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किसान परेशान, समितियों पर नहीं मिल रही है खाद

Mon, 13 Dec 2021 12:45 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 13 Dec 2021 12:45 AM IST
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Civic Amenities
जखेली में बंद पड़ी सहकारी समिति में पाथे गए उपले। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। जिले में खाद का संकट बरकरार है। हालात ये हैं कि विभाग खाद की मांग को पूरा नहीं कर पा रहा है, अधिकतर समितियों पर पिछले कई दिनों से खाद नहीं है। जिस कारण किसानों को प्राइवेट दुकानों पर जाना पड़ रहा है और महंगे दामों पर खाद लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
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कृषि विभाग की ओर से लगातार दावा किया जा रहा हैं कि समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद है लेकिन स्थिति तो कुछ और ही है। जिले में कुल 132 सहकारी समितियां है। इनमें से भी 95 समितियों को खाद वितरण करने की अनुमति दी गई है लेकिन समितियों पर तैनात अधिकारियों/ कर्मचारियों की लापरवाही से 95 में से भी करीब तीन दर्जन समितियां ने आज तक जीएसटी नंबर नहीं दिया। इसकी वजह से इस सत्र में इन समितियों पर खाद का एक भी दाना वितरण नहीं हो सका है। वहीं अन्य समितियों के हाल भी खराब हैं। वहां भी खाद का टोटा है। साधन सहकारी समिति रसूलपुर कला, सिलहरी, कुंवरपुर चादर, जगत समेत कई समितियों पर खाद नहीं बांटी जा रही है।
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समिति पर मिल रहा केवल गेहूं
जगत के सहकारी संघ पर केवल गेहूं के बीज का ही वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा यहां पर किसानों को खाद नहीं दी जा रही है। ऐसे में यहां के किसानों को खाद के लिए इधर-उधर चक्कर कटाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
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साधन सहकारी समिति पर हो रहा कब्जा
जिले में समितियों पर भरपूर खाद का दावा किया जा रहा है। स्थिति बेहद ही खराब है। हालात ये है कि जखेली गांव में स्थित साधन सहकारी समिति पर इस सत्र में ताला ही नहीं खुला है। ऐसे में ग्रामीणों ने साधन सहकारी समिति की जमीन पर उपले पाथने शुरू कर दिए हैं।
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किसानों ने कहा
सहकारी समिति पर खाद का वितरण नहीं हो रहा है। इसकी वजह से अन्य समितियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
- जयप्रकाश, शोभनपुर
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विभाग कह रहा है कि खाद समितियों पर हैं, लेकिन वहां पर ताला लटका है। ऐसे में खाद लेने के लिए निजी दुकानों पर जाना पड़ता है। वहां से भी भरोसा नहीं कि सही खाद मिल जाएगी।
- उदयपाल सिंह, ललुआ नगला
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निजी दुकानों पर जरूरत को देखते हुए खाद के मूल्य तय कर दिए जाते हैं। अगर भीड़ ज्यादा है तो रेट में बढ़ोतरी कर दी जाती है। इससे किसानों को आर्थिक परेशानी होती है।

-राहुल, दबतोरी
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अधिकारी सिर्फ कागजी काम करने में लगे हुए हैं। इसकी वजह से खाद की दिक्कत आ रही है। अगर वह प्राइवेट दुकानदारों को नकेल कसें तो शायद वे भी शासन के रेट पर वितरण शुरू कर दें।
-परवेज, संग्रामपुर
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जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। समितियों पर भी खाद का वितरण किया जा रहा है।
- डीपी सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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