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सीवर लाइन : डीपीआर दाखिल करने में देरी से लटक सकता है प्रोजेक्ट
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शहर में पनबड़िया के पास चोक नाला। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। शहर में सीवर लाइन ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट के लिए जल निगम ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) दाखिल कर दी है लेकिन इसे स्वीकृति मिलने में देरी हो सकती है। दरअसल, अब तक डीपीआर का शासन स्तर पर पुनरीक्षण भी नहीं हुआ है। पुनरीक्षण के बाद इसका अध्ययन तकनीकी समिति करेगी और उसके बाद वित्तीय समिति के पास भेजा जाएगा। इसमें वक्त लग सकता है, जबकि आचार संहिता जनवरी के प्रारंभ में लग सकती है। हालांकि जिले में सीवर ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट और पंपिंग सेट के लिए कई दिन पहले भूमि की तलाश शुरू हो चुकी है।
शहर के लोग लंबे समय से सीवर लाइन की मांग कर रहे हैं। मामूली बारिश में ही शहर के कई इलाकों में जलभराव हो जाता है। कई इलाके तो ऐसे हैं जहां नाले चोक होने के कारण बिना बारिश ही जलभराव रहता है। नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता ने इसके लिए शासन स्तर पर पैरवी की थी। वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन से भी मिले थे। इसके बाद पिछले दिनों सीवर लाइन के लिए कवायद चालू हुई थी। उम्मीद थी कि नौ नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहसवान दौरे के दौरान सीवर लाइन की घोषणा कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
सीवर लाइन के लिए डीपीआर बनाने समेत अन्य कार्रवाई का जिम्मा जल निगम शाहजहांपुर के एक्सईएन सुनील यादव को दिया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि स्थानीय स्तर पर सीवर लाइन के लिए काम चालू होने की बात कही जा रही है। सोत नदी के पास ट्रीटमेंट प्लांट और पंपिंग सेट के लिए जमीन की तलाश की जा रही है, लेकिन शासन स्तर पर डीपीआर ही देर से दाखिल हो सका है। आचार संहिता लगने का वक्त करीब है। ऐसे में कई सवाल उठने लगे हैं।
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485 करोड़ की लागत से 180 किमी सीवर लाइन का प्रस्ताव
सीवर लाइन के लिए शासन को भेजी गई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर गौर करें तो शहर में करीब 180 किमी सीवर लाइन डाली जाएगी। इस पर 485 करोड़ का खर्च आना है। इसके अतिरिक्त सीवर लाइन के लिए नगर पालिका को 2.50 हेक्टेयर जमीन की खरीद भी करनी है। यहां सीवर ट्रीटमेंट और पंपिंग सेट लगाया जाएगा। पंपिंग सेट के लिए शेखूपुर रोड पर पुल के पास सोत किनारे जमीन देखी गई है, लेकिन अब तक जमीन खरीद की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो सकी है। गौर करने वाली बात यह है कि डीपीआर का परीक्षण अभी तकनीकी समिति और वित्तीय समिति को भी करना है। इसके अलावा पुनरीक्षण भी होना है। वक्फ और विकास निगम के पूर्व चेयरमैन आबिद रजा का कहना है कि सीवर लाइन बड़ा प्रोजेक्ट है। यह पुरानी सरकारों के शिलान्यास वाले कामों का फीता काटने वालों के बस की बात नहीं है। समाजवादी सोच की सरकार आने पर सीवर लाइन डलवाई जाएगी।
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नगर पालिका के स्तर से ट्रीटमेंट प्लांट और पंपिंग सेट के लिए जमीन की व्यवस्था की जा रही है। हमारे स्तर का जो भी काम था वह पूरा हो गया है। शासन स्तर पर एक सप्ताह पहले डीपीआर दाखिल किया जा चुका है। अब जो भी कार्रवाई होनी है वह उच्च स्तर पर होनी है। सीवर लाइन को लेकर क्या आशंकाएं हैं उसके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता।
-सुनील यादव, एक्सईएन जल निगम, शाहजहांपुर
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शहर में सीवर लाइन प्रोजेक्ट डलवाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री खुद इसे लेकर गंभीर हैं। डीपीआर दाखिल हो चुका है। इसे मंजूरी दिलाने के लिए हरसंभव पैरवी की जाएगी। स्थानीय स्तर पर हरसंभव गतिविधियां चालू की जा रही हैं जो प्रोजेक्ट के लिए जरूरी है।
- महेश चंद्र गुप्ता, नगर विकास राज्यमंत्री
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शहर के लोग लंबे समय से सीवर लाइन की मांग कर रहे हैं। मामूली बारिश में ही शहर के कई इलाकों में जलभराव हो जाता है। कई इलाके तो ऐसे हैं जहां नाले चोक होने के कारण बिना बारिश ही जलभराव रहता है। नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता ने इसके लिए शासन स्तर पर पैरवी की थी। वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन से भी मिले थे। इसके बाद पिछले दिनों सीवर लाइन के लिए कवायद चालू हुई थी। उम्मीद थी कि नौ नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहसवान दौरे के दौरान सीवर लाइन की घोषणा कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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सीवर लाइन के लिए डीपीआर बनाने समेत अन्य कार्रवाई का जिम्मा जल निगम शाहजहांपुर के एक्सईएन सुनील यादव को दिया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि स्थानीय स्तर पर सीवर लाइन के लिए काम चालू होने की बात कही जा रही है। सोत नदी के पास ट्रीटमेंट प्लांट और पंपिंग सेट के लिए जमीन की तलाश की जा रही है, लेकिन शासन स्तर पर डीपीआर ही देर से दाखिल हो सका है। आचार संहिता लगने का वक्त करीब है। ऐसे में कई सवाल उठने लगे हैं।
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485 करोड़ की लागत से 180 किमी सीवर लाइन का प्रस्ताव
सीवर लाइन के लिए शासन को भेजी गई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर गौर करें तो शहर में करीब 180 किमी सीवर लाइन डाली जाएगी। इस पर 485 करोड़ का खर्च आना है। इसके अतिरिक्त सीवर लाइन के लिए नगर पालिका को 2.50 हेक्टेयर जमीन की खरीद भी करनी है। यहां सीवर ट्रीटमेंट और पंपिंग सेट लगाया जाएगा। पंपिंग सेट के लिए शेखूपुर रोड पर पुल के पास सोत किनारे जमीन देखी गई है, लेकिन अब तक जमीन खरीद की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो सकी है। गौर करने वाली बात यह है कि डीपीआर का परीक्षण अभी तकनीकी समिति और वित्तीय समिति को भी करना है। इसके अलावा पुनरीक्षण भी होना है। वक्फ और विकास निगम के पूर्व चेयरमैन आबिद रजा का कहना है कि सीवर लाइन बड़ा प्रोजेक्ट है। यह पुरानी सरकारों के शिलान्यास वाले कामों का फीता काटने वालों के बस की बात नहीं है। समाजवादी सोच की सरकार आने पर सीवर लाइन डलवाई जाएगी।
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नगर पालिका के स्तर से ट्रीटमेंट प्लांट और पंपिंग सेट के लिए जमीन की व्यवस्था की जा रही है। हमारे स्तर का जो भी काम था वह पूरा हो गया है। शासन स्तर पर एक सप्ताह पहले डीपीआर दाखिल किया जा चुका है। अब जो भी कार्रवाई होनी है वह उच्च स्तर पर होनी है। सीवर लाइन को लेकर क्या आशंकाएं हैं उसके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता।
-सुनील यादव, एक्सईएन जल निगम, शाहजहांपुर
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शहर में सीवर लाइन प्रोजेक्ट डलवाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री खुद इसे लेकर गंभीर हैं। डीपीआर दाखिल हो चुका है। इसे मंजूरी दिलाने के लिए हरसंभव पैरवी की जाएगी। स्थानीय स्तर पर हरसंभव गतिविधियां चालू की जा रही हैं जो प्रोजेक्ट के लिए जरूरी है।
- महेश चंद्र गुप्ता, नगर विकास राज्यमंत्री