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ससुर की हत्या में दामाद को उम्रकैद, 25 हजार का जुर्माना
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बदायूं। पत्नी से विवाद के मुकदमे की रंजिश में ससुर की हत्या के आरोपी दामाद को जिला सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने उम्रकैद के साथ 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। हत्याकांड में नामजद तीन अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
अकबर अली पुत्र आलम शाह ने 11 अप्रैल 2017 को रिपोर्ट लिखाई थी कि वह अपने पिता आलम शाह और बहन जरीना के साथ मुकदमे की तारीख करने बिसौली जा रहा था। जरीना के पति चांद बाबू पुत्र मुख्त्यार, रफीक पुत्र बदलू शाह निवासी फरजंदनगर नई बस्ती थाना सिरौली जिला बरेली, रहजान उर्फ राहत जान पुत्र रहमत निवासी चकफाजलपुर थाना कुंदरकी जिला मुरादाबाद और यासीन पुत्र फैंसी निवासी कस्बा व थाना इस्लामनगर बदायूं ने उन तीनों को रास्ते में घेर लिया। बाइक रुकवा कर उसके पिता आलम शाह को उतारकर एक राय होकर गोली मार दी। गोली लगने से उसके पिता की मौके पर मौत हो गई। नामजद रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने विवेचना कर आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी अनिल सिंह राठौर और बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद चांद बाबू को आलमशाह की हत्या का दोषी पाया। उसे उम्र कैद और 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। तीन अन्य आरोपियों को कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
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अकबर अली पुत्र आलम शाह ने 11 अप्रैल 2017 को रिपोर्ट लिखाई थी कि वह अपने पिता आलम शाह और बहन जरीना के साथ मुकदमे की तारीख करने बिसौली जा रहा था। जरीना के पति चांद बाबू पुत्र मुख्त्यार, रफीक पुत्र बदलू शाह निवासी फरजंदनगर नई बस्ती थाना सिरौली जिला बरेली, रहजान उर्फ राहत जान पुत्र रहमत निवासी चकफाजलपुर थाना कुंदरकी जिला मुरादाबाद और यासीन पुत्र फैंसी निवासी कस्बा व थाना इस्लामनगर बदायूं ने उन तीनों को रास्ते में घेर लिया। बाइक रुकवा कर उसके पिता आलम शाह को उतारकर एक राय होकर गोली मार दी। गोली लगने से उसके पिता की मौके पर मौत हो गई। नामजद रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने विवेचना कर आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी अनिल सिंह राठौर और बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद चांद बाबू को आलमशाह की हत्या का दोषी पाया। उसे उम्र कैद और 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। तीन अन्य आरोपियों को कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
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