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रोडवेज के बाहर अवैध स्टैंड, यहां तो जिम्मेदार ही करा रहे डग्गामारी
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रोडवेज बस स्टैंड के पास अवैध रूप से बनाया गया टैक्सी स्टैंड। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। शहर में तमाम स्थानों पर अवैध टैक्सी, ऑटो स्टैंड चल रहे हैं। रोडवेज बस स्टैंड के बगल में ही अवैध स्टैंड बना दिया गया है। यहां पुलिस चौकी भी है, बावजूद इसके जिम्मेदार अवैध स्टैंड को लेकर गंभीर नहीं हैं। अब अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने डग्गामारी और अवैध टैक्सी, ऑटो, बस स्टैंडों को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, ऐसे में कई लोगों के होश उड़ गए हैं।
शहर समेत जिले में होने वाली डग्गामारी पुलिस और परिवहन विभाग की कुछ लोगों के लिए कमाई का एक बड़ा जरिया है तो कुछ लोग डग्गामार वाहनों से उगाही भी करते हैं। शहर में ही कई स्थानों पर अवैध टैक्सी, ऑटो स्टैंड चल रहे हैं। संकरी सड़कों पर अवैध स्टैंड के कारण जाम लगता है, इससे लोगों को समस्या होती है। इसी क्रम में अब शासन ने डग्गामारी और अवैध स्टैंड संचालन को गंभीरता से लेते हुए डीएम और एसएसपी को एक सप्ताह तक संबंधित विभागों की टीमें गठित कर जिले में विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया है। अपर मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि 30 अप्रैल तक शासन को डीएम और एसएसपी संयुक्त आख्या दें कि उनके यहां कोई डग्गामारी या अवैध टैक्सी, ऑटो और बस स्टैंड का संचालन नहीं हो रहा है।
गौर करने की बात यह है कि रोडवेज के सामने हो रही डग्गामारी के कारण शासन को ही हर माह लाखों के राजस्व का नुकसान होता है। इसके साथ ही डग्गामार वाहनों में सवारियों को भूसे की तरह भरकर दौड़ाया जाता है। इससे अक्सर हादसों में जान भी चली जाती है। अगर सचिव के आदेश का असर हुआ तो डग्गामारी के साथ अवैध स्टैंडों से लोगों को मुक्ति मिल जाएगी।
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कई रूट पर दौड़ती हैं रोडवेज जैसी दिखने वाली डग्गामार बसें
डग्गामार वाहनों का संचालन करने वाले माफिया के हौसलों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले के कई रूट पर तो रोडवेज के जैसी दिखने वाले डग्गामार बसें तक बेखौफ दौड़ती हैं। डग्गामार बसों का रंग-रोगन हूबहू रोडवेज बसों जैसा किया जाता है। यात्री इन डग्गामार बसों को रोडवेज बस समझकर सवार हो जाते हैं। जब बाद उनमें उनको पता लगता है कि बस रोडवेज की नहीं बल्कि डग्गामार है तो वे खुद को ठगा सा महसूस करते हैं। जिले में कभी ऐसी बसों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती।
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गुंडा एक्ट और गैंगस्टर लगाने के आदेश, अफसर भी नपेंगे
अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने डीएम और एसएसपी को यह भी निर्देश दिए हैं कि अवैध टैक्सी, ऑटो, बस स्टैंड हटाने के साथ इनके संचालकों के खिलाफ गुंडा एक्ट और गैंगस्टर की कार्रवाई की जाए। यह भी निर्देश दिए हैं कि सिर्फ वैध स्टैंडों से ही सवारियों को वाहन में बैठाया जाए और वहीं उतारा जाए। अवैध स्टैंड चलाने और डग्गामार वाहनों का संचालन करने वालों को चिह्नित करने के साथ उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। अधिकारियों को यह भी चेतावनी दी है कि अगर डग्गामारी और अवैध स्टैंडों का संचालन करने वालों पर कार्रवाई नहीं की गई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी।
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यह बात सही है कि रोडवेज बस स्टैंड के पास से निजी डग्गामार वाहन भरे जाते हैं। रोडवेज बस स्टैंड के बाहर पुलिस चौकी भी है। रोडवेज के आस-पास से डग्गामारी के कारण निगम की आय प्रभावित होती है। इतना ही नहीं रोडवेज जैसी दिखने वाली डग्गमार बसों का भी संचालन हो रहा है। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों और उप संभागीय परिवहन अधिकारी से कई बार शिकायत की जा चुकी है। रोडवेज के पास वाहन चेकिंग या डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार नहीं है।
-लक्ष्मण सिंह, एआरएम बदायूं डिपो
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शहर समेत जिले में होने वाली डग्गामारी पुलिस और परिवहन विभाग की कुछ लोगों के लिए कमाई का एक बड़ा जरिया है तो कुछ लोग डग्गामार वाहनों से उगाही भी करते हैं। शहर में ही कई स्थानों पर अवैध टैक्सी, ऑटो स्टैंड चल रहे हैं। संकरी सड़कों पर अवैध स्टैंड के कारण जाम लगता है, इससे लोगों को समस्या होती है। इसी क्रम में अब शासन ने डग्गामारी और अवैध स्टैंड संचालन को गंभीरता से लेते हुए डीएम और एसएसपी को एक सप्ताह तक संबंधित विभागों की टीमें गठित कर जिले में विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया है। अपर मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि 30 अप्रैल तक शासन को डीएम और एसएसपी संयुक्त आख्या दें कि उनके यहां कोई डग्गामारी या अवैध टैक्सी, ऑटो और बस स्टैंड का संचालन नहीं हो रहा है।
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गौर करने की बात यह है कि रोडवेज के सामने हो रही डग्गामारी के कारण शासन को ही हर माह लाखों के राजस्व का नुकसान होता है। इसके साथ ही डग्गामार वाहनों में सवारियों को भूसे की तरह भरकर दौड़ाया जाता है। इससे अक्सर हादसों में जान भी चली जाती है। अगर सचिव के आदेश का असर हुआ तो डग्गामारी के साथ अवैध स्टैंडों से लोगों को मुक्ति मिल जाएगी।
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कई रूट पर दौड़ती हैं रोडवेज जैसी दिखने वाली डग्गामार बसें
डग्गामार वाहनों का संचालन करने वाले माफिया के हौसलों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले के कई रूट पर तो रोडवेज के जैसी दिखने वाले डग्गामार बसें तक बेखौफ दौड़ती हैं। डग्गामार बसों का रंग-रोगन हूबहू रोडवेज बसों जैसा किया जाता है। यात्री इन डग्गामार बसों को रोडवेज बस समझकर सवार हो जाते हैं। जब बाद उनमें उनको पता लगता है कि बस रोडवेज की नहीं बल्कि डग्गामार है तो वे खुद को ठगा सा महसूस करते हैं। जिले में कभी ऐसी बसों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती।
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गुंडा एक्ट और गैंगस्टर लगाने के आदेश, अफसर भी नपेंगे
अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने डीएम और एसएसपी को यह भी निर्देश दिए हैं कि अवैध टैक्सी, ऑटो, बस स्टैंड हटाने के साथ इनके संचालकों के खिलाफ गुंडा एक्ट और गैंगस्टर की कार्रवाई की जाए। यह भी निर्देश दिए हैं कि सिर्फ वैध स्टैंडों से ही सवारियों को वाहन में बैठाया जाए और वहीं उतारा जाए। अवैध स्टैंड चलाने और डग्गामार वाहनों का संचालन करने वालों को चिह्नित करने के साथ उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। अधिकारियों को यह भी चेतावनी दी है कि अगर डग्गामारी और अवैध स्टैंडों का संचालन करने वालों पर कार्रवाई नहीं की गई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी।
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यह बात सही है कि रोडवेज बस स्टैंड के पास से निजी डग्गामार वाहन भरे जाते हैं। रोडवेज बस स्टैंड के बाहर पुलिस चौकी भी है। रोडवेज के आस-पास से डग्गामारी के कारण निगम की आय प्रभावित होती है। इतना ही नहीं रोडवेज जैसी दिखने वाली डग्गमार बसों का भी संचालन हो रहा है। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों और उप संभागीय परिवहन अधिकारी से कई बार शिकायत की जा चुकी है। रोडवेज के पास वाहन चेकिंग या डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार नहीं है।
-लक्ष्मण सिंह, एआरएम बदायूं डिपो