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56 ग्राम पंचायतें होंगी ओडीएफ प्लस, स्वच्छता के साथ आमदनी बढ़ेगी
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बदायूं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले की ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस करने का काम शुरू हो गया है। पहले चरण में जिले की पांच हजार से ज्यादा आबादी वाली 56 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस करने के लिए चुना गया है। ओडीएफ प्लस ग्राम पंचायतों में स्वच्छता के साथ उनकी आमदनी भी बढ़ेगी। ग्राम पंचायतों में ठोस और तरल कचरे को अलग कर उसे उपयोगी बनाया जाएगा।
जिले के 15 ब्लॉकों में 1037 ग्राम पंचायतें हैं। सभी को केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2018 में खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया जा चुका है। अब स्वच्छता को प्रत्येक व्यक्ति की आदत में शामिल कराने के उद्देश्य से ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस बनाया जाएगा। इसके तहत सर्वेक्षण में छूटे परिवारों के लिए शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए बेस लाइन सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। ओडीएफ प्लस के पहले चरण में शामिल पांच हजार से ज्यादा आबादी की 56 ग्राम पंचायतों के धार्मिक स्थलों, स्कूलों, पंचायत भवनों, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, गलियों, चौराहों और दीवारों पर स्वच्छता से संबंधित पेंटिंग बनाई जाएंगी।
जिले की 10 ग्राम पंचायतों के प्रधान, डीपीआरओ के साथ ओडीएफ प्लस संबंधी प्रस्तुतीकरण के लिए लखनऊ गए थे। वहां पर उनके प्रोजेक्ट को सराहा गया।
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ग्राम पंचायत में होगा कूड़ा निस्तारण का प्रबंध
ओडीएफ प्लस के तहत गांवों में कूड़ा निस्तारण का प्रबंध किया जाएगा। जैविक और प्लास्टिक कूड़े को अलग किया जाएगा। जैविक कूड़े से खाद बनाई जाएगी। प्लास्टिक समेत अन्य कूड़े को बिक्री के लिए एकत्र किया जाएगा। इससे होने वाली आमदनी को गांव के विकास पर खर्च किया जाएगा। ओडीएफ प्लस ग्राम पंचायतों में गंदे पानी का सही निस्तारण, हर घर शौचालय का शत-प्रतिशत उपयोग, गोवर्धन योजना लागू कर पशुओं के गोबर से अन्य उपयोगी उत्पाद बनाए जाएंगे। ग्राम पंचायतों में जैविक खाद तैयार कर उसकी बिक्री भी की जाएगी।
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इन बिंदुओं पर रहेगा फोकस
- गांवों की गलियों और नालियों की सफाई पर विशेष ध्यान
- जलभराव की समस्याओं का निस्तारण
- वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, जल संरक्षण और जल संचयन।
- जगह-जगह कूड़े के ढेर नहीं लगने दिए जाएंगे।
- प्राथमिक विद्यालयों की सफाई पर विशेष ध्यान
- ग्रामीणों और बच्चों में सफाई के प्रति जागरूकता
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जिले में 56 ग्राम पंचायतों का चयन हुआ है, जहां पर ओडीएफ प्लस के तहत काम होगा। इसमें 10 ग्राम प्रधान प्रस्तुतिकरण के लिए लखनऊ गए थे। उन्होंने वहां अपनी प्रस्तुति दी जो काफी सराही गई। अब इस दिशा में काम किया जाएगा।
-श्रेया मिश्रा, डीपीआरओ
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जिले के 15 ब्लॉकों में 1037 ग्राम पंचायतें हैं। सभी को केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2018 में खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया जा चुका है। अब स्वच्छता को प्रत्येक व्यक्ति की आदत में शामिल कराने के उद्देश्य से ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस बनाया जाएगा। इसके तहत सर्वेक्षण में छूटे परिवारों के लिए शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए बेस लाइन सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। ओडीएफ प्लस के पहले चरण में शामिल पांच हजार से ज्यादा आबादी की 56 ग्राम पंचायतों के धार्मिक स्थलों, स्कूलों, पंचायत भवनों, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, गलियों, चौराहों और दीवारों पर स्वच्छता से संबंधित पेंटिंग बनाई जाएंगी।
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जिले की 10 ग्राम पंचायतों के प्रधान, डीपीआरओ के साथ ओडीएफ प्लस संबंधी प्रस्तुतीकरण के लिए लखनऊ गए थे। वहां पर उनके प्रोजेक्ट को सराहा गया।
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ग्राम पंचायत में होगा कूड़ा निस्तारण का प्रबंध
ओडीएफ प्लस के तहत गांवों में कूड़ा निस्तारण का प्रबंध किया जाएगा। जैविक और प्लास्टिक कूड़े को अलग किया जाएगा। जैविक कूड़े से खाद बनाई जाएगी। प्लास्टिक समेत अन्य कूड़े को बिक्री के लिए एकत्र किया जाएगा। इससे होने वाली आमदनी को गांव के विकास पर खर्च किया जाएगा। ओडीएफ प्लस ग्राम पंचायतों में गंदे पानी का सही निस्तारण, हर घर शौचालय का शत-प्रतिशत उपयोग, गोवर्धन योजना लागू कर पशुओं के गोबर से अन्य उपयोगी उत्पाद बनाए जाएंगे। ग्राम पंचायतों में जैविक खाद तैयार कर उसकी बिक्री भी की जाएगी।
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इन बिंदुओं पर रहेगा फोकस
- गांवों की गलियों और नालियों की सफाई पर विशेष ध्यान
- जलभराव की समस्याओं का निस्तारण
- वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, जल संरक्षण और जल संचयन।
- जगह-जगह कूड़े के ढेर नहीं लगने दिए जाएंगे।
- प्राथमिक विद्यालयों की सफाई पर विशेष ध्यान
- ग्रामीणों और बच्चों में सफाई के प्रति जागरूकता
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जिले में 56 ग्राम पंचायतों का चयन हुआ है, जहां पर ओडीएफ प्लस के तहत काम होगा। इसमें 10 ग्राम प्रधान प्रस्तुतिकरण के लिए लखनऊ गए थे। उन्होंने वहां अपनी प्रस्तुति दी जो काफी सराही गई। अब इस दिशा में काम किया जाएगा।
-श्रेया मिश्रा, डीपीआरओ