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Budaun News: कोर्ट के आदेश पर पुलिसकर्मियों पर दर्ज हुए मुकदमे, खाकी दागदार
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बदायूं। छह महीने में कई मामलों में पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके बावजूद पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों की ओर से इन कर्मियों पर लाइन हाजिर तक की कार्रवाई नहीं की गई। 29 जून को कोर्ट के आदेश पर बिनावर पुलिस ने तीन इंस्पेक्टर, चार उपनिरीक्षक समेत 25 पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट हुई है। इससे पूर्व मुजरिया थाने में तैनात उपनिरीक्षक समेत कई पुलिस कर्मियों पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसी तरह के कई ऐसे संगीन मामलों में पुलिस कर्मियों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हो चुके है।
केस 1
- सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव बरातेदार निवासी देवेश पटेल की ओर से कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट हुई है। उन्होंने बताया कि 27 अगस्त 2024 की सुबह उनके घर पर सिविल लाइंस थाने के एसआई दिनेश कुमार, हेड कांस्टेबल राज प्रताप और दो महिला सिपाही आ गए। इन लोगों ने मनीश को पूछा। मना करने पर उसके साथ मारपीट की। पुलिस ने सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
केस 2
- 29 जून को सीजेएम के आदेश पर बिनावर थाने में तीन इंस्पेक्टर समेत 25 पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट की गई है। बिनावर थाना क्षेत्र के गांव रहमा निवासी अधिवक्ता मोहम्मद तसलीम गाजी ने बताया कि एसओजी और पुलिस ने गांव कुतुबपुर थरा निवासी मुख्त्यार पुत्र निजामउद्दीन, विलाल, अजीत, अशरफ और तरनवीर को 28 जुलाई 2024 को पकड़ा था। उन्हें बिनावर में अवैध तरीके से रखा। इसके बाद उनकी डोडा के साथ गिरफ्तारी दिखाई। 30 जुलाई को प्रेस नोट में उनका फोटो भी जारी किया था।
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केस-3
फरवरी को कोर्ट के आदेश पर उघैती थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। उसमें वादी जितेंद्र सिंह पर 19 जनवरी को जानलेवा हमला हुआ। मां पर फायरिंग की गई। तमंचे की बट से पीटा। आरोपी मां का पर्स, आधारकार्ड, चेकबुक, घर की चाबियां और 50 हजार रुपये समेत अन्य सामान लेकर भाग गए। इस मामले में सीओ समेत पुलिस कर्मियों ने आरोपियों की मदद की। कोर्ट ने तत्कालीन बिल्सी सीओ, तत्कालीन उघैती इंस्पेक्टर, हल्का प्रभारी समेत अन्य पर संबंधित धारा में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश थे।
केस 4
- कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव पसेई निवासी उदयवीर सिंह के प्रार्थना पत्र पर 30 जून को कोर्ट के आदेश पर कादरचौक पुलिस ने निर्माणाधीन एक कमरा की दीवार ध्वस्त कर मलबा डालने व वादी को जान से मारने की धमकी देने के मामले में रिपोर्ट दर्ज की थी। इसमें आठ अज्ञात पुलिस कर्मी, एक सचिव समेत कुल 20 नामजद किए थे।
केस 5
- मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव सिरकी खेड़ा निवासी धमेंद्र कुमार ने कोर्ट के आदेश उपनिरीक्षक विकास पुनिया, सिपाही दीपक, होमगार्ड व एक ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस कर्मियों ने उसके भाई संजीव को हवालात में बंद करके पीटा। छोड़ने के लिए 15 हजार रुपये लिए। यह पुलिस कर्मी अभी भी थाने में जमे हुए है।
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केस 1
- सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव बरातेदार निवासी देवेश पटेल की ओर से कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट हुई है। उन्होंने बताया कि 27 अगस्त 2024 की सुबह उनके घर पर सिविल लाइंस थाने के एसआई दिनेश कुमार, हेड कांस्टेबल राज प्रताप और दो महिला सिपाही आ गए। इन लोगों ने मनीश को पूछा। मना करने पर उसके साथ मारपीट की। पुलिस ने सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
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केस 2
- 29 जून को सीजेएम के आदेश पर बिनावर थाने में तीन इंस्पेक्टर समेत 25 पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट की गई है। बिनावर थाना क्षेत्र के गांव रहमा निवासी अधिवक्ता मोहम्मद तसलीम गाजी ने बताया कि एसओजी और पुलिस ने गांव कुतुबपुर थरा निवासी मुख्त्यार पुत्र निजामउद्दीन, विलाल, अजीत, अशरफ और तरनवीर को 28 जुलाई 2024 को पकड़ा था। उन्हें बिनावर में अवैध तरीके से रखा। इसके बाद उनकी डोडा के साथ गिरफ्तारी दिखाई। 30 जुलाई को प्रेस नोट में उनका फोटो भी जारी किया था।
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केस-3
फरवरी को कोर्ट के आदेश पर उघैती थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। उसमें वादी जितेंद्र सिंह पर 19 जनवरी को जानलेवा हमला हुआ। मां पर फायरिंग की गई। तमंचे की बट से पीटा। आरोपी मां का पर्स, आधारकार्ड, चेकबुक, घर की चाबियां और 50 हजार रुपये समेत अन्य सामान लेकर भाग गए। इस मामले में सीओ समेत पुलिस कर्मियों ने आरोपियों की मदद की। कोर्ट ने तत्कालीन बिल्सी सीओ, तत्कालीन उघैती इंस्पेक्टर, हल्का प्रभारी समेत अन्य पर संबंधित धारा में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश थे।
केस 4
- कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव पसेई निवासी उदयवीर सिंह के प्रार्थना पत्र पर 30 जून को कोर्ट के आदेश पर कादरचौक पुलिस ने निर्माणाधीन एक कमरा की दीवार ध्वस्त कर मलबा डालने व वादी को जान से मारने की धमकी देने के मामले में रिपोर्ट दर्ज की थी। इसमें आठ अज्ञात पुलिस कर्मी, एक सचिव समेत कुल 20 नामजद किए थे।
केस 5
- मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव सिरकी खेड़ा निवासी धमेंद्र कुमार ने कोर्ट के आदेश उपनिरीक्षक विकास पुनिया, सिपाही दीपक, होमगार्ड व एक ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस कर्मियों ने उसके भाई संजीव को हवालात में बंद करके पीटा। छोड़ने के लिए 15 हजार रुपये लिए। यह पुलिस कर्मी अभी भी थाने में जमे हुए है।