव, अब राज्य सड़क निधि में मांगा बजट
नाबार्ड योजना में प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन जब कई महीने तक मंजूरी नहीं मिली तो अब राज्य सड़क निधि में बजट मांगा गया है। इसके लिए व्यय वित्त समिति ने मंजूरी दे दी थी। मंजूरी के बाद शासनादेश जारी होने का नियम है। शासनादेश जारी नहीं हो सका था। लिहाजा टेंडर निकलने के बाद भी काम शुरू नहीं हो सका। अधीक्षण अभियंता रविदत्त ने बताया कि पहले लोक निर्माण विभाग ने स्थानीय स्तर पर काम शुरू कराने की तैयारी कर ली थी। अब चुनाव के बाद शासनादेश जारी होने पर ही काम शुरू हो सकेगा। संवाद
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