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रफियाबाद की गोशाला में छह गायों की मौत, अंदर गड्ढा खोदकर दफनाईं लाशें

Fri, 08 May 2020 12:59 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 08 May 2020 12:59 AM IST
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Civic Amenities, cow
बदायूं। जिला प्रशासन गोशालाओं में पल रहे गोवंशीय पशुओं के लिए भूसा और हरा चारा मुहैया कराने में लगा है। बावजूद इसके गोशालाओं में पशुओं की हालत बद से बदतर हो रही है। बिनावर इलाके की रफियाबाद गांव स्थित गोशाला में गायों की स्थिति बेहद दयनीय है। यहां एक सप्ताह में छह गायों की मौत हो गई। मामला दबाने के लिए मृत गायों को गोशाला परिसर में दफना दिया गया है। एक गाय की बुधवार रात मौत हुई। जबकि वहां एक गाय जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
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सालारपुर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम रफियाबाद में बनी वृहद गोशाला का निर्माण करीब एक साल पहले हुआ था। इस गोशाला में गोवंशीय पशुओं को कोई दिक्कत न आए इसके लिए तत्कालीन डीएम दिनेश कुमार सिंह ने भूसा दान करने की प्रथा शुरू कराई थी। रफियाबाद गोशाला की तरक्की के लिए प्रत्येक कदम उठाया, लेकिन पिछले कुछ दिनों से गोशाला के अंदर अनहोनी घटनाएं हो रहीं हैं। रफियाबाद निवासी ग्रामीणों के मुताबिक गोशाला में पिछले एक सप्ताह में छह गायों की मौत हो चुकी है। ये गायें कैसे मरीं इसकी पुष्टि तो नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीण गायों के मरने की वजह चारा और पानी न मिलना बता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गोशाला में इस समय 263 गायें हैं। इससे कुछ समय पहले गायों की संख्या 275 थी। एक सप्ताह के अंदर छह गायों की मौत हो गई। एक गाय की मौत बुधवार देर रात हुई थी। जबकि एक गाय जिंदगी मौत के बीच जूझ रही है। बताते हैं कि गोशाला में छह गायें ऐसी हैं जो दूध देती हैं। उनका बेहद ख्याल रखा जाता है। बाकी गायों को भूसा जहां तहां डाल दिया जाता है। इससे गायों को भरपेट चारा नहीं मिल रहा है और वह दम तोड़ रहीं हैं।
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इस समय गायों को नया भूसा खाने को मिल रहा है। इससे उनका पेट फूल जाता है। दो दिन पहले एक गाय की मौत हुई थी। एक गाय की मौत रात हुई है। इस समय एक गाय का इलाज चल रहा है।
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डॉ. नरेंद्र कुमार, पशु चिकित्सा अधिकारी
- गायों की मौत कैसे हुई। इसके बारे में डॉक्टर ही बता सकते हैं। बाकी हमारा काम भूसा और हरे चारे का इंतजाम करना है। एक गाय रात मर गई थी। इसके कोई गाय मरी है तो हम इसका पता करते हैं।
राजेश कुमार, ग्राम प्रधान
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