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अधिकारियों से लगाई गुहार...हमारे मत तोड़ो आशियाने बिखर जाएगा परिवार
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कबूलपुरा के लोगों को समझाते तहसीलदार।संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। शहर समेत जिले में तमाम शत्रु संपत्तियों समेत विवादित संपत्तिया भूमाफिया ने खुर्द बुर्द करके बेच लीं, लेकिन प्रशासन उन पर बुलडोजर चलवाना तो दूर, एक छोटी कार्रवाई तक नहीं कर सका। पर, कबूलपुरा की शत्रु संपत्ति प्रशासन को तत्काल नजर आ गई, जहां तमाम गरीब परिवारों ने पाई-पाई करके अपना आशियाना बना लिया है। शुक्रवार को भी तमाम लोग सदर विधायक से मिलने पहुंचे, लेकिन वह नहीं मिले। इसके बाद उन्होंने डीएम से गुहार लगाई।
तहसील प्रशासन ने बृहस्पतिवार को शहर के मोहल्ला कबूलपुरा नई बस्ती पहुंचकर वहां पर शत्रु संपत्ति पर हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त करना शुरू कर दिया था। जब लोगों ने ज्यादा विरोध किया तो बाकी लोगों को 15 दिन का समय देकर अधिकारी वापस आ गए। बृहस्पतिवार शाम को मोहल्लेवासी सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता के आवास पर पहुंचे पर वह नहीं मिले। इसके बाद में डीएम के पास गए पर वह भी नहीं मिल सकीं।
पीड़ित लोग शुक्रवार सुबह फिर सदर विधायक से मिलने उनके आवास पर पहुंचे, लेकिन वह आवास पर नहीं मिले। उसके बाद में लोग कलक्ट्रेट में डीएम दीपा रंजन से मिले और अपनी बात बताते हुए प्रार्थना पत्र दिया। इसी बीच जानकारी होने पर तहसीलदार करनवीर सिंह भी कलक्ट्रेट पहुंच गए। उन्होंने वहां पर मिले लोगों को समझाकर वापस भेज दिया।
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प्रार्थना पत्र देने वालों में हैदर अली खां, उर्मिला, रहीश अहमद, कमलेश, मोहम्मद इरफान, रमेश चौहान, प्रमोद आदि मौजूद रहे।
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लोग बोले- 20 सालों से रह रहे, अब बेघर करने पर तुला प्रशासन
कबूलपुरा निवासी कमरजान, हैदर अली, इदरीसा बेगम, इरशाद आदि का कहना है कि वे लोग बेहद गरीब हैं और जैसे तैसे अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। यहां लगभग 250 घरों में लगभग सात सौ लोग पिछले 20 सालों से रह रहे हैं। उन्होंने अपने घर बैंकों से ऋण लेकर बनाए हैं तथा उनके पास बैनामे तथा मुख्तयारनामे भी हैं। बृहस्पतिवार को प्रशासनिक अधिकारी यहां आ गए और कई निर्माण ध्वस्त कर दिए। उन्हें 15 दिन के अंदर आवास खाली करने की चेतावनी दी गई है। ऐसे में वे कहां जाएंगे। इधर, डीएम दीपा रंजन ने इन लोगों को पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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तहसील प्रशासन ने बृहस्पतिवार को शहर के मोहल्ला कबूलपुरा नई बस्ती पहुंचकर वहां पर शत्रु संपत्ति पर हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त करना शुरू कर दिया था। जब लोगों ने ज्यादा विरोध किया तो बाकी लोगों को 15 दिन का समय देकर अधिकारी वापस आ गए। बृहस्पतिवार शाम को मोहल्लेवासी सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता के आवास पर पहुंचे पर वह नहीं मिले। इसके बाद में डीएम के पास गए पर वह भी नहीं मिल सकीं।
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पीड़ित लोग शुक्रवार सुबह फिर सदर विधायक से मिलने उनके आवास पर पहुंचे, लेकिन वह आवास पर नहीं मिले। उसके बाद में लोग कलक्ट्रेट में डीएम दीपा रंजन से मिले और अपनी बात बताते हुए प्रार्थना पत्र दिया। इसी बीच जानकारी होने पर तहसीलदार करनवीर सिंह भी कलक्ट्रेट पहुंच गए। उन्होंने वहां पर मिले लोगों को समझाकर वापस भेज दिया।
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प्रार्थना पत्र देने वालों में हैदर अली खां, उर्मिला, रहीश अहमद, कमलेश, मोहम्मद इरफान, रमेश चौहान, प्रमोद आदि मौजूद रहे।
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लोग बोले- 20 सालों से रह रहे, अब बेघर करने पर तुला प्रशासन
कबूलपुरा निवासी कमरजान, हैदर अली, इदरीसा बेगम, इरशाद आदि का कहना है कि वे लोग बेहद गरीब हैं और जैसे तैसे अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। यहां लगभग 250 घरों में लगभग सात सौ लोग पिछले 20 सालों से रह रहे हैं। उन्होंने अपने घर बैंकों से ऋण लेकर बनाए हैं तथा उनके पास बैनामे तथा मुख्तयारनामे भी हैं। बृहस्पतिवार को प्रशासनिक अधिकारी यहां आ गए और कई निर्माण ध्वस्त कर दिए। उन्हें 15 दिन के अंदर आवास खाली करने की चेतावनी दी गई है। ऐसे में वे कहां जाएंगे। इधर, डीएम दीपा रंजन ने इन लोगों को पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।