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Budaun News: सीसीटीवी फुटेज ने उजागर कर दी डॉक्टर व कर्मचारियों की असलियत
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महिला अस्पताल की ऑफिस में सीसीटीवी फुटेज देखते सिटी मजिस्ट्रेट रामजी लाल, संवाद
बदायूं। महिला अस्पताल की डॉक्टर व कर्मचारियों को रुपयों की खातिर गर्भवती को भर्ती न करना महंगा पड़ गया। जांच के दूसरे दिन मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट रामजी लाल ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी, जिसमें डॉक्टर और कर्मचारियों की लापरवाही उजागर हुई। सिटी मजिस्ट्रेट ने माना कि लापरवाही की गई।
अस्पताल के गेट पर प्रसव के मामले में सिटी मजिस्ट्रेट ने लगभग दो घंटे तक सीसीटीवी फुटेज देखी। इसमें परिजन गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार रात करीब 8:32 बजे अस्पताल लाते दिख रहे हैं। पति रवि समेत अन्य परिजन डॉक्टर रुचि गुप्ता और कर्मचारियों से प्रसव कराने की गुहार लगाते हैं। बाद में करीब रात 11 बजे गर्भवती को यह कहकर बाहर निकाल दिया जाता है कि जब तक रुपये जमा नहीं करोगे तब तक भर्ती नहीं किया जाएगा।
फुटेज में गर्भवती महिला भी तड़पती नजर आती है। रवि ने बताया कि फुटेज देखने के समय उसको भी साथ रखा गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में डॉक्टर और कर्मचारियों की असलियत सामने आ गई है। परिवार की दो महिलाओं के बयान रह गए थे वह भी पूरे कर लिए गए हैं। जांच आख्या डीएम के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। आगे की कार्रवाई उन्हीं के स्तर से होगी।
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परिजनों के भी दर्ज किए बयान
सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच के दूसरे दिन परिवार की दो महिलाओं के बयान भी दर्ज किए तो कर्मचारियों और डॉक्टर से एक बार फिर पूछताछ की।
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अस्पताल के गेट पर प्रसव के मामले में सिटी मजिस्ट्रेट ने लगभग दो घंटे तक सीसीटीवी फुटेज देखी। इसमें परिजन गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार रात करीब 8:32 बजे अस्पताल लाते दिख रहे हैं। पति रवि समेत अन्य परिजन डॉक्टर रुचि गुप्ता और कर्मचारियों से प्रसव कराने की गुहार लगाते हैं। बाद में करीब रात 11 बजे गर्भवती को यह कहकर बाहर निकाल दिया जाता है कि जब तक रुपये जमा नहीं करोगे तब तक भर्ती नहीं किया जाएगा।
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फुटेज में गर्भवती महिला भी तड़पती नजर आती है। रवि ने बताया कि फुटेज देखने के समय उसको भी साथ रखा गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में डॉक्टर और कर्मचारियों की असलियत सामने आ गई है। परिवार की दो महिलाओं के बयान रह गए थे वह भी पूरे कर लिए गए हैं। जांच आख्या डीएम के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। आगे की कार्रवाई उन्हीं के स्तर से होगी।
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परिजनों के भी दर्ज किए बयान
सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच के दूसरे दिन परिवार की दो महिलाओं के बयान भी दर्ज किए तो कर्मचारियों और डॉक्टर से एक बार फिर पूछताछ की।

महिला अस्पताल की ऑफिस में सीसीटीवी फुटेज देखते सिटी मजिस्ट्रेट रामजी लाल, संवाद