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सीओ पुलिस लाइंस ने दर्ज किए सिपाहियों के बयान

Fri, 22 Apr 2016 12:03 AM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Fri, 22 Apr 2016 12:03 AM IST
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बसपा के पूर्व विधायक योगेंद्र सागर के सजायाफ्ता रिश्तेदार तेजेंद्र सागर को ऐश कराने के मामले में एसएसपी सौमित्र यादव ने जांच सीओ लाइंस श्योराज सिंह को दी है। बुधवार को सीओ लाइन ने तीनों सिपाहियों के बयान दर्ज किए हैं। 
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तेजेंद्र सागर को अपहरण और दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा हो चुकी है। उसने अपनी रीढ़ की हड्डी में तकलीफ बताते हुए खुद को 18 अप्रैल को जेल से लखनऊ स्थित किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कराया था। तेजेंद्र सागर के साथ सिपाही सुरेश मिश्रा, नरेंद्र रावत और रामपाल को भेजा गया था। मेडिकल कॉलेज में न तो तेजेंद्र भर्ती हुआ और न ही उसका एमआरआई हुआ। 19 अप्रैल की रात पता लगा कि जिला अस्पताल के एक डॉक्टर की साठगांठ से तेजेंद्र जिला अस्पताल के नेत्ररोग वार्ड में आराम फरमा रहा है। 20 अप्रैल को तेजेंद्र जेल पहुंचा। यहां उसे जेल प्रशासन ने दाखिल कर लिया। उसकी अभिरक्षा में लगे सिपाही ने जेल प्रशासन को लिखकर दिया कि मेडिकल कॉलेज में एमआरआई के लिए आठ हजार रुपये मांगे गए। रुपये न होने की वजह से तेजेंद्र का एमआरआई नहीं हो सका।
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एसएसपी सौमित्र यादव ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले में जांच सीओ लाइन/सीओ दातागंज श्योराज सिंह को दे दी। बुधवार को सीओ लाइंस ने सिपाहियों के बयान दर्ज किए। सूत्रों की मानें तो बयानों में विरोधाभास है। 
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मुंशी लाल का बयान खोलेगा राज
सिपाही वार्ड ब्वाय के घर से मांग कर लाए थे चाबी
बदायूं। जिला अस्पताल प्रशासन और राजनीतिक रसूख वाले बंदियों-कैदियों की साठगांठ तेजेंद्र सागर के मामले में भी सामने आई है। दरअसल, जिला अस्पताल के एक डॉक्टर के कहने पर अनाधिकृत रूप से तेजेंद्र सागर को नेत्र रोग वार्ड में ऐश कराया गया था। 19 तारीख की रात जिला अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर डॉ. राजेश वर्मा की तैनाती थी। 
नेत्र रोग वार्ड में आमतौर पर रोगियों को भर्ती नहीं रखा जाता है। वार्ड की चाबी यहां के चतुर्थश्रेणी कर्मचारी मुंशीलाल के पास रहती है। सूत्रों की मानें तो एक डॉक्टर के कहने पर दो सिपाही 19 तारीख की रात मुंशीलाल के घर गए। वहां से चाबी लेकर आए। मुंशीलाल का कहना है कि उसने साहब के कहने पर सिपाहियों को चाबी दे दी थी। जांच कर रहे सीओ श्योराज सिंह भी इस बात को मान रहे हैं कि मुंशीलाल के बयान से राज खुल जाएगा कि किस डॉक्टर के कहने पर तेजेंद्र सागर को नेत्ररोग वार्ड में ऐश कराया गया। 

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सीएमएस ने नेत्ररोग विभाग को भेजा नोटिस
बदायूं। तेजेंद्र सागर मामले में जिला अस्पताल के सीएमएस ने नेत्र रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीणा माहेश्वरी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। सीएमएस का कहना है कि नेत्ररोग विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी है। बिना उनकी स्वीकृति के किसी भी व्यक्ति को वार्ड में भर्ती नहीं किया जा सकता। नोटिस का जवाब मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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