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तमिलनाडु के लिए मक्का की रैक लोड
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उझानी से मक्का की रैक लोड होने के बाद प्लेटफार्म की सफाई करते लोग। संवाद
- फोटो : BADAUN
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उझानी (बदायूं)। अगेती फसल में बंपर पैदावार और अच्छी गुणवत्ता के कारण यहां से कई राज्यों को मक्का भेजी जा रही है। जिले की मंडियों में आढ़तियों के जरिये इस सप्ताह तीसरी रैक मंगलवार को पेरंबूर (तमिलनाडु) के लिए लोड की गई। उड़ीसा और गुजरात के लिए दो रैक पहले ही लोड करके भेजी जा चुकी हैं। इस बार पिछली बार के मुकाबले मूल्य भी प्रति क्विंटल 250 रुपये ज्यादा है।
रेलवे स्टेशन के मालगोदाम प्लेटफार्म से मक्का की रैक लोडिंग का काम मंगलवार तड़के शुरू हुआ। स्थानीय आढ़तियों के जरिये (मालगाड़ी) रैक अपराह्न तक लोड हुई। आढ़ती उपेंद्र शर्मा ने बताया कि बदायूं जिले की मक्का की गुणवत्ता काफी अच्छी है, इसलिए इसकी मांग अधिक है। बरेली और दिल्ली की कंपनियों के जरिये बदायूं, बिल्सी, सहसवान, उझानी आदि मंडियों से ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मक्का रैक तक मुहैया कराई गई। आने वाले दिनों में दो-तीन रैक और लोड होने के आसार हैं। इसी सप्ताह गुजरात और उड़ीसा के लिए भी मक्का की रैक लोड होकर जा चुकी है। दक्षिणी राज्यों में निर्यात के लिए कंपनियों के संचालक स्थानीय आढ़तियों से संपर्क बनाए हुए हैं।
स्टेशन अधीक्षक विपिन कुमार ने बताया कि रैक लोड होने से रेलवे की आमदनी में इजाफा हो रहा है। बता दें कि पूरे जिले में उझानी स्टेशन पर रैक लोड किए जाने की सुविधा है। लोडिंग और अनलोडिंग के लिए यहां अलग से प्लेटफार्म है।
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बेहतर गुणवत्ता की वजह से मिल रहा है अच्छा दाम
बदायूं जिले में अगेती मक्का का रकबा पिछले साल के मुकाबले अधिक बताया जा रहा है। पिछले साल इन दिनों में मानसून की बारिश शुरू हो जाने के बाद गहाई के दिनों में अगेती मक्का की फसल का दाना दागदार हो गया था। दागदार दानों की वजह से मार्केट में दाम भी अच्छा नहीं मिल पाया था। मक्का 18 सौ रुपये प्रति क्विंटल के करीब ही बिक पाई थी लेकिन इस बार बारिश नहीं होने से किसानों को गहाई का पूरा समय मिल गया। जानकार बताते हैं कि आने दिनों में बारिश होने से अगेती मक्का की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
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विदेश में गेहूं के निर्यात पर लग चुकी है रोक
उझानी से गेहूं की करीब एक दर्जन रैक लोड हो चुकी हैं। गेहूं गुजरात और आंध्र प्रदेश के बंदरगाहों के जरिये उन देशों में निर्यात किया गया था, जहां गेहूं का उत्पादन कम है। गेहूं के उत्पादक देशों में यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध चलने की वजह से कई देशों में अनाज का संकट आ गया था। अनाज निर्यातक कंपनियों के जरिये गेहूं विदेश भेजा गया तो भारत में गेहूं पर महंगाई की मार पड़ गई। इसके चलते केंद्र सरकार ने गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी।
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रेलवे स्टेशन के मालगोदाम प्लेटफार्म से मक्का की रैक लोडिंग का काम मंगलवार तड़के शुरू हुआ। स्थानीय आढ़तियों के जरिये (मालगाड़ी) रैक अपराह्न तक लोड हुई। आढ़ती उपेंद्र शर्मा ने बताया कि बदायूं जिले की मक्का की गुणवत्ता काफी अच्छी है, इसलिए इसकी मांग अधिक है। बरेली और दिल्ली की कंपनियों के जरिये बदायूं, बिल्सी, सहसवान, उझानी आदि मंडियों से ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मक्का रैक तक मुहैया कराई गई। आने वाले दिनों में दो-तीन रैक और लोड होने के आसार हैं। इसी सप्ताह गुजरात और उड़ीसा के लिए भी मक्का की रैक लोड होकर जा चुकी है। दक्षिणी राज्यों में निर्यात के लिए कंपनियों के संचालक स्थानीय आढ़तियों से संपर्क बनाए हुए हैं।
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स्टेशन अधीक्षक विपिन कुमार ने बताया कि रैक लोड होने से रेलवे की आमदनी में इजाफा हो रहा है। बता दें कि पूरे जिले में उझानी स्टेशन पर रैक लोड किए जाने की सुविधा है। लोडिंग और अनलोडिंग के लिए यहां अलग से प्लेटफार्म है।
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बेहतर गुणवत्ता की वजह से मिल रहा है अच्छा दाम
बदायूं जिले में अगेती मक्का का रकबा पिछले साल के मुकाबले अधिक बताया जा रहा है। पिछले साल इन दिनों में मानसून की बारिश शुरू हो जाने के बाद गहाई के दिनों में अगेती मक्का की फसल का दाना दागदार हो गया था। दागदार दानों की वजह से मार्केट में दाम भी अच्छा नहीं मिल पाया था। मक्का 18 सौ रुपये प्रति क्विंटल के करीब ही बिक पाई थी लेकिन इस बार बारिश नहीं होने से किसानों को गहाई का पूरा समय मिल गया। जानकार बताते हैं कि आने दिनों में बारिश होने से अगेती मक्का की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
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विदेश में गेहूं के निर्यात पर लग चुकी है रोक
उझानी से गेहूं की करीब एक दर्जन रैक लोड हो चुकी हैं। गेहूं गुजरात और आंध्र प्रदेश के बंदरगाहों के जरिये उन देशों में निर्यात किया गया था, जहां गेहूं का उत्पादन कम है। गेहूं के उत्पादक देशों में यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध चलने की वजह से कई देशों में अनाज का संकट आ गया था। अनाज निर्यातक कंपनियों के जरिये गेहूं विदेश भेजा गया तो भारत में गेहूं पर महंगाई की मार पड़ गई। इसके चलते केंद्र सरकार ने गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी।