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नहीं लगने दिया कांटा, फाउंडेशन भी उखाड़ी
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मूसाझाग (बदायूं)। गन्ना भुगतान न मिलने से गुस्साए क्षेत्रीय किसानों ने अहोरामई में लगाए जा रहे यदु शुगर मिल के क्रय केंद्र के लिए कांटे की फाउंडेशन उखाड़ फेंकी। उन्होंने कांटा नहीं लगने दिया और मिल के कर्मचारियों को भी भगा दिया। किसानों ने कहा-पहले गन्ना भुगतान हो फिर क्रय केंद्र लगने दिया जाएगा।
जिले की चीनी मिलें लगभग शुरू हो गईं हैं। गन्ना भी मिलों तक पहुंचने लगा है। यह और बात है कि अधिकतर किसानों का अब तक पिछले साल की फसल का यदु शुगर मिल ने भुगतान नहीं किया है। इससे किसानों में बेहद नाराजगी है। चीनी मिलें शुरू होते ही जगह-जगह क्रय केंद्र भी लगने शुरू हो गए हैं। इस क्षेत्र के दर्जनों गांवों लखनपुर, आमगांव, किसरुआ, गुलड़िया, बेला, अहोरामई आदि में गन्ना खरीद केंद्र लगाए जाने हैं। रविवार सुबह यदु शुगर मिल के कर्मचारी अहोरामई गांव में खाली पड़े एक प्लॉट में क्रय केंद्र लगाने पहुंचे थे। उन्होंने कांटा लगाने के लिए फाउंडेशन भी तैयार कराई लेकिन इससे पहले कि वह कांटा लगा पाते दर्जनों नाराज किसान वहां पहुंच गए। उन्होंने पुराना पेमेंट कराने की बात कही लेकिन कर्मचारियों ने मिल मालिक के ऊपर बात टाल दी। जिससे गुस्साए किसानों ने फाउंडेशन उखाड़ डाली और कर्मचारियों को गांव से भगा दिया और कांटा नहीं लगने दिया। किसानों ने कहा, जब तक उन्हें भुगतान नहीं मिलेगा तब तक वह यदु शुगर मिल का क्रय केंद्र नहीं लगने देंगे।
हम किसी भी कीमत पर अपना गन्ना यदु शुगर मिल को नहीं देंगे। हम इस चीनी मिल से काफी परेशान हो चुके हैं। अब तक पुराना भुगतान नहीं किया है।
- प्रेमपाल सिंह, किसान
यदु शुगर मिल का हर साल क्रय केंद्र लगता था। गन्ना भी दिया था लेकिन अब तक भुगतान नहीं मिला है।
- अवनेश सिंह, किसान
मेरी बेटी की इस साल शादी थी। गन्ने का भुगतान नहीं होने से कई बार शादी की तारीख बदलनी पड़ी। इधर बैंक ने आरसी भी काट दी। हम किसी कीमत पर गन्ना नहीं देंगे।
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- दुर्विजय सिंह, किसान
हमारे गांव के दर्जनों किसानों का अब तक भुगतान नहीं हुआ है। हमारा भी पेमेंट फंसा हुआ है। अब हम कैसे गन्ना दे दें।
- उमेश सिंह, किसान
इस संबंध में जानकारी मिली है कि किसानों ने गन्ना क्रय केंद्र के लिए लगने जा रहे कांटे की फाउंडेशन उखाड़ी है। किसानों से बात कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बकाया भुगतान के लिए भी मिल प्रबंधन से लगातार बात चल रही है।
- राम किशन, जिला गन्ना अधिकारी
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जिले की चीनी मिलें लगभग शुरू हो गईं हैं। गन्ना भी मिलों तक पहुंचने लगा है। यह और बात है कि अधिकतर किसानों का अब तक पिछले साल की फसल का यदु शुगर मिल ने भुगतान नहीं किया है। इससे किसानों में बेहद नाराजगी है। चीनी मिलें शुरू होते ही जगह-जगह क्रय केंद्र भी लगने शुरू हो गए हैं। इस क्षेत्र के दर्जनों गांवों लखनपुर, आमगांव, किसरुआ, गुलड़िया, बेला, अहोरामई आदि में गन्ना खरीद केंद्र लगाए जाने हैं। रविवार सुबह यदु शुगर मिल के कर्मचारी अहोरामई गांव में खाली पड़े एक प्लॉट में क्रय केंद्र लगाने पहुंचे थे। उन्होंने कांटा लगाने के लिए फाउंडेशन भी तैयार कराई लेकिन इससे पहले कि वह कांटा लगा पाते दर्जनों नाराज किसान वहां पहुंच गए। उन्होंने पुराना पेमेंट कराने की बात कही लेकिन कर्मचारियों ने मिल मालिक के ऊपर बात टाल दी। जिससे गुस्साए किसानों ने फाउंडेशन उखाड़ डाली और कर्मचारियों को गांव से भगा दिया और कांटा नहीं लगने दिया। किसानों ने कहा, जब तक उन्हें भुगतान नहीं मिलेगा तब तक वह यदु शुगर मिल का क्रय केंद्र नहीं लगने देंगे।
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हम किसी भी कीमत पर अपना गन्ना यदु शुगर मिल को नहीं देंगे। हम इस चीनी मिल से काफी परेशान हो चुके हैं। अब तक पुराना भुगतान नहीं किया है।
- प्रेमपाल सिंह, किसान
यदु शुगर मिल का हर साल क्रय केंद्र लगता था। गन्ना भी दिया था लेकिन अब तक भुगतान नहीं मिला है।
- अवनेश सिंह, किसान
मेरी बेटी की इस साल शादी थी। गन्ने का भुगतान नहीं होने से कई बार शादी की तारीख बदलनी पड़ी। इधर बैंक ने आरसी भी काट दी। हम किसी कीमत पर गन्ना नहीं देंगे।
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- दुर्विजय सिंह, किसान
हमारे गांव के दर्जनों किसानों का अब तक भुगतान नहीं हुआ है। हमारा भी पेमेंट फंसा हुआ है। अब हम कैसे गन्ना दे दें।
- उमेश सिंह, किसान
इस संबंध में जानकारी मिली है कि किसानों ने गन्ना क्रय केंद्र के लिए लगने जा रहे कांटे की फाउंडेशन उखाड़ी है। किसानों से बात कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बकाया भुगतान के लिए भी मिल प्रबंधन से लगातार बात चल रही है।
- राम किशन, जिला गन्ना अधिकारी