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अभी 10 मार्च तक रहेगा परेशानी भरा सफर
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रोडवेज बस में बैठने को लेकर यात्रियों में होती खींचतान। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। यात्रियों को अभी दस मार्च तक सफर में दिक्कतों का सामना करना होगा। शुक्रवार को बदायूं डिपो की सात और बसें चुनाव के लिए रवाना हो गईं। इससे पहले 67 बसें जा चुकी हैं। बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को विभिन्न रूटों पर शुक्रवार को भी बसों का घंटों इंतजार करना पड़ा तो कई रूटों पर मजबूरी में डग्गामार वाहनों के सहारे सफर पूरा करना पड़ा। इस संबंध में परिवहन विभाग के एआरएम का भी कहना है कि स्थिति में सुधार 10 मार्च तक ही हो पाएगा।
विधानसभा चुनाव के लिए 10 फरवरी को पहले चरण के मतदान से पहले ही निर्वाचन आयोग ने परिवहन निगम की बसों का अधिग्रहण शुरू कर लिया था। इसके बाद 14 फरवरी को दूसरे चरण के लिए मतदान हुआ। अब 20 फरवरी को तीसरे चरण का मतदान होना है। प्रदेश में सात चरणों में मतदान कराया जा रहा है। एक जिले से दूसरे जिले में फोर्स और निर्वाचन कर्मियों को भेजने के लिए परिवहन निगम की बसों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बदायूं डिपो के बेड़े में कुल 168 बसें हैं। इनमें 131 बसें निगम की और 37 अनुबंधित हैं। अनुबंधित बसों का संचालन जिले के लोकल रूटों पर होता था। फिलहाल चुनाव के लिए अनुबंधित समेत 74 बसों का अधिग्रहण किया जा चुका है। इस कारण जिले में यात्रियों को बदायूं-फर्रुखाबाद, बदायूं-बरेली, बदायूं-कासगंज, बदायूं-चंदौसी, बदायूं-दिल्ली, बदायूं-फर्रुखाबाद, बदायूं-आगरा, बदायूं-मथुरा रूटों पर बसों का घंटों इतजार करना पड़ रहा है।
शुक्रवार को भी बदायूं रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों के बीच बसों में सवार होने को लेकर मारामारी रही। यात्रियों के दबाव के मुताबिक बसों की संख्या काफी कम होने से समस्या पैदा हो रही है। बदायूं-बरेली, बदायूं-कासगंज रूट पर रेल सेवा है, लेकिन जिले में अन्य किसी रूट पर रेल सेवा नहीं है। ऐसे में रोडवेज बसों की कमी के बीच लोकल रूटों पर इन दिनों डग्गामार हावी हो गए हैं।
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बदायूं-बरेली, बदायूं-कासगंज रूट पर ट्रेनों में यात्री बढ़े
बसों की संख्या कम होने से इन दिनों ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। बदायूं-बरेली रूट पर प्रतिदिन अप-डाउन में पांच जोड़ी ट्रेनों का संचालन होता है। इनमें दो-दो जोड़ी ट्रेन बरेली सिटी-कासगंज, कासगंज-लालकुआं और एक जोड़ी काशीपुर-कासगंज शामिल हैं। दिन में बदायूं से बरेली के लिए सुबह 07:39, 11:59 और 2:20 बजे ट्रेनें हैं। लोकल रूटों पर चलने वाली बसों के भी चुनाव ड़्यूटी में जाने के बाद प्रमुख रूप से इन तीनों ट्रेनों में अप-डाउन यात्रियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। स्टेशन मास्टर पारस प्रवीन का कहना है कि इन दिनों पहले से ज्यादा टिकट की बिक्री हो रही है। यात्री बढ़ने का एक कारण यह भी है कि अब मौसम काफी साफ हो गया है।
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यात्रियों ने बयां किया दर्द
कलान जाने के लिए दो घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं। कुछ देर पहले एक बस आई भी थी तो उसमें इतनी सवारियां थीं कि चढ़ना ही मुश्किल हो गया। बसों की कमी के कारण काफी दिक्कत है।
-प्रमोद
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बसों की कमी के कारण यात्रियों को काफी समस्या हो रही है। खासकर महिला यात्रियों को ज्यादा समस्या हो रही है। परिवार के साथ कलान जाना है। तीन घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं।
-शिव कुमार
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डिपो के पूछताछ केंद्र पर भी यात्रियों को बसों के आने-जाने की सही जानकारी नहीं दी जा रही। चंदौसी जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा हूं। कह दिया गया है कि जब बस आएगी तब जाएगी।
-राजू
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कई रूटों पर बसों की कमी के कारण समस्या पहले से थी। अब चुनाव ड्यूटी में बसों के जाने के कारण समस्या बढ़ गई है। यूपी की सीमा से लगे उत्तराखंड के जिलों के लिए बसें अब है ही नहीं।
-धीरेंद्र अधिकारी
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डिपो की बसों का चुनाव के लिए अधिग्रहण किया गया है। इस कारण कुछ रूटों पर बसों की कमी से समस्या पैदा हो रही है। इन रूटों पर यात्रियों की जरूरतों के अनुसार बसों के फेरों को बढ़ाया जा रहा है। चुनाव ड्यूटी में गई बसों की आठ मार्च से वापसी होगी। दस मार्च से हालात सामान्य हो जाएंगे।
-लक्ष्मण सिंह, एआरएम बदायूं डिपो
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विधानसभा चुनाव के लिए 10 फरवरी को पहले चरण के मतदान से पहले ही निर्वाचन आयोग ने परिवहन निगम की बसों का अधिग्रहण शुरू कर लिया था। इसके बाद 14 फरवरी को दूसरे चरण के लिए मतदान हुआ। अब 20 फरवरी को तीसरे चरण का मतदान होना है। प्रदेश में सात चरणों में मतदान कराया जा रहा है। एक जिले से दूसरे जिले में फोर्स और निर्वाचन कर्मियों को भेजने के लिए परिवहन निगम की बसों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बदायूं डिपो के बेड़े में कुल 168 बसें हैं। इनमें 131 बसें निगम की और 37 अनुबंधित हैं। अनुबंधित बसों का संचालन जिले के लोकल रूटों पर होता था। फिलहाल चुनाव के लिए अनुबंधित समेत 74 बसों का अधिग्रहण किया जा चुका है। इस कारण जिले में यात्रियों को बदायूं-फर्रुखाबाद, बदायूं-बरेली, बदायूं-कासगंज, बदायूं-चंदौसी, बदायूं-दिल्ली, बदायूं-फर्रुखाबाद, बदायूं-आगरा, बदायूं-मथुरा रूटों पर बसों का घंटों इतजार करना पड़ रहा है।
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शुक्रवार को भी बदायूं रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों के बीच बसों में सवार होने को लेकर मारामारी रही। यात्रियों के दबाव के मुताबिक बसों की संख्या काफी कम होने से समस्या पैदा हो रही है। बदायूं-बरेली, बदायूं-कासगंज रूट पर रेल सेवा है, लेकिन जिले में अन्य किसी रूट पर रेल सेवा नहीं है। ऐसे में रोडवेज बसों की कमी के बीच लोकल रूटों पर इन दिनों डग्गामार हावी हो गए हैं।
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बदायूं-बरेली, बदायूं-कासगंज रूट पर ट्रेनों में यात्री बढ़े
बसों की संख्या कम होने से इन दिनों ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। बदायूं-बरेली रूट पर प्रतिदिन अप-डाउन में पांच जोड़ी ट्रेनों का संचालन होता है। इनमें दो-दो जोड़ी ट्रेन बरेली सिटी-कासगंज, कासगंज-लालकुआं और एक जोड़ी काशीपुर-कासगंज शामिल हैं। दिन में बदायूं से बरेली के लिए सुबह 07:39, 11:59 और 2:20 बजे ट्रेनें हैं। लोकल रूटों पर चलने वाली बसों के भी चुनाव ड़्यूटी में जाने के बाद प्रमुख रूप से इन तीनों ट्रेनों में अप-डाउन यात्रियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। स्टेशन मास्टर पारस प्रवीन का कहना है कि इन दिनों पहले से ज्यादा टिकट की बिक्री हो रही है। यात्री बढ़ने का एक कारण यह भी है कि अब मौसम काफी साफ हो गया है।
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यात्रियों ने बयां किया दर्द
कलान जाने के लिए दो घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं। कुछ देर पहले एक बस आई भी थी तो उसमें इतनी सवारियां थीं कि चढ़ना ही मुश्किल हो गया। बसों की कमी के कारण काफी दिक्कत है।
-प्रमोद
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बसों की कमी के कारण यात्रियों को काफी समस्या हो रही है। खासकर महिला यात्रियों को ज्यादा समस्या हो रही है। परिवार के साथ कलान जाना है। तीन घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं।
-शिव कुमार
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डिपो के पूछताछ केंद्र पर भी यात्रियों को बसों के आने-जाने की सही जानकारी नहीं दी जा रही। चंदौसी जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा हूं। कह दिया गया है कि जब बस आएगी तब जाएगी।
-राजू
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कई रूटों पर बसों की कमी के कारण समस्या पहले से थी। अब चुनाव ड्यूटी में बसों के जाने के कारण समस्या बढ़ गई है। यूपी की सीमा से लगे उत्तराखंड के जिलों के लिए बसें अब है ही नहीं।
-धीरेंद्र अधिकारी
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डिपो की बसों का चुनाव के लिए अधिग्रहण किया गया है। इस कारण कुछ रूटों पर बसों की कमी से समस्या पैदा हो रही है। इन रूटों पर यात्रियों की जरूरतों के अनुसार बसों के फेरों को बढ़ाया जा रहा है। चुनाव ड्यूटी में गई बसों की आठ मार्च से वापसी होगी। दस मार्च से हालात सामान्य हो जाएंगे।
-लक्ष्मण सिंह, एआरएम बदायूं डिपो