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हाथरस कांड: उपवास पर बैठे लोकमोर्चा संयोजक और उनके चार सार्थियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Fri, 02 Oct 2020 01:22 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2020 01:22 AM IST
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बदायूं। हाथरस में युवती के साथ दरिंदगी को लेकर लोगों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा। बृहस्पतिवार को भी जिले में कई स्थानों पर प्रदर्शन किए गए। लोगों ने आरोपियों को फांसी और पीड़िता के परिवार वालों को मुआवजे की मांग की। मोमबत्ती जलाकर पीड़िता को श्रद्धांजलि दी गई। उधर हाथरस कांड के विरोध में बृहस्पतिवार को आंबेडकर पार्क में उपवास पर बैठे लोक मोर्चा संयोजक अजीत सिंह यादव और उनके चार साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाद में इनको छोड़ दिया गया। लोक मोर्चा संयोजक ने कहा कि यूपी में पुलिस का राज चल रहा है। पीड़िता को न्याय के लिए वह संघर्ष करते रहेंगे। पीड़िता का शव परिवार को न सौंप कर पुलिस ने जला दिया। इससे बड़ी संवेदनहीनता कोई नहीं हो सकती। प्रवक्ता ओमकार सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार लोकतंत्र की हत्या करने पर तुली है। उन्होंने दोषी पुलिस कर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की।
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दहगवां जरीफनगर के रसूलपुर कलां में समता सैनिक दल जिलाध्यक्ष सुशील वाल्मीकि, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविंद्र गौतम के नेतृत्व में हाथरस की घटना के विरोध में प्रदर्शन करने के बाद पीड़िता को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर आनंदराज बौद्ध, रविन्द्र गौतम, सुधीर सागर, नेत्रपाल मौर्य, ओमपाल कश्यप, अंकुर, ईश्वरी सागर, संजय सागर, रौदास सागर, प्रमोद सागर आदि रहे।
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अलापुर राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा परिषद ने हाथरस की घटना के विरोध में प्रदर्शन करने के बाद राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में आरोपियों को फांसी की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में राजन पाठक, अहमद हसन, फरहत अंसारी, आदेश शर्मा, योगेश एडवोकेट, अजहर अंसारी, नितिन आदि रहे।
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प्रदेश को शर्मसार करने वाली घटना: आबिद
उत्तर प्रदेश वक्फ विकास निगम के पूर्व चेयरमैन आबिद रजा ने हाथरस कांड की निंदा करते हुए पीड़िता को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि यह घटना प्रदेश को शर्मसार करने वाली है। उत्तर प्रदेश में प्रजातंत्र नहीं बल्कि राजतंत्र चल रहा है। पुलिस ने पीड़िता का शव न तो परिवार वालों को दिया और न ही परिवार वालों को अंतिम संस्कार में शामिल होने दिया यह निंदनीय है। सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर लाठी चार्ज किया जा रहा है। उन पर झूठे मुकदमे लगाकर जेल में डाल दिया जाता है। विपक्ष की आवाज दबाने को सरकार हर हथकंडा अपना रही है। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में वह पीड़िता के परिवार के साथ खड़े हैं।
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