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कछला गंगाघाट पर वाहन लेकर पहुंचे तो देना पड़ेगा पार्किंग शुल्क
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कछला में गंगाघाट। फाइल फोटो
- फोटो : BADAUN
बदायूं। कछला गंगाघाट पर श्रद्धालुओं को अपने वाहन खड़े करने पर अब पार्किंग शुल्क देना पड़ेगा। इसके लिए कछला नगर पंचायत प्रशासन ने पिछले महीने ठेका नीलामी की अभिलेखीय औपचारिकता पूरी कर ली। इधर, शुल्क वसूली की कार्रवाई शुरू होती, उससे पहले ही अनुमति पत्र को लेकर पेच फंस गया है। चौकी पुलिस ने यह कहते हुए तब तक शुल्क वसूल नहीं करने के लिए कह दिया, जब तक कि ठेकेदार उन्हें नगर पंचायत से अनुमति पत्र नहीं सौंपता।
गंगाघाट पर खासकर पूर्णिमा और विशेष स्नान पर्वों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। श्रद्धालुओं में जिले के ही नहीं, बल्कि मथुरा, आगरा, हाथरस और कासगंज के साथ अन्य प्रदेशों में राजस्थान और मध्यप्रदेश के महिला-पुरुष शामिल होते हैं। अधिकतर श्रद्धालु निजी वाहनों में कार, पिकअप, मेटाडोर या फिर प्राइवेट बसों से आते हैं। इसी के मद्देनजर पिछले महीने नगर पंचायत प्रशासन ने अपनी आय बढ़ाने के उद्देश्य से गंगाघाट पार्किंग शुल्क वसूलने का निर्णय लिया। अभिलेखीय औपचारिकता के साथ ही नीलामी प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई।
इसके तहत बरेली-मथुरा हाईवे नहीं, बल्कि गंगाघाट पर रुकने वाले वाहन से पार्किंग शुल्क वसूला जाना है। हालांकि पार्किंग शुल्क से वे सभी वाहन मुक्त रहेंगे, जो शव को अंतिम संस्कार के लिए आने-जाने में इस्तेमाल होंगे। ठेका होने के बाद ठेकेदार ने तीन-चार दिन पहले पार्किंग शुल्क वसूली के लिए कदम उठाया तो पुलिस ने उसे रोक दिया। बकौल कछला चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार, पार्किग शुल्क का ठेका होने या नहीं होने के बारे में पुलिस को नगर पंचायत की ओर से कोई पत्र नहीं सौंपा गया है। ठेकेदार ने भी उन्हें अनुमति पत्र नहीं दिखाया है। इसे लेकर ईओ रतन कुमार पांडेय और चौकी इंचार्ज के बीच बातचीत भी हुई लेकिन फिलहाल कोई नतीजा निकल पाया है।
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.. तो फिर आरती स्थल के पास खड़े होंगे श्रद्धालुओं के वाहन
पार्किंग शुल्क ठेका आवंटित करने से पहले नगर निकाय के लिए पार्किंग स्थल पर पेयजल, शौचालय और बैठने के लिए टिनशेड की व्यवस्था करनी होती है। गंगाघाट पर आरती स्थल का चबूतरा तो बना है लेकिन वहां टिनशेड नहीं है। नगर पंचायत प्रशासन ने आरती स्थल के पास को पार्किंग के लिए चुना है। दूसरी तरफ कासगंज जिले के छोर वाले घाट पर घाट की तरफ कदम बढ़ते ही वाहनों पर पार्किंग शुल्क लागू होगा।
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नगर पंचायत कछला ने गंगाघाट पर अगर पार्किंग का ठेका किया है तो नियमानुसार ही किया होगा। कोई भी निकाय अपने क्षेत्र में अगर पार्किंग की सुविधा मुहैया कराता है तो वह शुल्क वसूल कर सकता है। बोर्ड का प्रस्ताव होना चाहिए।
- विजय कुमार सिंह, एडीएम-प्रशासन
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गंगाघाट पर पार्किंग शुल्क का ठेका नियमानुसार किया गया है। शुल्क मिलेगा तो उसका इस्तेमाल गंगाघाट पर श्रद्धालुओं समेत कस्बे के लोगों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने में किया जाएगा। शुल्क वसूली को लेकर जो दिक्कत है, उससे अफसरों को बता दिया गया है।
- रतन कुमार पांडेय, ईओ, कछला
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गंगाघाट पर खासकर पूर्णिमा और विशेष स्नान पर्वों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। श्रद्धालुओं में जिले के ही नहीं, बल्कि मथुरा, आगरा, हाथरस और कासगंज के साथ अन्य प्रदेशों में राजस्थान और मध्यप्रदेश के महिला-पुरुष शामिल होते हैं। अधिकतर श्रद्धालु निजी वाहनों में कार, पिकअप, मेटाडोर या फिर प्राइवेट बसों से आते हैं। इसी के मद्देनजर पिछले महीने नगर पंचायत प्रशासन ने अपनी आय बढ़ाने के उद्देश्य से गंगाघाट पार्किंग शुल्क वसूलने का निर्णय लिया। अभिलेखीय औपचारिकता के साथ ही नीलामी प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई।
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इसके तहत बरेली-मथुरा हाईवे नहीं, बल्कि गंगाघाट पर रुकने वाले वाहन से पार्किंग शुल्क वसूला जाना है। हालांकि पार्किंग शुल्क से वे सभी वाहन मुक्त रहेंगे, जो शव को अंतिम संस्कार के लिए आने-जाने में इस्तेमाल होंगे। ठेका होने के बाद ठेकेदार ने तीन-चार दिन पहले पार्किंग शुल्क वसूली के लिए कदम उठाया तो पुलिस ने उसे रोक दिया। बकौल कछला चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार, पार्किग शुल्क का ठेका होने या नहीं होने के बारे में पुलिस को नगर पंचायत की ओर से कोई पत्र नहीं सौंपा गया है। ठेकेदार ने भी उन्हें अनुमति पत्र नहीं दिखाया है। इसे लेकर ईओ रतन कुमार पांडेय और चौकी इंचार्ज के बीच बातचीत भी हुई लेकिन फिलहाल कोई नतीजा निकल पाया है।
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.. तो फिर आरती स्थल के पास खड़े होंगे श्रद्धालुओं के वाहन
पार्किंग शुल्क ठेका आवंटित करने से पहले नगर निकाय के लिए पार्किंग स्थल पर पेयजल, शौचालय और बैठने के लिए टिनशेड की व्यवस्था करनी होती है। गंगाघाट पर आरती स्थल का चबूतरा तो बना है लेकिन वहां टिनशेड नहीं है। नगर पंचायत प्रशासन ने आरती स्थल के पास को पार्किंग के लिए चुना है। दूसरी तरफ कासगंज जिले के छोर वाले घाट पर घाट की तरफ कदम बढ़ते ही वाहनों पर पार्किंग शुल्क लागू होगा।
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नगर पंचायत कछला ने गंगाघाट पर अगर पार्किंग का ठेका किया है तो नियमानुसार ही किया होगा। कोई भी निकाय अपने क्षेत्र में अगर पार्किंग की सुविधा मुहैया कराता है तो वह शुल्क वसूल कर सकता है। बोर्ड का प्रस्ताव होना चाहिए।
- विजय कुमार सिंह, एडीएम-प्रशासन
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गंगाघाट पर पार्किंग शुल्क का ठेका नियमानुसार किया गया है। शुल्क मिलेगा तो उसका इस्तेमाल गंगाघाट पर श्रद्धालुओं समेत कस्बे के लोगों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने में किया जाएगा। शुल्क वसूली को लेकर जो दिक्कत है, उससे अफसरों को बता दिया गया है।
- रतन कुमार पांडेय, ईओ, कछला