फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Clerk stole NGO-related data by copying it onto a pen drive and deleting the original files; CVO filed a formal complaint after the clerk found himself in a tight spot.

Budaun News: एनजीओ से संबंधित डाटा डिलीट कर पेनड्राइव में चुरा ले गया बाबू, गर्दन फंसी तो सीवीओ ने दी तहरीर

Thu, 01 Oct 2026 02:05 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2026 02:05 AM IST
विज्ञापन
Clerk stole NGO-related data by copying it onto a pen drive and deleting the original files; CVO filed a formal complaint after the clerk found himself in a tight spot.
बदायूं। जिले में दानवीर जन कल्याण सेवा समिति को ही दस गोशालाएं आवंटित करने के मामले में जिस बाबू आदिल की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही थी, वह बड़ा खिलाड़ी निकला। अभिगांव और ब्यौर की गोशाला में गोवंशों की मौत के बाद पशुपालन विभाग में जब एनजीओ से संबंधित डाटा विकास भवन स्थित पशुपालन विभाग के कार्यालय के कंप्यूटर पर देखा तो डाटा नहीं मिला।
विज्ञापन

सीडीओ सहित अन्य अफसरों ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) से एनजीओ से संबंधित डाटा मांगा तो बात खुली कि बाबू ने कंप्यूटर से डाटा डिलीट कर दिया है। बाबू एक पेनड्राइव में डाटा साथ ले गया है। सीवीओ ने बाबू को नोटिस भी जारी किया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। अब अपनी गर्दन फंसने पर सीवीओ ने बाबू के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी है।
विज्ञापन

बाबू आदिल की पशुपालन विभाग में मूल तैनाती बरेली में थी, लेकिन उसने अपना अटैचमेंट बदायूं के विकास भवन स्थित पशुपालन विभाग के कार्यालय में करा लिया था। जिले में लंबे समय से तैनात बाबू ने एनजीओ से सांठगांठ की और एक ही एनजीओ को 10 गोशालाएं दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

कुछ दिन पहले जब उसकी हरकतों के बारे में सीवीओ प्रेम सिंह कोहली को जानकारी हुई तो उन्होंने बाबू को बदायूं से बरेली के लिए रिलीव कर दिया, लेकिन बाबू ने बरेली जाने से पहले अपने सारे सबूत मिटा दिए। वह जिस पटल पर बैठता था, उसके कंप्यूटर से सारा डाटा पेनड्राइव में चोरी कर लिया और कंप्यूटर से डाटा डिलीट कर दिया। इससे विभागीय डाटा मिलने में दिक्कतें हो रही हैं।
बाबू के 15 दिन पहले चले जाने और डाटा डिलीट करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई तो दूर इसकी भनक सीडीओ तक को नहीं लगने दी गई। जब गोवंशों की मौत हुई तो सीडीओ की ओर से पशुपालन विभाग से डाटा मांगा गया, जो संबंधित अधिकारी नहीं दे पाए। इस पर सीडीओ ने सीवीओ का स्पष्टीकरण तलब किया।
मंगलवार को सीडीओ ने सीवीओ से पूछा कि कोई भी डाटा देने में आपको इतना समय क्यों लगता है। तब सीवीओ ने अपना दर्द बताया। इस पर सीडीओ ने कहा कि बाबू आदिल के खिलाफ तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराएं। इधर, सीवीओ डॉ प्रेम सिंह कोहली ने बताया कि बुधवार को बाबू आदिल के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में डाटा डिलीट करने और चोरी करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई है। अब पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई करेगी।
----
- इस प्रकरण में आरोपी बाबू आदिल के खिलाफ सीवीओ ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी है। सीवीओ ही इस मामले की जांच करा रहे हैं। - गामिनी सिंगला. सीडीओ
---
तहरीर देते ही मिल गई पेनड्राइव, प्रधान सहायक ने वापस ली तहरीर



बदायूं। सीवीओ कार्यालय के कनिष्ठ सहायक कमल कांत त्यागी ने बाबू आदिल के खिलाफ डाटा चोरी और डाटा डिलीट करने के मामले में सिविल लाइंस थाना में तहरीर दी गई थी। वहीं, बुधवार देर शाम पशुपालन विभाग के प्रधान सहायक अफसर हुसैन ने थाने पहुंचकर तहरीर वापस करा ली।



थानाध्यक्ष को दोनों के हस्ताक्षर से प्रार्थना पत्र दिया गया कि शाम छह बजे जो तहरीर दी गई, उसमें अब बाबू आदिल रशीद द्वारा अवशेष डाटा पेनड्राइव के माध्यम से सात बजे प्राप्त करा दिया गया है। वहीं इस मामले के बाद पशुपालन विभाग में बाबुओं की मनमानी भी खुलकर सामने आई है। इस संबंध में सीवीओ प्रेम सिंह कोहली ने बताया कि वह तहरीर दिलवाने के बाद गोशाला का निरीक्षण करने चले आए थे। तहरीर वापस करने की जानकारी नहीं है, अगर तहरीर वापस ली गई तो उन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।




इधर, एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि डाटा चोरी के संबंध में जो तहरीर सिविल लाइंस थाने में दी गई, वह डाटा मिलने की बात कहते हुए वापस ले ली गई है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed