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जल्द ही डेढ़ सौ गांवों को मिलेगी बिजली की समस्या से निजात
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बदायूं/दबतोरी। करीब दो साल के बाद विद्युत वितरण खंड तृतीय के तहत आने वाले गांव ललुआ नगला में बिजली उपकेंद्र के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। राजस्व विभाग ने बिजली उपकेंद्र बनाने के लिए पावर कॉरपोरेशन को ललुआ नगला में 0.240 हेक्टयर जमीन उपलब्ध करा दी है। इस संबंध में खबर प्रकाशित होने के बाद ही उपकेंद्र निर्माण के लिए रास्ता साफ हुआ है। उपकेंद्र बनने से करेंगी फीडर के लक्ष्मीपुर, संग्रामपुर जैसे बड़ी आबादी के करीब डेढ़ सौ से ज्यादा गांवों को फायदा होगा।
विद्युत वितरण खंड तृतीय बिसौली के तहत आने वाले आसफपुर उपकेंद्र का करेंगी फीडर काफी लंबा है। यहां ओवरलोडिंग और बार-बार लाइनें टूटने से ट्रिपिंग के साथ कटौती की समस्या बनी रहती है। करीब दो साल पहले करेंगी फीडर के लिए नए उपकेंद्र को स्वीकृति मिली थी। 33/11 केवीए का यह उपकेंद्र ललुआ नगला में बनाया जाना था, लेकिन वहां से उपकेंद्र को मुसिया नगला स्थानांतरित कर दिया गया। मुसिया नगला में जमीन तो मिल गई, लेकिन जमीन के आवंटन में कई तकनीकी पेंच थे। इस संबंध में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई। इसके बाद ललुआ नगला में जमीन की तलाश शुरू की गई। कुछ ही दिन में यहां जमीन मिल गई और राजस्व विभाग ने इसे पावर कॉरपोरेशन के हैंडओवर करने की प्रक्रिया भी पूरी कर दी।
एक्सईएन तृतीय खंड रामलाल ने सभी कार्रवाई पूरी करते हुए पत्रावली विद्युत माध्यमिक कार्य खंड के लिए भेज दी है। उम्मीद है कि जल्द ही उपकेंद्र का निर्माण शुरू हो जाएगा। उपकेंद्र बनने के बाद करेंगी फीडर के लक्ष्मीपुर, संग्रामपुर जैसे बड़ी आबादी के करीब डेढ़ सौ से ज्यादा गांवों को फायदा होगा।
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ललुआ नगला में 33/11 केवीए बिजली उपकेंद्र के लिए 0.240 हेक्टेयर जमीन मिल गई है। एसडीएम बिसौली से भूमि मिलने संबंधी पत्रावली मिली थी। इसे विद्युत माध्यमिक कार्य खंड बरेली को भेज दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही उपकें द्र का निर्माण शुरू हो जाएगा।
-रामलाल, एक्सईएन विद्युत वितरण खंड तृतीय
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विद्युत वितरण खंड तृतीय बिसौली के तहत आने वाले आसफपुर उपकेंद्र का करेंगी फीडर काफी लंबा है। यहां ओवरलोडिंग और बार-बार लाइनें टूटने से ट्रिपिंग के साथ कटौती की समस्या बनी रहती है। करीब दो साल पहले करेंगी फीडर के लिए नए उपकेंद्र को स्वीकृति मिली थी। 33/11 केवीए का यह उपकेंद्र ललुआ नगला में बनाया जाना था, लेकिन वहां से उपकेंद्र को मुसिया नगला स्थानांतरित कर दिया गया। मुसिया नगला में जमीन तो मिल गई, लेकिन जमीन के आवंटन में कई तकनीकी पेंच थे। इस संबंध में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई। इसके बाद ललुआ नगला में जमीन की तलाश शुरू की गई। कुछ ही दिन में यहां जमीन मिल गई और राजस्व विभाग ने इसे पावर कॉरपोरेशन के हैंडओवर करने की प्रक्रिया भी पूरी कर दी।
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एक्सईएन तृतीय खंड रामलाल ने सभी कार्रवाई पूरी करते हुए पत्रावली विद्युत माध्यमिक कार्य खंड के लिए भेज दी है। उम्मीद है कि जल्द ही उपकेंद्र का निर्माण शुरू हो जाएगा। उपकेंद्र बनने के बाद करेंगी फीडर के लक्ष्मीपुर, संग्रामपुर जैसे बड़ी आबादी के करीब डेढ़ सौ से ज्यादा गांवों को फायदा होगा।
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ललुआ नगला में 33/11 केवीए बिजली उपकेंद्र के लिए 0.240 हेक्टेयर जमीन मिल गई है। एसडीएम बिसौली से भूमि मिलने संबंधी पत्रावली मिली थी। इसे विद्युत माध्यमिक कार्य खंड बरेली को भेज दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही उपकें द्र का निर्माण शुरू हो जाएगा।
-रामलाल, एक्सईएन विद्युत वितरण खंड तृतीय