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बच्चों ने तैराकी, नौका विहार का लिया आनंद
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं/बिल्सी।
Updated Mon, 08 May 2017 12:06 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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- बाबा इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण
बाबा इंटरनेशनल स्कूल के हॉस्टल में रह रहे छात्र-छात्राओं को एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर कछला के गंगा तट पर ले जाया गया। जहां पर स्काउट मास्टर भुवन चंद्र, विद्यालय डायरेक्टर अनुज वार्ष्णेय, प्रधानाचार्य रूपा माहेश्वरी एवं प्रशासक वीपी सिंह की देख-रेख में छात्र-छात्राओं ने तैराकी तथा नौका विहार का आनंद लिया। इसके बाद विद्यार्थी गंगा तट पर हो रहे धार्मिक आयोजन में सम्मिलित हुए। वापसी के समय छात्र-छात्राओं ने मार्ग में कई मंदिरों के दर्शन किए तथा पास के वन्य क्षेत्र में जंगली जानवरों को देखा। डायरेक्टर अनुज वार्ष्णेय ने तैराकी और इससे होने वाले लाभ के बारे में बताया कि तैराकी एक जलक्रीड़ा है। इसके अंतर्गत अपने हाथ-पैर की सहायता से जल में गति करना होता है जो किसी कृत्रिम साधन के बिना किया जाता है। तैराकी मनोरंजन भी है और स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभकर भी। विद्यालय की संरक्षिका कमलेश वार्ष्णेय ने छात्रों के साथ रहकर संपूर्ण शैक्षिक भ्रमण सुरक्षित तरीके से संपन्न करवाया।
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बाबा इंटरनेशनल स्कूल के हॉस्टल में रह रहे छात्र-छात्राओं को एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर कछला के गंगा तट पर ले जाया गया। जहां पर स्काउट मास्टर भुवन चंद्र, विद्यालय डायरेक्टर अनुज वार्ष्णेय, प्रधानाचार्य रूपा माहेश्वरी एवं प्रशासक वीपी सिंह की देख-रेख में छात्र-छात्राओं ने तैराकी तथा नौका विहार का आनंद लिया। इसके बाद विद्यार्थी गंगा तट पर हो रहे धार्मिक आयोजन में सम्मिलित हुए। वापसी के समय छात्र-छात्राओं ने मार्ग में कई मंदिरों के दर्शन किए तथा पास के वन्य क्षेत्र में जंगली जानवरों को देखा। डायरेक्टर अनुज वार्ष्णेय ने तैराकी और इससे होने वाले लाभ के बारे में बताया कि तैराकी एक जलक्रीड़ा है। इसके अंतर्गत अपने हाथ-पैर की सहायता से जल में गति करना होता है जो किसी कृत्रिम साधन के बिना किया जाता है। तैराकी मनोरंजन भी है और स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभकर भी। विद्यालय की संरक्षिका कमलेश वार्ष्णेय ने छात्रों के साथ रहकर संपूर्ण शैक्षिक भ्रमण सुरक्षित तरीके से संपन्न करवाया।