{"_id":"6a626306244d3310b6030dd4","slug":"case-registered-against-cold-storage-operator-for-allegedly-issuing-a-fake-cheque-as-death-compensation-badaun-news-c-123-1-bdn1038-169182-2026-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: मौत के मुआवजे में फर्जी चेक देने का आरोप, कोल्ड स्टोरेज संचालक पर केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: मौत के मुआवजे में फर्जी चेक देने का आरोप, कोल्ड स्टोरेज संचालक पर केस
विज्ञापन
बदायूं। न्यायालय के आदेश पर सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के दौरी निरोत्तमपुर निवासी महेश पाल की तहरीर पर पुलिस ने मथुरा के एक कोल्ड स्टोरेज संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। आरोपी पर बेटे की मौत के बाद मुआवजे के नाम पर बंद खाते का चेक देने और बकाया मजदूरी का भुगतान न करने का आरोप है।
महेश पाल ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनका बेटा विजय सिंह मथुरा स्थित स्वराज कोल्ड स्टोरेज में कार्यरत था। 3 अप्रैल 2025 को ड्यूटी के दौरान करंट लगने से उसकी मौत हो गई। आरोप है कि कोल्ड स्टोरेज संचालक अजय अग्रवाल ने छह लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन देते हुए दो चेक दिए, जिनमें एक एक लाख रुपये का चेक बहू सीमा और दूसरा पांच लाख रुपये का चेक महेश पाल के नाम था।
इसके अलावा 1.61 लाख रुपये मजदूरी का बकाया भी बताया गया। पीड़ित का आरोप है कि बैंक में चेक लगाने पर पता चला कि संबंधित खाता बंद है। इसके बाद आरोपी लगातार भुगतान टालता रहा और बाद में रुपये देने से भी इंकार कर दिया। शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर महेश पाल ने न्यायालय की शरण ली। सीओ सिटी राहुल पांडेय ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद केस दर्ज कर लिया गया। साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
महेश पाल ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनका बेटा विजय सिंह मथुरा स्थित स्वराज कोल्ड स्टोरेज में कार्यरत था। 3 अप्रैल 2025 को ड्यूटी के दौरान करंट लगने से उसकी मौत हो गई। आरोप है कि कोल्ड स्टोरेज संचालक अजय अग्रवाल ने छह लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन देते हुए दो चेक दिए, जिनमें एक एक लाख रुपये का चेक बहू सीमा और दूसरा पांच लाख रुपये का चेक महेश पाल के नाम था।
विज्ञापन
इसके अलावा 1.61 लाख रुपये मजदूरी का बकाया भी बताया गया। पीड़ित का आरोप है कि बैंक में चेक लगाने पर पता चला कि संबंधित खाता बंद है। इसके बाद आरोपी लगातार भुगतान टालता रहा और बाद में रुपये देने से भी इंकार कर दिया। शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर महेश पाल ने न्यायालय की शरण ली। सीओ सिटी राहुल पांडेय ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद केस दर्ज कर लिया गया। साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन