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तेज धूप और गर्मी से व्याकुल दिखे लोग
बदायूं, ब्यूरो
Updated Mon, 02 May 2016 11:48 PM IST
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पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार
- फोटो : अमर उजाला
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लू के थपेड़ों से बेजुवान भी बेहाल, छांव की तलाश में भटकते रहे
सोमवार को सूर्यदेव के तेवर बिगड़े तो पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। इससे राहत पहुंचाने वाली हवा भी लू बनकर लोगों के शरीर में चुभने लगी। सूरज की तेज किरणों की वजह से लोगों को ऊपर से आग बरसती मालूम हुई, जबकि उस तपिश से धरती भी काफी गर्म हो गई।
इस भीषण गर्मी और तपती दोपहरी में पहले तो लोगों ने घरों से निकलने की हिम्मत नहीं जुटाई। दूसरा जो लोग मजबूरी में घरों से निकले भी वो गर्मी से बचने का पूरा इंतजाम करके। लेकिन चिलचिलाती धूप में सारे इंतजाम नाकाफी साबित हुए। दोपहर के वक्त आग उगलते सूरज के सामने न तो गमछा काम आया और न ही स्टॉल। लोग छांव भरे स्थानों की तलाश करते नजर आए। पेड़ों की छांव में बैठकर लोगों ने खुद गर्मी से बचाया।
कूलर और पंखे फेंक रहे गर्म हवा
तेज धूप होने और गर्म हवा चलने की वजह से लोगों को घर और बाहर कहीं राहत नहीं मिली। गर्मी से राहत पाने के लिए लोगों ने पंखे चलाए तो उनसे गर्म हवा आई। बाद में कूलर और एसी भी पर्याप्त कूलिंग नहीं दे सके। इससे लोगों को दिन में गर्मी से राहत नहीं मिल सकी। ------
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बढ़ गए खीरा, ककड़ी और तरबूज के दाम
गर्मी बढने का असर आम जनमानस के साथ ही बाजारों पर भी नजर आने लगा है। गर्मी में राहत पहुंचाने वाला तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा, नींबू आदि के दामों में भी बढ़ोत्तरी नजर आई। साथ ही अंगूर एवं अन्य रसीले फल भी महंगे बिक रहे हैं।
पेय पदार्थों की धड़ल्ले हो रही बिक्री
इसे गर्मी का असर ही कहेंगे कि पेय पदार्थों के ठेलों पर हर वक्त ग्राहकों भारी भीड़ नजर आ जाती है। शहर में लगे दर्जनों गन्ने के रसों के ठेलों, आइसक्रीम सेंटरों, कुल्फी और बर्फ गोला के ठेलों, लस्सी की दुकानों और कोल्ड्रिंक की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए सारे जतन अपना रहे हैं।
पशु-पक्षी भी हुए बेहाल
सिर्फ इंसानों बल्कि पशु-पक्षियों का भी बुरा हाल है। गर्मी बढने पर पक्षी जहां खुद को ताल, तलैया, हैंडपाइप, नाली आदि के पानी में घुसकर गर्मी से बचने के उपाय कर रहे हैं। वहीं जानवर भी पानी और ठंडे स्थानों पर बैठक गर्मी से राहत पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ताल-तलैयों में पानी कम होने की वजह से उन लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।
धूप में निकलने से बीमारियों का खतरा
धूप में बिना सिर और चेहरे को ढके निकलने पर लू लगने की आशंका बनी रहती है। साथ ही हीट-स्ट्रोक, बुखार, डायरिया, उल्टी, दस्त डायरिया आदि का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में डॉ. हरपाल सिंह का कहना है कि तेज में धूप में घरों से निकलने से परहेज करें। पानी भी बार-बार पीते रहें और शिकंजी आदि ठंडे पदार्थों को सेवन बढ़ाएं।
सोमवार को सूर्यदेव के तेवर बिगड़े तो पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। इससे राहत पहुंचाने वाली हवा भी लू बनकर लोगों के शरीर में चुभने लगी। सूरज की तेज किरणों की वजह से लोगों को ऊपर से आग बरसती मालूम हुई, जबकि उस तपिश से धरती भी काफी गर्म हो गई।
इस भीषण गर्मी और तपती दोपहरी में पहले तो लोगों ने घरों से निकलने की हिम्मत नहीं जुटाई। दूसरा जो लोग मजबूरी में घरों से निकले भी वो गर्मी से बचने का पूरा इंतजाम करके। लेकिन चिलचिलाती धूप में सारे इंतजाम नाकाफी साबित हुए। दोपहर के वक्त आग उगलते सूरज के सामने न तो गमछा काम आया और न ही स्टॉल। लोग छांव भरे स्थानों की तलाश करते नजर आए। पेड़ों की छांव में बैठकर लोगों ने खुद गर्मी से बचाया।
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कूलर और पंखे फेंक रहे गर्म हवा
तेज धूप होने और गर्म हवा चलने की वजह से लोगों को घर और बाहर कहीं राहत नहीं मिली। गर्मी से राहत पाने के लिए लोगों ने पंखे चलाए तो उनसे गर्म हवा आई। बाद में कूलर और एसी भी पर्याप्त कूलिंग नहीं दे सके। इससे लोगों को दिन में गर्मी से राहत नहीं मिल सकी। ------
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बढ़ गए खीरा, ककड़ी और तरबूज के दाम
गर्मी बढने का असर आम जनमानस के साथ ही बाजारों पर भी नजर आने लगा है। गर्मी में राहत पहुंचाने वाला तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा, नींबू आदि के दामों में भी बढ़ोत्तरी नजर आई। साथ ही अंगूर एवं अन्य रसीले फल भी महंगे बिक रहे हैं।
पेय पदार्थों की धड़ल्ले हो रही बिक्री
इसे गर्मी का असर ही कहेंगे कि पेय पदार्थों के ठेलों पर हर वक्त ग्राहकों भारी भीड़ नजर आ जाती है। शहर में लगे दर्जनों गन्ने के रसों के ठेलों, आइसक्रीम सेंटरों, कुल्फी और बर्फ गोला के ठेलों, लस्सी की दुकानों और कोल्ड्रिंक की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए सारे जतन अपना रहे हैं।
पशु-पक्षी भी हुए बेहाल
सिर्फ इंसानों बल्कि पशु-पक्षियों का भी बुरा हाल है। गर्मी बढने पर पक्षी जहां खुद को ताल, तलैया, हैंडपाइप, नाली आदि के पानी में घुसकर गर्मी से बचने के उपाय कर रहे हैं। वहीं जानवर भी पानी और ठंडे स्थानों पर बैठक गर्मी से राहत पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ताल-तलैयों में पानी कम होने की वजह से उन लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।
धूप में निकलने से बीमारियों का खतरा
धूप में बिना सिर और चेहरे को ढके निकलने पर लू लगने की आशंका बनी रहती है। साथ ही हीट-स्ट्रोक, बुखार, डायरिया, उल्टी, दस्त डायरिया आदि का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में डॉ. हरपाल सिंह का कहना है कि तेज में धूप में घरों से निकलने से परहेज करें। पानी भी बार-बार पीते रहें और शिकंजी आदि ठंडे पदार्थों को सेवन बढ़ाएं।