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गंगा का जलस्तर घटा, कटान का खतरा बढ़ा
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कटान रोकने को उसहैत बांध पर लगाई गईं बालू भरी बोरियां।संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। गंगा के जलस्तर में मंगलवार को मामूली गिरावट आई है। सोमवार को जलस्तर मीटरगेज पर 162.30 दर्ज किया गया था, जिससे मंगलवार को यह 162.00 पर पहुंच गया। मीटरगेज पर खतरे का निशान 162.00 है। मंगलवार को नरौरा बैराज से गंगा में 46350 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा में पानी घटने से कटना का खतरा बढ़ गया है।
सोमवार को नरौरा बैराज से गंगा में 56756 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इससे पहले परिवार को 50 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया था। इसके चलते गंगा में उफान बना हुआ था। लगातार जलस्तर कम ज्यादा होने के कारण गंगा-महावा और उसहैत बांध के लिए खतरा पैदा हो गया था। कटान के कारण दोनों बांधों को संवेदनशील घोषित करते हुए अलर्ट किया गया था। मंगलवार को जल स्तर कम होने के बाद कटान का खतरा और भी बढ़ गया है। दोनों बांधों पर कटान वाले स्थानों पर बालू भरे बोरे लगाए जा रहे हैं। उसहैत के साथ ही सहसवान में भी गंगा एक बार फिर से तटवर्ती गांवों में कटान करने लगी हैं।
बाढ़ खंड के अधिकारियों का कहना है कि मैदान इलाकों के साथ पहाड़ों पर बारिश के कारण फिलहाल गंगा में इसी तरह से पानी आता रहेगा। कुछ स्थानों पर संवेदीनशील हालत हैं, लेकिन खतरे जैसी कोई बात नहीं है।
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कुछ स्थानों पर कटान का खतरा है। जल स्तर सोमवार के मुकाबले कम हुआ है। जहां कटान का खतरा है वहां बालू भरी बोरियां लगाने के साथ अन्य प्रबंध किए जा रहे हैं। खतरे जैसी स्थिति कहीं पर नहीं है। - नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड
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सोमवार को नरौरा बैराज से गंगा में 56756 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इससे पहले परिवार को 50 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया था। इसके चलते गंगा में उफान बना हुआ था। लगातार जलस्तर कम ज्यादा होने के कारण गंगा-महावा और उसहैत बांध के लिए खतरा पैदा हो गया था। कटान के कारण दोनों बांधों को संवेदनशील घोषित करते हुए अलर्ट किया गया था। मंगलवार को जल स्तर कम होने के बाद कटान का खतरा और भी बढ़ गया है। दोनों बांधों पर कटान वाले स्थानों पर बालू भरे बोरे लगाए जा रहे हैं। उसहैत के साथ ही सहसवान में भी गंगा एक बार फिर से तटवर्ती गांवों में कटान करने लगी हैं।
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बाढ़ खंड के अधिकारियों का कहना है कि मैदान इलाकों के साथ पहाड़ों पर बारिश के कारण फिलहाल गंगा में इसी तरह से पानी आता रहेगा। कुछ स्थानों पर संवेदीनशील हालत हैं, लेकिन खतरे जैसी कोई बात नहीं है।
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कुछ स्थानों पर कटान का खतरा है। जल स्तर सोमवार के मुकाबले कम हुआ है। जहां कटान का खतरा है वहां बालू भरी बोरियां लगाने के साथ अन्य प्रबंध किए जा रहे हैं। खतरे जैसी स्थिति कहीं पर नहीं है। - नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड