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कहां खर्च किए साढ़े चार करोड़, पालिका पर हिसाब नहीं

Tue, 10 Aug 2021 12:45 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 10 Aug 2021 12:45 AM IST
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Civic Amenities
बदायूं। अंडरग्राउंड बिजली केबल को लेकर नित नए तथ्य सामने आ रहे हैं। अब नगर पालिका और कार्यदायी संस्था राज कॉरपोरेशन लिमिटेड (आरसीएल) के बीच साढ़े चार करोड़ रुपये को लेकर ठनी हुई है। नगर पालिका के पास इन साढ़े चार करोड़ का हिसाब भी नहीं है। यह बजट आरसीएल ने अंडरग्राउंड लाइने बिछाने के लिए सड़कें खोदने के बदले नगर पालिका को दिया था। दूसरी ओर 119 करोड़ के इस प्रोजेक्ट से जुड़े एस्टीमेट को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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शहर में अंडरग्राउंड लाइन का काम वर्ष 2016 में शुरू हुआ था और 2018 में पूरा हो गया, लेकिन लाइन हैंडओवर अब तक नहीं हो सकी है। दरअसल, अंडरग्राउंड बिजली केबल डालने के लिए सड़कों की खोदाई के बदले आरसीएल ने नगर पालिका को चार करोड़ 50 लाख रुपये का भुगतान किया था। अब अंडरग्राउंड लाइन हैंडओवर होनी है। इससे पहले आरसीएल को कई स्थानों पर काम कराना है, लेकिन नगर पालिका कार्यदायी संस्था को सड़कों की खोदाई करने की इजाजत नहीं दे रही। दरअसल, नगर पालिका के पास इस बजट से जुड़ा कोई रिकार्ड ही नहीं है। ऐसे में नगर पालिका और आरसीएल के बीच ठनी हुई है। गौर करने वाली बात यह है कि आरसीएल ने नगर पालिका को भुगतान भी किया, इसके बाद भी शहर की सड़कों की दशा किसी से छिपी नहीं है।
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अंडरग्राउंड लाइन को लेकर फिर से विवाद शुरू हुआ तो नगर पालिका ने साढ़े चार करोड़ रुपये की पड़ताल कराई। इसमें पता लगा कि आरसीएल ने नगर पालिका को बजट तो दिया लेकिन यह बजट किस मद में दिया और इसको किस मद में खर्च किया गया, इसका कोई रिकार्ड पालिका के पास नहीं है। दूसरी ओर अंडरग्राउंड लाइन के एस्टीमेट से जुड़ी फाइलें भी नगर पालिका से गायब बताई जा रही हैं। ऐसे में अंडरग्राउंड लाइन को लेकर नया विवाद खड़ा होने की आशंका जताई जा रही है।
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नगर पालिका में ऐसी कोई फाइल नहीं : चेयरमैन
नगर पालिका चेयरमैन दीपमाला गोयल का कहना है कि चार करोड़ रुपये उनके कार्यकाल में नहीं मिले थे। यह बात वह मान सकती हैं कि बजट आया होगा, लेकिन वह किस मद में और कब खर्च हो गया, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उनको इस बारे में जानकारी ही नहीं है। नगर पालिका के पास ऐसी कोई फाइल भी नहीं है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि आरसीएल ने चार करोड़ या इससे ज्यादा का भुगतान नगर पालिका को किया था और यह बजट कहां खर्च हो गया। हो सकता है कि पालिका के पूर्व जनप्रतिनिधियों या अधिकारियों को इस बारे में कोई जानकारी हो।

हम अपना काम कर रहे, बजट-एस्टीमेट संबंधित विभाग जाने
कार्यदायी संस्था को अंडरग्राउंड लाइन हैंडओवर करने के बाद तीन साल तक इसका अनुरक्षण भी करना है। नगर पालिका ने सड़कों को लेकर जो एस्टीमेट दिया था उसके मुताबिक पालिका को भुगतान भी कर दिया गया। अब वह बजट नगर पालिका ने कहां खर्च किया यह नगर पालिका ही जाने। एस्टीमेट के बारे में पावर कॉरपोरेशन जानकारी दे सकता है। नगर पालिका सड़कों को देखने की इजाजत नहीं दे रही। इससे काम प्रभावित हो रहा है। जहां भी कमियां हैं उनको दूर कराया जा रहा है।
-देवेंद्र सिंह, सीनियर मैनेजर, आरसीएल
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