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Budaun News: एनजीओ को नहीं सौंपे जाएंगे बच्चे, अब चाइल्ड लाइन रखेगी ध्यान
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बदायूं। एनजीओ की देखरेख में चल रहे बाल संरक्षण गृहों में अब बच्चे नहीं रखे जाएंगे। बच्चों को राजकीय बाल संरक्षण गृहों में ही भेजा जाएगा। बदायूं में कोई राजकीय बाल संरक्षण गृह नहीं है। इसलिए यहां के बच्चे निकटतम बाल संरक्षण गृह मथुरा भेजे जाएंगे। अगर वहां जगह नहीं है तो फिर प्रदेश में जहां जगह खाली होगी वहां के बाल संरक्षण गृह में भेजे जाएंगे।
जिले में तीन जगहों पर बाल संरक्षण गृह संचालित थे। इनमें से खुला आश्रय गृह कुछ माह पहले ही बंद किया जा चुका था, जबकि बाल गृह शिशु में 21 बच्चे, दत्तक ग्रहण अभिकरण इकाई में चार बच्चे पंजीकृत थे। पांच मार्च को शासन ने दोनों जगहों के बच्चों को राजकीय बाल गृह मथुरा भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद बच्चों को मथुरा भेज दिया गया।
साथ ही शासन ने निर्देश दिए कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित चाइल्ड लाइन अब नए बच्चों को रखेगी। हालांकि जिले में 24 घंटे से ज्यादा बच्चों को नहीं रोका जाएगा। नए मिलने वाले बच्चों को कहां पर भेजा जाएगा। इसका निर्णय बाल कल्याण समिति के द्वारा लिया जाएगा।
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जिला महिला अस्पताल में संचलित है चाइल्ड लाइन
जिले में अभी चाइल्ड लाइन जिला महिला अस्पताल में संचालित है। ऐसे में नए मिलने वाले बच्चों को अस्पताल में ही रखा जाएगा। इससे बच्चों को अगर कोई बीमारी है तो तुरंत उनको इलाज मुहैया हो सके।
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जिले में तीन जगहों पर बाल संरक्षण गृह संचालित थे। इनमें से खुला आश्रय गृह कुछ माह पहले ही बंद किया जा चुका था, जबकि बाल गृह शिशु में 21 बच्चे, दत्तक ग्रहण अभिकरण इकाई में चार बच्चे पंजीकृत थे। पांच मार्च को शासन ने दोनों जगहों के बच्चों को राजकीय बाल गृह मथुरा भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद बच्चों को मथुरा भेज दिया गया।
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साथ ही शासन ने निर्देश दिए कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित चाइल्ड लाइन अब नए बच्चों को रखेगी। हालांकि जिले में 24 घंटे से ज्यादा बच्चों को नहीं रोका जाएगा। नए मिलने वाले बच्चों को कहां पर भेजा जाएगा। इसका निर्णय बाल कल्याण समिति के द्वारा लिया जाएगा।
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जिला महिला अस्पताल में संचलित है चाइल्ड लाइन
जिले में अभी चाइल्ड लाइन जिला महिला अस्पताल में संचालित है। ऐसे में नए मिलने वाले बच्चों को अस्पताल में ही रखा जाएगा। इससे बच्चों को अगर कोई बीमारी है तो तुरंत उनको इलाज मुहैया हो सके।