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जयंती पर याद किए गए बाबा टिकैत
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बदायूं। रविवार को किसानों के मसीहा कहे जाने वाले महेंद्र सिंह टिकैत की 84वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। कस्बों से लेकर नगर और ग्रामीण अंचलों में किसान संगठनों ने चौधरी टिकैत के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें व उनके द्वारा किसानों के लिए किए गए संघर्ष को याद किया।
शहर के मालवीय आवास गृह में आयोजित कार्यक्रम में भाकियू के मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने कहा कि बाबा महेंद्र सिंह टिकैत किसानों के सच्चे हितैषी थे। वह किसानों के हक के लिए मरते दम तक लड़ते रहे। उनके न रहने से आज किसान बेसहारा हो चुका है। बाबा टिकैत ने किसानों की आवाज को बुलंदी तक पहुंचाने का काम किया था। मंडल प्रवक्ता ने किसानों की समस्याओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज किसान तमाम समस्याओं से जूझ रहा है। देश भर में किसानों के हालात बदतर हैं, लेकिन सरकारें किसानों को झूठा आश्वासन ही देती हैं। जिला प्रवक्ता नरेंद्र सक्सेना ने कहा कि बाबा टिकैत देश के किसानों को आंदोलन करना सिखा गए। किसान अपने हक की लड़ाई उन्हीं के पदचिह्नों पर चलकर लड़ रहे हैं। इसके अलावा जनपद के कछला, उझानी, उघैती, इस्लामनगर, दातागंज, वजीरगंज आदि स्थानों पर भी जयंती मनाई गई।
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शहर के मालवीय आवास गृह में आयोजित कार्यक्रम में भाकियू के मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने कहा कि बाबा महेंद्र सिंह टिकैत किसानों के सच्चे हितैषी थे। वह किसानों के हक के लिए मरते दम तक लड़ते रहे। उनके न रहने से आज किसान बेसहारा हो चुका है। बाबा टिकैत ने किसानों की आवाज को बुलंदी तक पहुंचाने का काम किया था। मंडल प्रवक्ता ने किसानों की समस्याओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज किसान तमाम समस्याओं से जूझ रहा है। देश भर में किसानों के हालात बदतर हैं, लेकिन सरकारें किसानों को झूठा आश्वासन ही देती हैं। जिला प्रवक्ता नरेंद्र सक्सेना ने कहा कि बाबा टिकैत देश के किसानों को आंदोलन करना सिखा गए। किसान अपने हक की लड़ाई उन्हीं के पदचिह्नों पर चलकर लड़ रहे हैं। इसके अलावा जनपद के कछला, उझानी, उघैती, इस्लामनगर, दातागंज, वजीरगंज आदि स्थानों पर भी जयंती मनाई गई।
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