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उझानी-कादरचौक मार्ग पर फिर फंसे ओवरलोड वाहन
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उझानी में एक-दूसरे को मिठाई खिलाते भाजपा नेता। संवाद
- फोटो : BADAUN
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उझानी (बदायूं)। रेलवे स्टेशन पर मक्का की रैक लोड होने के कारण कादरचौक मार्ग पर सोमवार को एक बार फिर ओवरलोड वाहनों की कतार लग गई। बेतरतीब खड़े ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की वजह से छोटे सवारी वाहन को निकलने में दिक्कत आई। जल्दी आगे निकलने के फेर में ओवरलोड ट्रॉली से मक्का के कट्टे भी गिर गए।
उझानी-कादरचौक मार्ग पर धर्मकांटा होने की वजह से रैक लोडिंग से पहले अनाज लदे वाहनों की तौल कराई जाती है। तौल के लिए सोमवार सुबह से रेलवे फाटक के पास वाहनों की लंबी कतार लग गई। इनमें ट्रकों के अलावा अधिकतर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां थीं। ट्रॉलियों में डाला से कई गुना अधिक कट्टे लोड कर दिए गए थे।
राहगीर अनिल कुमार ने बताया कि सुबह करीब नौ बजे एक चालक ने सड़क किनारे खड़े ट्रकों के पास से ओवरलोड ट्रैक्टर- ट्रॉली आगे निकालने को प्रयास किया तो उस पर लदे कट्टे गिरने लगे। इस कारण काफी दिक्कत आई।
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पंखा रोड नई बस्ती निवासी ब्रजेश का कहना है कि रैक लोड होने से पहले धर्मकांटे के आसपास अनाज लदे वाहनों को साइड में खड़ा नहीं किया जाता तो वाहन ओवरलोडेड होने के बाद भी अफसर इस ओर गौर नहीं करते।
बता दें कि पिछले सप्ताह कस्तूरबा आवासीय विद्यालय के मोड़ पर मक्का लदी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली नाले में घुस गई थी। हादसे में दो मजदूर मामूली रूप से घायल भी हुए थे। दोनों बार ही उझानी-कादरचौक मार्ग पर सवारी वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा।
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एक-दो दिन दिखा पुलिस की चेतावनी का असर
उझानी-कादरचौक मार्ग पर रेलवे फाटक के पास अनाज लदे ओवरलोडेड वाहनों की वजह से सबसे ज्यादा दिक्कत एंबुलेंस से जा रहे मरीजों और गर्भवती महिलाओं को होती है। पांच दिन पहले मक्का की रैक लोडिंग के दौरान कुछ इसी तरह से बेतरतीब वाहनों के खड़े होने से एंबुलेंस फंस गई थी। शिकायत कोतवाली पुलिस तक पहुंची तो प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह बालियान ने खुद मौके पर पहुंचकर चालकों को अपने-अपने वाहन सड़क घेर कर खड़े नहीं किए जाने की हिदायत दी थी। कुछ दिन चेतावनी का असर दिखा, अब एक बार स्थिति वैसी ही हो गई है।
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उझानी-कादरचौक मार्ग पर धर्मकांटा होने की वजह से रैक लोडिंग से पहले अनाज लदे वाहनों की तौल कराई जाती है। तौल के लिए सोमवार सुबह से रेलवे फाटक के पास वाहनों की लंबी कतार लग गई। इनमें ट्रकों के अलावा अधिकतर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां थीं। ट्रॉलियों में डाला से कई गुना अधिक कट्टे लोड कर दिए गए थे।
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राहगीर अनिल कुमार ने बताया कि सुबह करीब नौ बजे एक चालक ने सड़क किनारे खड़े ट्रकों के पास से ओवरलोड ट्रैक्टर- ट्रॉली आगे निकालने को प्रयास किया तो उस पर लदे कट्टे गिरने लगे। इस कारण काफी दिक्कत आई।
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पंखा रोड नई बस्ती निवासी ब्रजेश का कहना है कि रैक लोड होने से पहले धर्मकांटे के आसपास अनाज लदे वाहनों को साइड में खड़ा नहीं किया जाता तो वाहन ओवरलोडेड होने के बाद भी अफसर इस ओर गौर नहीं करते।
बता दें कि पिछले सप्ताह कस्तूरबा आवासीय विद्यालय के मोड़ पर मक्का लदी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली नाले में घुस गई थी। हादसे में दो मजदूर मामूली रूप से घायल भी हुए थे। दोनों बार ही उझानी-कादरचौक मार्ग पर सवारी वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा।
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एक-दो दिन दिखा पुलिस की चेतावनी का असर
उझानी-कादरचौक मार्ग पर रेलवे फाटक के पास अनाज लदे ओवरलोडेड वाहनों की वजह से सबसे ज्यादा दिक्कत एंबुलेंस से जा रहे मरीजों और गर्भवती महिलाओं को होती है। पांच दिन पहले मक्का की रैक लोडिंग के दौरान कुछ इसी तरह से बेतरतीब वाहनों के खड़े होने से एंबुलेंस फंस गई थी। शिकायत कोतवाली पुलिस तक पहुंची तो प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह बालियान ने खुद मौके पर पहुंचकर चालकों को अपने-अपने वाहन सड़क घेर कर खड़े नहीं किए जाने की हिदायत दी थी। कुछ दिन चेतावनी का असर दिखा, अब एक बार स्थिति वैसी ही हो गई है।