फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Bus station should be outside the city, only then relief from traffic jam is possible

Budaun News: बस अड्डा शहर से बाहर हो, जाम से निजात तभी संभव

Thu, 27 Feb 2025 12:06 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 27 Feb 2025 12:06 AM IST
विज्ञापन
Bus station should be outside the city, only then relief from traffic jam is possible
रोडवेज बस स्टैंड पर जर्जर टिनशेड के नीचे बैठे यात्री। संवाद
बदायूं। 60 साल पहले बना बस अड्डा शहर के बीचोंबीच आ चुका है। यहां करीब 300 बसों का रोजाना आना-जाना रहता है। इस कारण यहां दिनभर जाम की स्थिति रहती है। अड्डे पर आने-जाने वाली बसों के कारण लालपुल से लेकर पुलिस लाइन व नवादा रोड तक यातायात प्रभावित रहता है। लोगों का कहना है कि बस अड्डा शहर से बाहर जाए, तभी जाम से निजात संभव है।
विज्ञापन


रोडवेज बस अड्डे की इमारत पूरी तरह से खंडहर हो चुकी है। जो शेड बनाए गए थे उनकी टिन भी अब गल चुकी है। खंभे और दीवारें जर्जर होकर टूटनी शुरू हो गईं हैं। विभाग ने भी इसे कंडम घोषित करते हुए यहां बसों को खड़ा करना बंद कर दिया है। यात्रियों को रुकने के लिए मुख्य भवन के पास छोटा सा एक टिनशेड है। डिपो में अंदर जगह तो काफी है, लेकिन इमारत व टिन शेड खंडहर होने के कारण चालक बसों को भीतर नहीं ले जाते। इसलिए सवारियां भी बाहर सड़क के किनारे ही खड़ी रहती हैं।
विज्ञापन

बसों की बात करें तो बदायूं डिपो के पास 181 बसें हैं। इसके अलावा करीब 100-150 बसें दूसरे डिपो की यहां आती हैं। ऐसे में तीन सौ से ज्यादा बसें दिनभर बस अड्डे से आती-जाती है। बसों के आने के लिए महज एक ही सड़क है। लालपुल होते हुए कलक्ट्रेट तिराहे के सामने से जिला अस्पताल रोड से होते हुए बस अड्डे तक आती हैं। इसके अलावा यहां से पुलिस लाइन चौराहा से दातागंज तिराहा, पुरानी चुंगी होते हुए बरेली मार्ग की तरफ जाती है। सड़क ज्यादा चौड़ी न होने पर बसों के गुजरने पर यहां जाम लग जाता है। करीब 10 से 15 हजार यात्री रोजाना बस अड्डे से आते जाते हैं। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन





घनी आबादी के बीच में आ चुका है बस अड्डा

शहर के डा. सचिन गुप्ता का कहना है कि साठ साल पहले जब बस अड्डा बना था तो यहां आबादी नहीं थी। अब बस अड्डा घनी आबादी के बीच में आ चुका है। पूरे शहर का यातायात इससे प्रभावित होता है। करीब 15 साल पहले बस अड्डे को यहां से हटाने की कवायद की गई थी। चूंकि डिपो में ही वर्कशॉप था, इसलिए पहले वर्कशॉप को शहर से बाहर दातागंज मार्ग की तरफ ले जाया गया।


बाइपास या एक्सप्रेसवे के आसपास हो शिफ्ट
व्यापारी प्रतीश गुप्ता का कहना है कि वर्कशॉप शहर से बाहर जाने से कुछ राहत तो मिली, लेकिन बस अड्डा भी शहर से बाहर जाए तब ही जाम से मुक्ति मिल सकेगी। शासन की ओर से शहर से बाहर बस अड्डे शिफ्ट करने के लिए जमीन तलाशने के लिए परिवहन निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। बदायूं रोडवेज बस अड्डे को अगर बाइपास या एक्सप्रेसवे के आसपास शिफ्ट कर दिया जाए तो लोगों को जाम से निजात मिल सकती है।






शासन की ओर से बस अड्डा शिफ्ट करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। बस अड्डा शहर से बाहर बने तो समस्याओं से निजात मिले। शासन जो भी निर्देश जारी करेगा उसी के हिसाब से काम किया जाएगा। -अजय कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, बदायूं

रोडवेज बस स्टैंड पर जर्जर टिनशेड के नीचे बैठे यात्री। संवाद

रोडवेज बस स्टैंड पर जर्जर टिनशेड के नीचे बैठे यात्री। संवाद

रोडवेज बस स्टैंड पर जर्जर टिनशेड के नीचे बैठे यात्री। संवाद

रोडवेज बस स्टैंड पर जर्जर टिनशेड के नीचे बैठे यात्री। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed