{"_id":"58232d6c4f1c1bf77eb398c4","slug":"bsf-soldier-death-in-bareilly","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैंसर पीड़ित बीएसएफ जवान की बरेली में मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैंसर पीड़ित बीएसएफ जवान की बरेली में मौत
ब्यूरो/बदायूं
Updated Wed, 09 Nov 2016 11:55 PM IST
विज्ञापन
कैंसर पीड़ित बीएसएफ जवान की बरेली में मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कैंसर से पीड़ित जवान दिलीप श्रोतीय की बरेली के एक अस्पताल में मंगलवार को मौत हो गई। बुधवार को दिलीप के पैतृक गांव मुसिया नगला में सैन्य सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया गया। तिरंगे में लिपटा जवान का शव जब सेना के वाहन से मुसिया नगला पहुंचा, तो जवान को श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया।
बिसौली कोतवाली के गांव मुसिया नगला निवासी दिलीप श्रोतीय पुत्र अवधेश श्रोतीय आठ नवंबर 2005 को बीएसएफ में भर्ती हुए थे। इससे पहले उनकी तैनाती पश्चिमी बंगाल में बीएसएफ की 134वीं बटालियन में थी। वहां उनको पता लगा कि वह ब्लड कैंसर की चपेट में आ गए हैं। इसके बाद से दिलीप का इलाज चल रहा था। वह एम्स में भी भर्ती रहे। स्थिति में सुधार होने के बाद दिलीप ने अपना तबादला बीएसएफ की बरेली 125वीं बटालियन में करा लिया था। ज्वाइनिंग करने के बाद दिलीप घर पर आ गए थे। काम निपटाने के बाद वह छह नवंबर को फिर से बरेली अपनी बटालियन में चले गए।
सोमवार को यहां दिलीप की हालत बिगड़ने पर उनको फिर अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार शाम बरेली के जिला अस्पताल में दिलीप ने दम तोड़ दिया। दिलीप का शव सेना के वाहन से एसआई महीपाल सिंह की अगुवाई में एक टीम लेकर मुसिया नगला पहुंची। यहां सैन्य सम्मान के साथ दिलीप का अंतिम संस्कार किया गया। उनके छह साल के बेटे आयुष ने मुखाग्नि दी। जवान को श्रद्धांजलि देने वालों का गांव में तांता लगा रहा। अंतिम यात्रा में भी भारी भीड़ उमड़ी।
विज्ञापन
जवान के जीवन में अहम रही आठ नवंबर
दबतोरी (बदायूं)। बीएसएफ के जवान दिलीप के जीवन में आठ नवंबर की तारीख काफी अहम रही। दिलीप के परिवार और गांव में भी इसको लेकर काफी चर्चा है। आठ नवंबर को ही दिलीप बीएसएफ में भर्ती हुए थे। इसी तारीख को उनकी शादी हुई और इसी तारीख को मौत दिलीप को निगल गई।
बिसौली थाने के गांव मुसिया नगला के दिलीप बीएसएफ में आठ नवंबर 2005 को भर्ती हुए थे। पांच भाई बहनों में सबसे बड़े दिलीप की शादी आठ नवंबर 2008 को पायल शर्मा से हुई थी। इसके ठीक आठ साल बाद आठ नवंबर 2016 को ही दिलीप को मौत निगल गई। दिलीप के परिवार में दो बेटे आयुष छह साल और अंबर चार साल हैं। मां प्रवेश कुमारी और पत्नी पायल शर्मा समेत पूरे परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है।
दादी और ताई के पास बनेगी दिलीप की समाधि
दबतोरी। दिलीप का अंतिम संस्कार उनके गांव मुसिया नगला में सैन्य सम्मान कि साथ किया गया। इसी स्थान पर इससे पहले दिलीप की दादी रामबेटी और ताई रानी देवी का अंतिम संस्कार किया गया था। दोनों की समाधियां यहां पर हैं। अब दादी और ताई के पास दिलीप की समाधि भी बनाई जाएगी।
विज्ञापन
बिसौली कोतवाली के गांव मुसिया नगला निवासी दिलीप श्रोतीय पुत्र अवधेश श्रोतीय आठ नवंबर 2005 को बीएसएफ में भर्ती हुए थे। इससे पहले उनकी तैनाती पश्चिमी बंगाल में बीएसएफ की 134वीं बटालियन में थी। वहां उनको पता लगा कि वह ब्लड कैंसर की चपेट में आ गए हैं। इसके बाद से दिलीप का इलाज चल रहा था। वह एम्स में भी भर्ती रहे। स्थिति में सुधार होने के बाद दिलीप ने अपना तबादला बीएसएफ की बरेली 125वीं बटालियन में करा लिया था। ज्वाइनिंग करने के बाद दिलीप घर पर आ गए थे। काम निपटाने के बाद वह छह नवंबर को फिर से बरेली अपनी बटालियन में चले गए।
विज्ञापन
सोमवार को यहां दिलीप की हालत बिगड़ने पर उनको फिर अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार शाम बरेली के जिला अस्पताल में दिलीप ने दम तोड़ दिया। दिलीप का शव सेना के वाहन से एसआई महीपाल सिंह की अगुवाई में एक टीम लेकर मुसिया नगला पहुंची। यहां सैन्य सम्मान के साथ दिलीप का अंतिम संस्कार किया गया। उनके छह साल के बेटे आयुष ने मुखाग्नि दी। जवान को श्रद्धांजलि देने वालों का गांव में तांता लगा रहा। अंतिम यात्रा में भी भारी भीड़ उमड़ी।
विज्ञापन
जवान के जीवन में अहम रही आठ नवंबर
दबतोरी (बदायूं)। बीएसएफ के जवान दिलीप के जीवन में आठ नवंबर की तारीख काफी अहम रही। दिलीप के परिवार और गांव में भी इसको लेकर काफी चर्चा है। आठ नवंबर को ही दिलीप बीएसएफ में भर्ती हुए थे। इसी तारीख को उनकी शादी हुई और इसी तारीख को मौत दिलीप को निगल गई।
बिसौली थाने के गांव मुसिया नगला के दिलीप बीएसएफ में आठ नवंबर 2005 को भर्ती हुए थे। पांच भाई बहनों में सबसे बड़े दिलीप की शादी आठ नवंबर 2008 को पायल शर्मा से हुई थी। इसके ठीक आठ साल बाद आठ नवंबर 2016 को ही दिलीप को मौत निगल गई। दिलीप के परिवार में दो बेटे आयुष छह साल और अंबर चार साल हैं। मां प्रवेश कुमारी और पत्नी पायल शर्मा समेत पूरे परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है।
दादी और ताई के पास बनेगी दिलीप की समाधि
दबतोरी। दिलीप का अंतिम संस्कार उनके गांव मुसिया नगला में सैन्य सम्मान कि साथ किया गया। इसी स्थान पर इससे पहले दिलीप की दादी रामबेटी और ताई रानी देवी का अंतिम संस्कार किया गया था। दोनों की समाधियां यहां पर हैं। अब दादी और ताई के पास दिलीप की समाधि भी बनाई जाएगी।