UP: कक्षा एक की छात्रा ने मुंह में छिपाई माला, गले में मोती फंसने से गई जान; कई अस्पताल भटके पर नहीं मिला इलाज
स्कूल वाले छात्रा को निजी अस्पताल लेकर गए, लेकिन उन्हें बच्ची को बदायूं ले जाने को कह दिया गया। कई अस्पतालों में दिखाया लेकिन सभी डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। फिर उसे जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूपी के बदायूं स्थित ककराला के एक निजी स्कूल में सोमवार को क्लास में पढ़ाई के दौरान कक्षा एक की छात्रा तापसी की हालत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। स्कूल प्रबंधन का दावा है कि छात्रा ने स्टाफ को गले में मोती फंसने की बात बताई। यह मोती एक माला की थी, जिसे डर से छात्रा ने मुंह में छिपा लिया था। पूरा मामला स्कूल में लगे सीसी कैमरों में कैद होना भी बताया। हालत बिगड़ने के बाद बुलाए गए परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। मंगलवार को पोस्टमॉर्टम से सच्चाई सामने आ सकेगी।
गले में फंसा मोती
छह वर्षीय तापसी अलापुर थाना क्षेत्र के गांव उघैनी के टेकचंद की बेटी थी। वह न्यू होपस पब्लिक स्कूल में पढ़ती थी। प्रधानाचार्य भूराज सिंह के मुताबिक कक्षा में टीचर ने उसके हाथ में एक मोती की माला देखी तो उससे लेकर मेज पर रख दी। इसके बाद पीरियड बदला तो दूसरे टीचर कक्षा में आ गए। इसी दौरान तापसी ने अपनी माला उठा ली और मुंह में डाल ली। माला से एक मोती उसके गले में फंस गया। देखते ही देखते उसकी हालत बिगड़ गई।
कई अस्पताल भटके पर नहीं मिला इलाज
प्रबंधक अपनी कार से छात्रा को लेकर ककराला निजी अस्पताल गए, लेकिन उन्हें बच्ची को बदायूं शहर ले जाने को कह दिया गया। कई अस्पतालों में दिखाया लेकिन सभी डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। फिर उसे जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी। परिजनों ने स्कूल स्टाफ पर हत्या का आरोप लगाकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव मोर्चरी में रखवा दिया। मंगलवार को उसका पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।
पोस्टमार्टम के बाद सच आएगा सामने
मामले की जांच थाना पुलिस कर रही है। बच्ची की मौत का कारण जानने के लिए पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। जो भी तथ्य सामने आएगा उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -केके तिवारी, सीओ दातागंज