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गर्मी के कारण तेजी नहीं पकड़ पा रहा तालाबों की खोदाई का काम
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ब्लॉक अंबियापुर में चल रहा तालाब का जीर्णोद्घार। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। बरसात के पानी को एकत्र करने के लिए मनरेगा से पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार कराया जा रहा हैं, जबकि कुछ नए तालाबों को खोदा जा रहा है ताकि घटते हुए जलस्तर को रोका जा सके। इसके लिए मनरेगा ने इस साल प्रत्येक ब्लॉक के 20-20 तालाबों का चयन किया है। विभाग का दावा है कि तालाब खोदाई में करीब सात हजार श्रमिक काम कर रहे हैं, हालांकि तालाब खोदाई का काम उस गति से नहीं हो पा रहा है, जिस गति से होना चाहिए।
जिले के 15 में तीन ब्लॉक डार्कजोन हैं। इसमें अंबियापुर, इस्लामनगर और आसफपुर शामिल हैं। इन ब्लॉक के अलावा अन्य ब्लॉकों में भी पानी की समस्या खड़ी होने लगी है, क्योंकि काफी तेजी से भूजल स्तर में गिरावट आ रही है। ऐसे में आने वाले समय में अन्य ब्लॉक भी डॉर्कजोन में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में गिरते हुए भूजल को रोकने की दिशा में शासन ने कदम उठाया है, जिसके तहत प्रत्येक ब्लॉक में तालाबों को खोदवाने के निर्देश दिए गए। शासन से निर्देश मिलने के बाद में जिलास्तर पर इसकी तैयारी की गई और प्रत्येक ब्लॉक में 20-20 तालाबों का चयन किया गया।
सभी ब्लॉको में चयनित तालाबों के जीर्णोद्धार का काम शुरू हो गया है। मानसून आने से पहले इन तालाबों का काम पूरा करना है लेकिन खोदाई की गति को देखते हुए ऐसा हो पाना मुश्किल लग रहा है।
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दोपहर में नदारद रहते हैं अधिकतर श्रमिक
मनरेगा से जिले में तीन सौ तालाबों की खोदाई का काम चल रहा है। अप्रैल में तो काम तेजी से हुआ था, लेकिन मई में पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इसकी वजह से तालाब खोदाई का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। अधिकतर श्रमिक दोपहर के समय नदारद मिल रहे हैं। ऐसे में तालाब खोदाई पर अब ब्रेक से लगे हुए हैं।
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प्रत्येक ब्लॉक में 20-20 तालाबों का चयन किया गया है। वहां पर काम कराया जा रहा है। कुछ जगहों पर धीमी गति से खोदाई हो रही थी, ऐसे में वहां पर श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि मानसून आने से पहले तालाब खोदाई का काम कराया जा सके।
-रामसागर यादव, डीसी मनरेगा
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जिले के 15 में तीन ब्लॉक डार्कजोन हैं। इसमें अंबियापुर, इस्लामनगर और आसफपुर शामिल हैं। इन ब्लॉक के अलावा अन्य ब्लॉकों में भी पानी की समस्या खड़ी होने लगी है, क्योंकि काफी तेजी से भूजल स्तर में गिरावट आ रही है। ऐसे में आने वाले समय में अन्य ब्लॉक भी डॉर्कजोन में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में गिरते हुए भूजल को रोकने की दिशा में शासन ने कदम उठाया है, जिसके तहत प्रत्येक ब्लॉक में तालाबों को खोदवाने के निर्देश दिए गए। शासन से निर्देश मिलने के बाद में जिलास्तर पर इसकी तैयारी की गई और प्रत्येक ब्लॉक में 20-20 तालाबों का चयन किया गया।
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सभी ब्लॉको में चयनित तालाबों के जीर्णोद्धार का काम शुरू हो गया है। मानसून आने से पहले इन तालाबों का काम पूरा करना है लेकिन खोदाई की गति को देखते हुए ऐसा हो पाना मुश्किल लग रहा है।
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दोपहर में नदारद रहते हैं अधिकतर श्रमिक
मनरेगा से जिले में तीन सौ तालाबों की खोदाई का काम चल रहा है। अप्रैल में तो काम तेजी से हुआ था, लेकिन मई में पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इसकी वजह से तालाब खोदाई का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। अधिकतर श्रमिक दोपहर के समय नदारद मिल रहे हैं। ऐसे में तालाब खोदाई पर अब ब्रेक से लगे हुए हैं।
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प्रत्येक ब्लॉक में 20-20 तालाबों का चयन किया गया है। वहां पर काम कराया जा रहा है। कुछ जगहों पर धीमी गति से खोदाई हो रही थी, ऐसे में वहां पर श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि मानसून आने से पहले तालाब खोदाई का काम कराया जा सके।
-रामसागर यादव, डीसी मनरेगा