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पहले सोमवार से बच्चों को  दिए जाएंगे मौसमी फल

Wed, 29 Jun 2016 12:05 AM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Wed, 29 Jun 2016 12:05 AM IST
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प्रत्येक बच्चे को मिलेगा एक फल, सड़े-गले फल नहीं होंगे वितरित
डीएम ने किए आदेश, अधिकारी मय फोटो निरीक्षण आख्या भेजेंगे

 ग्रीष्मवकाश के बाद खुल रहे स्कूलों में पहले सोमवार को ही बच्चों को मौसमी फल वितरित किए जाएंगे। यदि किसी वजह से सोमवार को अवकाश रहता है, तो अगले शैक्षिक दिवस में बच्चों को फल वितरित किए जाएंगे। बच्चों को सुबह आते ही मॉर्निग स्नैक के रूप में फल दिए जाएंगे। सड़े-गले फल किसी हाल में वितरित नहीं होंगे।  
स्कूलों में बच्चों के ठहराव के लिए शासन द्वारा नयी-नयी योजनाएं चलाई जा रही हैं। पिछले सत्र से बच्चों को 200 ग्राम के हिसाब से प्रत्येक बुधवार को दूध दिया जा रहा है। हालांकि इस योजना का शिक्षकों ने काफी स्तर तक विरोध भी किया, लेकिन शासन ने उनकी एक नहीं सुनी। अब मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों को प्रत्येक सोमवार को मौसमी फल दिए जाएंगे। इस संबंध में शासन द्वारा जारी आदेश के क्रम में डीएम चंद्रप्रकाश त्रिपाठी ने भी इस योजना के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने के सभी संबंधित अधिकारियों के निर्देश जारी किए हैं। डीएम ने कहा है कि बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य के लिए अतिरिक्त पोषक तत्व उपलब्ध कराने के लिए सप्ताह में एक दिन मौसमी और ताजे फल वितरित करने की योजना शुरू की गई है, जो ग्रीष्मवकाश के बाद खुल रहे पहले सोमवार से ही स्कूलों में लागू होगी। 
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डीएम ने कहा है कि स्थानीय स्तर पर सुगमता से उपलब्ध ताजे और मौसमी फल अमरूद, केला, सेब, संतरा, नाशपाती, चीकू, आडू ,शरीफा इत्यादि वितरित किए जा सकते हैं। प्रति बच्चा एक फल वितरित होगा।  एक फल की अनुमानित कीमत चार रुपये आंकलित की गई है। डीएम ने अपने आदेश में कहा है कि बच्चों के सुबह स्कूल आते ही मॉर्निग स्नैक के रूप में फल दिए जाएंगे, ताकि उन्हें पठन-पाठन के पूर्व वांछित कैलोरी प्राप्त हो सकेगी। साथ ही फल और मध्याह्न भोजन खाने के बीच पर्याप्त अंतराल भी रहेगा। पपीता, तरबूज, खरबूज आदि कटे फल वितरित नहीं किए जाएंगे। फल नामक मद में इसकी धनराशि दर्ज की जाएगर। प्रथम सोमवार को अधिकारियों द्वारा फल वितरण को लेकर स्कूलों का निरीक्षण भी करना होगा। फोटो सहित उसकी आख्या बीएसए को उपलब्ध करानी होगी। 
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