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बिजली की अंडरग्राउंड लाइन में फिर दौड़ा सियासी ‘करंट’
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बदायूं के मोहल्ला ब्राह्मपुर में केबल बॉक्स के बाहर निकले तार। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। अंडरग्राउंड बिजली लाइन के हैंडओवर से पहले एक बार फिर सियासी ‘करंट’ दौड़ने लगा है। बिजली लाइन हैंडओवर होने से पहले भाजपा सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य ने लोकसभा में यह मुद्दा उठाते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने मामले में जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और लाइन का काम फिर से कराने की मांग की थी। इससे पहले अंडरग्राउंड लाइन का मामला 2017 में विधानसभा चुनाव से पहले संसद में उठा था। तत्कालीन सांसद धर्मेंद्र यादव और शहर विधायक आबिद रजा के बीच इसको लेकर तकरार भी हुई थी।
शहर और सहसवान में अंडरग्राउंड बिजली केबल का काम 2016 में शुरू हुआ था। 2018 के अंत तक काम पूरा कर लिया गया। इस पर 116 करोड़ खर्च हुआ। यह लाइन तभी हैंडओवर होनी थी। कुछ इलाकों में सप्लाई चालू की गई तो हादसे होने लगे। उसी समय शिकायत शासन स्तर तक की गई थी। मामले में शासन ने विजिलेंस जांच कराई। तत्कालीन सीओ विजिलेंस जेएस पाटनी ने स्थलीय और भौतिक सत्यापन और सभी पक्षों से बयान दर्ज करने के बाद 200 पन्नों की रिपोर्ट शासन के साथ पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों को भी सौंप दी थी। इसके बाद कार्यदायी संस्था राज कॉरपोरेशन लिमिटेड ने खामियां दूर करना शुरू कर दिया था, लेकिन तीन साल के बाद भी अंडरग्राउंड केबल की खामियों को दूर नहीं किया जा सका है। तमाम स्थानों पर अब भी केबल बॉक्स खुले पड़े हैं। बिजली लाइनें जमीन के बाहर दिख रही हैं।
इसी साल करंट लगने से तीन लोगों की हुई थी मौत
जुलाई 2021 में गणित प्रवक्ता और उसके बाद दरोगा के दिव्यांग बेटे की अंडरग्राउंड केबल की चपेट में आने से मौत के बाद से ही यह मामला गरमाया हुआ है। इससे पहले संविदा लाइनमैन की भी अंडरग्राउंड केबल की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। बेजुबान पशुओं की मौत की गिनती नहीं है। बसतात में हर साल केबल बॉक्स में धमाके होते हैं। हालांकि, कार्यदायी संस्था का दावा है कि जहां भी खामियां हैं उनको दूर कर लिया गया है। कुछ स्थानों पर नगर पालिका और पावर कॉरपोरेशन का सहयोग न मिलने के कारण खामियों को दूर नहीं किया जा पा रहा है।
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खामियां दूर करने को मंगाया गया ढाई करोड़ का सामान
कार्यदायी संस्था राज कॉरपोरेशन लिमिटेड ने शहर में अंडरग्राउंड लाइन की खामियों को दूर करने के लिए पिछले महीने ढाई करोड़ रुपये का नया सामान मंगाया था। गौर करने वाली बात यह है कि कई स्थानों पर कूड़े के ढेर में आग लगाए जाने के कारण भी अंडरग्राउंड लाइन को नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही शहर में केबल बॉक्स और पैनल में छेड़छाड़ के मामले भी सामने आते रहे हैं। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि अंडरग्राउंड केबल की स्थिति अभी हैंडओवर लेने लायक नहीं है।
अंडरग्राउंड लाइन का मामला सांसद की ओर से लोकसभा में उठाया गया है। लाइन अभी पावर कॉरपोरेशन ने हैंडओवर नहीं ली है। इसको लेकर शासन स्तर से जो भी निर्देश मिलेंगे उसके मुताबिक काम किया जाएगा। लाइन में जहां भी कमियां हैं उनको कार्यदायी संस्था दूर करा रही है। पावर कॉरपोरेशन इसकी मानीटरिंग भी कर रहा है। - दीपक कुमार, अधीक्षक अभियंता
अंडरग्राउंड लाइन में जहां भी कमियां हैं उनको दूर कर लिया गया है। कुछ स्थानों पर नगर पालिका और पावर कॉरपोरेशन का सहयोग न मिलने के कारण कमियों को दूर करना बाकी है। पावर कॉरपोरेशन को अगर कहीं पर कोई कमी दिखती है तो वह बताएं उसको दूर किया जाएगा। अगर सांसद को कोई कमी नजर आती है तो वह भी बताएं उसको भी दूर किया जाएगा। ज्यादातर लाइन पूरी तरह से दुरुस्त है और सप्लाई चल रही है।
- देवेंद्र सिंह, मैनेजर राज कॉरपोरेशन लिमिटेड
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शहर और सहसवान में अंडरग्राउंड बिजली केबल का काम 2016 में शुरू हुआ था। 2018 के अंत तक काम पूरा कर लिया गया। इस पर 116 करोड़ खर्च हुआ। यह लाइन तभी हैंडओवर होनी थी। कुछ इलाकों में सप्लाई चालू की गई तो हादसे होने लगे। उसी समय शिकायत शासन स्तर तक की गई थी। मामले में शासन ने विजिलेंस जांच कराई। तत्कालीन सीओ विजिलेंस जेएस पाटनी ने स्थलीय और भौतिक सत्यापन और सभी पक्षों से बयान दर्ज करने के बाद 200 पन्नों की रिपोर्ट शासन के साथ पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों को भी सौंप दी थी। इसके बाद कार्यदायी संस्था राज कॉरपोरेशन लिमिटेड ने खामियां दूर करना शुरू कर दिया था, लेकिन तीन साल के बाद भी अंडरग्राउंड केबल की खामियों को दूर नहीं किया जा सका है। तमाम स्थानों पर अब भी केबल बॉक्स खुले पड़े हैं। बिजली लाइनें जमीन के बाहर दिख रही हैं।
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इसी साल करंट लगने से तीन लोगों की हुई थी मौत
जुलाई 2021 में गणित प्रवक्ता और उसके बाद दरोगा के दिव्यांग बेटे की अंडरग्राउंड केबल की चपेट में आने से मौत के बाद से ही यह मामला गरमाया हुआ है। इससे पहले संविदा लाइनमैन की भी अंडरग्राउंड केबल की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। बेजुबान पशुओं की मौत की गिनती नहीं है। बसतात में हर साल केबल बॉक्स में धमाके होते हैं। हालांकि, कार्यदायी संस्था का दावा है कि जहां भी खामियां हैं उनको दूर कर लिया गया है। कुछ स्थानों पर नगर पालिका और पावर कॉरपोरेशन का सहयोग न मिलने के कारण खामियों को दूर नहीं किया जा पा रहा है।
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खामियां दूर करने को मंगाया गया ढाई करोड़ का सामान
कार्यदायी संस्था राज कॉरपोरेशन लिमिटेड ने शहर में अंडरग्राउंड लाइन की खामियों को दूर करने के लिए पिछले महीने ढाई करोड़ रुपये का नया सामान मंगाया था। गौर करने वाली बात यह है कि कई स्थानों पर कूड़े के ढेर में आग लगाए जाने के कारण भी अंडरग्राउंड लाइन को नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही शहर में केबल बॉक्स और पैनल में छेड़छाड़ के मामले भी सामने आते रहे हैं। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि अंडरग्राउंड केबल की स्थिति अभी हैंडओवर लेने लायक नहीं है।
अंडरग्राउंड लाइन का मामला सांसद की ओर से लोकसभा में उठाया गया है। लाइन अभी पावर कॉरपोरेशन ने हैंडओवर नहीं ली है। इसको लेकर शासन स्तर से जो भी निर्देश मिलेंगे उसके मुताबिक काम किया जाएगा। लाइन में जहां भी कमियां हैं उनको कार्यदायी संस्था दूर करा रही है। पावर कॉरपोरेशन इसकी मानीटरिंग भी कर रहा है। - दीपक कुमार, अधीक्षक अभियंता
अंडरग्राउंड लाइन में जहां भी कमियां हैं उनको दूर कर लिया गया है। कुछ स्थानों पर नगर पालिका और पावर कॉरपोरेशन का सहयोग न मिलने के कारण कमियों को दूर करना बाकी है। पावर कॉरपोरेशन को अगर कहीं पर कोई कमी दिखती है तो वह बताएं उसको दूर किया जाएगा। अगर सांसद को कोई कमी नजर आती है तो वह भी बताएं उसको भी दूर किया जाएगा। ज्यादातर लाइन पूरी तरह से दुरुस्त है और सप्लाई चल रही है।
- देवेंद्र सिंह, मैनेजर राज कॉरपोरेशन लिमिटेड