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थानों पर फरियाद ‘अनसुनी’..‘बड़े साहब’ तक की दौड़ मजबूरी

Fri, 27 Sep 2019 02:35 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 27 Sep 2019 02:35 AM IST
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बदायूं। मुख्यमंत्री से लेकर डीजीपी तक सख्त हैं। इसके बावजूद थाना स्तर पर फरियादियों की नहीं सुनी जा रही। ‘बड़े साहब’ तक दौड़ लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। एसएसपी ऑफिस में फरियादियों की कतार इसका प्रमाण है। इतना ही नहीं पीड़ितों को न्याय की उम्मीद में डीआईजी और एडीजी तक के पास जाना पड़ रहा है। थाना स्तर पर फरियाद सुनी जाए तो फरियादियों को दौड़ लगाने को मजबूर न होना पड़े।
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शासन की मंशा है कि शिकायतों का निस्तारण जहां तक संभव को थाना स्तर पर ही होना चाहिए। इसके लिए समय-समय पर सर्कुलर भी जारी किए जाते हैं। इसके बावजूद मंशा पूरी होती नहीं दिख रही। पुलिस महकमे के सूत्रों की मानें तो औसतन जिले में प्रतिदिन प्रति थाने 10 से 15 फरियादी मुख्यालय पहुंच रहे हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें जमीनों पर कब्जे, पुलिस के पक्षपात और महिला उत्पीड़न से जुड़ी होती हैं। कुछ मामलों में तो थानेदार एसएसपी के आदेशों पर कार्रवाई कर देते हैं, जबकि कई मामलों में कप्तान के आदेश तक नजरंदाज कर दिए जाते हैं। सिविल लाइंस और कोतवाली को छोड़ दें तो दातागंज, सहसवान, बिसौली सर्किल के थानों से सबसे ज्यादा फरियादी थाने में सुनवाई न होने पर बरेली तक की दौड़ लगाने को मजबूर हो रहे हैं।
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केस- एक
एडीजी तक पहुंची दुष्कर्म पीड़ित
दातागंज सर्किल के थाना हजरतगंज के एक गांव की दुष्कर्म पीड़ित को न्याय के लिए एसएसपी से लेकर एडीजी तक गुहार लगानी पड़ी। इसके बावजूद सुनवाई नहीं हुई तो उसे भूख हड़ताल करनी पड़ी। अनुसूचित जाति की पीड़ित ने सीओ दातागंज पर भी आरोप लगाए। अब पीड़ित ने दो अक्तूबर तक कार्रवाई न होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है।
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केस-दो
एक साल बाद भी नहीं मिली पत्नी और बेटियां
उझानी सर्किल के थाना कादरचौक के एक गांव निवासी व्यक्ति की पत्नी दो बेटियों के साथ सितंबर 2018 में लापता हो गई थी। काफी तलाश करने के बाद भी पता नहीं लगा। लंबी भागदौड़ के बाद जून 2019 में वह किसी तरह रिपोर्ट दर्ज करा सका। पत्नी और बेटियां अब तक मिल सकी हैं। पीड़ित अब अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर है।

केस-तीन
सरकारी जमीन पर कब्जा, पेड़ काटे
दातागंज के गांव पड़ेली-बझेड़ा का मनोहर लाल भी तीन महीने से न्याय के लिए भटक रहा है। गांव में दबंगों ने न सिर्फ वन विभाग की जमीन पर कब्जा किया, बल्कि सरकारी पेड़ काटे और रास्ता भी बंद कर दिया। थाना स्तर पर शिकायत के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं हुई। अब वह भी दबंगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर है।

केस-चार
विधायक की सिफारिश पर भी कार्रवाई नहीं
थाना हजरतपुर के गांव चंगासी के दर्जनों ग्रामीण दबंगों से परेशान हैं। इतना ही नहीं इस मामले में कार्रवाई के लिए क्षेत्रीय विधायक राजीव कुमार सिंह ने भी अधिकारियों को लिखा था। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हो सकी। गांव के राम सिंह, उमेश, चंद्रप्रकाश, राजकली आदि का आरोप है कि दबंगों ने पट्टे की जमीन पर कब्जा कर निर्माण करा लिया। रास्ता भी बंद कर दिया। इन लोगों ने शिकायत अब डीएम से की है।


शासन की मंशा के अनुरूप थाना स्तर पर ही शिकायतों का निस्तारण हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। जन सुनवाई पोर्टल की शिकायतों की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। कुछ मामलों का तात्कालिक निस्तारण हो जाता है। कुछ ऐसे मामले होते हैं जिनमें दूसरे विभाग से समन्वय की जरूरत होती है। ऐसे मामलों में देरी हो सकती है। थाना स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में संबंधित एसओ और भी संवेदनशील हों, इस पर काम किया जाएगा।
- डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह, प्रभारी एसएसपी/एसपी देहात
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