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अहमदनगर बछौरा में कटान तेज, सड़क गंगा में समाई, कई मकान जद में
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बदायूं/ उसहैत। गंगा ने शुक्रवार को कई इलाकों में कटान तेज कर दिया है। उसहैत के अहमदनगर बछौरा गांव के कई मकान गंगा के कटान की जद में आ गए हैं। अहमदनगर बछौरा-असमया रफतपुर मार्ग का करीब 100 मीटर का हिस्सा गंगा में समा गया है। शुक्रवार को डीएम दीपा रंजन ने अफसरों के साथ अहमदनगर बछौरा पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
गंगा में नरौरा बैराज से 26 जुलाई को 1.11 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया था। उस वक्त गंगा में उफान आया था। कई स्थानों पर कटान भी हुआ था, लेकिन बाद में पानी का मात्रा कम होती गई। बृहस्पतिवार को दूसरी बार गंगा में एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया था। शुक्रवार को नरौरा से 1.15 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। इससे गंगा में उफान आ गया है। सहसवान, उसहैत, कछला, जरीफनर के कुछ इलाकों में गंगा कटान कर रही हैं। उसहैत के जटा, अहमनगर बछौरा, असमया रफतपुर में भी कटान शुरू हो गया। सबसे ज्यादा कटान अहमदनगर बछौरा में हो रहा है।
नरौरा बैराज से एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़े जाने के बाद शुक्रवार को कछला में गंगा का मीटरगेज 162.45 के पार हो गया। अगले तीन दिन तक गंगा में रोज एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी आएगा। दरअसल, बिजनौर से छोड़ा गया पानी शनिवार सुबह तब और हरिद्वार से छोड़ा गया एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी रविवार सुबह तक पहुंच जाएगा। ऐसे में संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने को बाढ़ खंड जुट गया है।
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वाटर डिस्चार्ज बढ़ा तो 20 से ज्यादा गांवों को खतरा
आने वाले दिनों में नरौरा बैराज से वाटर डिस्चार्ज बढ़ सकता है। दरअसल, पहाड़ी और मैदानी इलाकों के लगातार बारिश हो रही है। साथ ही आने वाले दिनों में ज्यादा बारिश का अनुमान है। बाढ़ के लिहाज से उसहैत, सहसवान, जरीफनगर और कछला के तटवर्ती 20 गांव बाढ़ और कटान के लिहाज से ज्यादा संवेदनशील हैं। अगर गंगा में लगातार चार दिन तक दो लाख क्यूसेक या इससे ज्यादा पानी आता है तो संवेदनशील गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा पैदा हो जाता है। बाढ़ खंड कटान वाले स्थानों पर निगरानी कर रहा है।
कुछ स्थानों पर कटान हो रहा है। इसे रोकने के सभी प्रबंध किए जा रहे हैं। अहमदनगर बछौरा में ज्यादा कटान हो रहा है। सभी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी की जा रही है। संभावित बाढ़ और कटान से निपटने की सभी तैयारियां पूरी हैं। - जयंती प्रसाद, सहायक अभियंता बाढ़ खंड
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गंगा में नरौरा बैराज से 26 जुलाई को 1.11 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया था। उस वक्त गंगा में उफान आया था। कई स्थानों पर कटान भी हुआ था, लेकिन बाद में पानी का मात्रा कम होती गई। बृहस्पतिवार को दूसरी बार गंगा में एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया था। शुक्रवार को नरौरा से 1.15 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। इससे गंगा में उफान आ गया है। सहसवान, उसहैत, कछला, जरीफनर के कुछ इलाकों में गंगा कटान कर रही हैं। उसहैत के जटा, अहमनगर बछौरा, असमया रफतपुर में भी कटान शुरू हो गया। सबसे ज्यादा कटान अहमदनगर बछौरा में हो रहा है।
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नरौरा बैराज से एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़े जाने के बाद शुक्रवार को कछला में गंगा का मीटरगेज 162.45 के पार हो गया। अगले तीन दिन तक गंगा में रोज एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी आएगा। दरअसल, बिजनौर से छोड़ा गया पानी शनिवार सुबह तब और हरिद्वार से छोड़ा गया एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी रविवार सुबह तक पहुंच जाएगा। ऐसे में संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने को बाढ़ खंड जुट गया है।
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वाटर डिस्चार्ज बढ़ा तो 20 से ज्यादा गांवों को खतरा
आने वाले दिनों में नरौरा बैराज से वाटर डिस्चार्ज बढ़ सकता है। दरअसल, पहाड़ी और मैदानी इलाकों के लगातार बारिश हो रही है। साथ ही आने वाले दिनों में ज्यादा बारिश का अनुमान है। बाढ़ के लिहाज से उसहैत, सहसवान, जरीफनगर और कछला के तटवर्ती 20 गांव बाढ़ और कटान के लिहाज से ज्यादा संवेदनशील हैं। अगर गंगा में लगातार चार दिन तक दो लाख क्यूसेक या इससे ज्यादा पानी आता है तो संवेदनशील गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा पैदा हो जाता है। बाढ़ खंड कटान वाले स्थानों पर निगरानी कर रहा है।
कुछ स्थानों पर कटान हो रहा है। इसे रोकने के सभी प्रबंध किए जा रहे हैं। अहमदनगर बछौरा में ज्यादा कटान हो रहा है। सभी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी की जा रही है। संभावित बाढ़ और कटान से निपटने की सभी तैयारियां पूरी हैं। - जयंती प्रसाद, सहायक अभियंता बाढ़ खंड