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रोडवेज बस स्टैंड से ही भरी जा रहीं निजी बसें, डिपो को चूना
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रोडवेज बस स्टैंड के सामने बदायूं डिपो की बस के साथ खड़ी निजी बस। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। रोडवेज की बसों के चुनाव ड्यूटी में होने का इन दिनों निजी डग्गामार बसों के संचालक पूरा फायदा उठा रहे हैं। रोडवेज बस स्टैंड के सामने से ही डग्गामार निजी बसों को भरा जा रहा है। रोडवेज बसों की तरह दिखने वाली निजी बसों को साथ खड़ा किया जा रहा है। बदायूं-दिल्ली, बदायूं-फर्रुखाबाद, बदायूं-मुरादाबाद, बदायूं-मथुरा के बीच यह बसें धड़ल्ले से दौड़ रही हैं।
बदायूं डिपो के बेड़े में कुल 168 बसें शामिल हैं। इनमें 37 अनुबंधित हैं। निर्वाचन आयोग ने बदायूं डिपो की 37 अनुबंधित के साथ 61 निगम की बसों को भी अधिग्रहीत किया था। इस कारण यात्रियों को काफी मुश्किल हो गई थी। विभिन्न रूटों पर यात्रियों को घंटों भटकना पड़ रहा था। अनुबंधित 37 बसों की वापसी के बाद लोकल रूटों पर समस्या कुछ कम हुई है, लेकिन बदायूं-दिल्ली, बदायूं-फर्रुखाबाद, बदायूं-कासगंज, बदायूं-चंदौसी, बदायूं-आगरा, बदायूं-मथुरा रूटों पर अब भी लोगों को बसों का घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इसका फायदा डग्गामार उठा रहे हैं।
रोडवेज बसों की तरह दिखने वाली निजी डग्गामार बसों को इन दिनों रोडवेज बस स्टैंड के सामने से ही भरा जा रहा है। पास ही पुलिस चौकी भी है। हालांकि, बदायूं डिपो के पास अब भी 100 बसें हैं। इसके बाद भी यात्रियों की समस्या कम नहीं हुई है। रोडवेज बस जैसी दिखने वाली निजी डग्गामार बसों में जब यात्री सवार हो जाते हैं उसके बाद उनको पता लगता है कि यह बस रोडवेज की नहीं है।
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पुलिस और एआरटीओ से शिकायत का असर नहीं
रोडवेज बस स्टैंड के पास से हो रही डग्गामारी को लेकर बदायूं डिपो के एआरएम ने कई बार पुलिस और एआरटीओ को भी लिखा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। रोडवेज बस स्टैंड के पास से ही डग्गामार वाहनों को भरने के कारण डिपो को राजस्व का नुकसान होता है। बस स्टैंड के बाहर पुलिस चौकी भी है, लेकिन पुलिस भी डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती। डिपो के अधिकारियों को निजी डग्गामार बसों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार नहीं है। इसका फायदा डग्गामार उठा रहे हैं।
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निर्वाचन आयोग के अधिग्रहण में अभी बदायूं डिपो की 61 बसें हैं। अनुबंधित बसों की वापसी हो चुकी है। ऐसे में लोकल रूटों पर अब समस्या नहीं है। लंबे रूटों पर अगर कहीं कोई समस्या है तो यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बसों के फेरों में इजाफा किया जाएगा। डिपो के बाहर से निजी बसें मुसाफिरों को बैठाती हैं, इस बारे में हमने संबंधित विभागों से कई बार शिकायत की है। - लक्ष्मण सिंह, एआरएम बदायूं डिपो
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बदायूं डिपो के बेड़े में कुल 168 बसें शामिल हैं। इनमें 37 अनुबंधित हैं। निर्वाचन आयोग ने बदायूं डिपो की 37 अनुबंधित के साथ 61 निगम की बसों को भी अधिग्रहीत किया था। इस कारण यात्रियों को काफी मुश्किल हो गई थी। विभिन्न रूटों पर यात्रियों को घंटों भटकना पड़ रहा था। अनुबंधित 37 बसों की वापसी के बाद लोकल रूटों पर समस्या कुछ कम हुई है, लेकिन बदायूं-दिल्ली, बदायूं-फर्रुखाबाद, बदायूं-कासगंज, बदायूं-चंदौसी, बदायूं-आगरा, बदायूं-मथुरा रूटों पर अब भी लोगों को बसों का घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इसका फायदा डग्गामार उठा रहे हैं।
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रोडवेज बसों की तरह दिखने वाली निजी डग्गामार बसों को इन दिनों रोडवेज बस स्टैंड के सामने से ही भरा जा रहा है। पास ही पुलिस चौकी भी है। हालांकि, बदायूं डिपो के पास अब भी 100 बसें हैं। इसके बाद भी यात्रियों की समस्या कम नहीं हुई है। रोडवेज बस जैसी दिखने वाली निजी डग्गामार बसों में जब यात्री सवार हो जाते हैं उसके बाद उनको पता लगता है कि यह बस रोडवेज की नहीं है।
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पुलिस और एआरटीओ से शिकायत का असर नहीं
रोडवेज बस स्टैंड के पास से हो रही डग्गामारी को लेकर बदायूं डिपो के एआरएम ने कई बार पुलिस और एआरटीओ को भी लिखा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। रोडवेज बस स्टैंड के पास से ही डग्गामार वाहनों को भरने के कारण डिपो को राजस्व का नुकसान होता है। बस स्टैंड के बाहर पुलिस चौकी भी है, लेकिन पुलिस भी डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती। डिपो के अधिकारियों को निजी डग्गामार बसों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार नहीं है। इसका फायदा डग्गामार उठा रहे हैं।
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निर्वाचन आयोग के अधिग्रहण में अभी बदायूं डिपो की 61 बसें हैं। अनुबंधित बसों की वापसी हो चुकी है। ऐसे में लोकल रूटों पर अब समस्या नहीं है। लंबे रूटों पर अगर कहीं कोई समस्या है तो यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बसों के फेरों में इजाफा किया जाएगा। डिपो के बाहर से निजी बसें मुसाफिरों को बैठाती हैं, इस बारे में हमने संबंधित विभागों से कई बार शिकायत की है। - लक्ष्मण सिंह, एआरएम बदायूं डिपो