दो परिवार, दो-दो बच्चे, दो आधार कार्ड, लेकिन नंबर एक, जानिए क्या है पूरा मामला!
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सिस्टम की बदहाली और घपलेबाजी अब बायोमेट्रिक को भी धता बताने लगी है। उत्तर प्रदेश के बदायूं स्थित पटेल मार्केट में तीन सौ रुपये लेकर इंटरनेट कैफे में आधार बनाने के खुलासे के बाद एक ही नंबर के दो आधार कार्ड जारी होने के दो मामले सामने आए हैं, जिससे अधिकारी भी हैरान हैं। इधर, दो परिवार के चार बच्चों में से दो-दो बच्चों के एक ही नंबर के आधार कार्ड से परिवार के लोग खासा परेशान हैं।
सवाल यह है कि इतनी सख्त प्रक्रिया के बावजूद आखिर एक ही नंबर के दो आधार कार्ड बन कैसे गए। अब पूरी सच्चाई तो जांच के बाद ही सामने आ सकेगी, लेकिन इस घटना ने लचर व्यवस्था की पोल जरूर खोल दी है। मामला दातागंज तहसील के नैनी गांव का है। गांव के अमरपाल ने अपनी बेटी नीतू और अनिष्का के आधार कार्ड करीब एक साल पहले गांव के प्राथमिक विद्यालय में लगे आधार कैंप में बनवाए थे।
इसी गांव के मनोज तोमर ने करीब तीन महीने पहले बेटे श्रेयांश और बेटी शिवांगी के आधार कार्ड के लिए नगर के किसान ग्रामीण बैंक के आधार केंद्र पर नामांकन कराया था। यह चारों आधार जारी भी हो गए। इन दिनों आधार को राशन कार्ड से लिंक करने की प्रक्रिया चल रही है। मनोज और अमरपाल ने अपने बच्चों के आधार की फोटो कॉपी इसके लिए राशन डीलर को दी।
यहां लिंक करने के दौरान पता लगा कि श्रेयांश व नीतू और शिवांगी व अनिष्का के आधार नंबर एक ही हैं। मामला जब अधिकारियों तक पहुंचा तब वे भी हैरत में पड़ गए।
सामने आ चुका आधार बनाने में तीन सौ रुपये वसूली का वीडियो
हाल ही में जवाहरपुरी के पटेल मार्केट स्थित दो इंटरनेट कैफे में आधार कार्ड बनाने के लिए तीन सौ रुपये की वसूली का वीडियो भी वायरल हुआ था। बता दें कि आधार कार्ड बनाने के अधिकृत केंद्र सिर्फ बैंकों और डाकघरों में हैं, लेकिन यहां कैफे में खुलेआम आधार कार्ड बन रहे थे।
इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति से तीन सौ रुपये की वसूली की जा रही थी। एक संचालक तो जीपीएस से जुड़े होने के बावजूद उझानी स्थित एसबीआई शाखा से रोज लैपटॉप लाकर आधार कार्ड बना रहा था। लोकेशन में छेड़छाड़ करने के बाद आधार बनाए जाते थे। इस मामले में भी अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
शिकायत आने के बाद प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। वहीं मामले को लेकर एसडीएम दातागंज केबी सिंह का कहना है कि
आधार कार्ड जारी होने की प्रक्रिया बायोमेट्रिक है। एक ही नंबर पर दो आधार कार्ड नहीं बन सकते। एक ही नंबर पर दो आधार का मामला सामने आने से मैं भी हैरान हूं। मामले में जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।