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कोविड काल में कर्जदारों को मिली छूट, पर बैंक टूटी किस्तों पर जोड़ रहा ब्याज
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बदायूं। कोविड काल के दौरान सभी तरह के उद्योग धंधे बंद हो गए थे। इसे ध्यान में रखते हुए बैंकों की तरफ से कर्ज लेने वाले लोगों को छूट प्रदान करते हुए 31 अगस्त तक किस्त न जमा करने की छूट दी है। इससे कर्ज लेने वालों को काफी राहत मिली लेकिन इस बीच छूट की अवधि में भी टूटी किस्तों पर बैंक ब्याज वसूलना चाहता है। ऐसे में व्यापारी इसको अव्यवहारिक बता रहे हैं। उनका कहना है जब किस्त न जमा करने में छूट दी गई तो फिर उस पर ब्याज क्यों मांगा जा रहा है।
देश में जिस तेजी से कोरोना ने दस्तक दी, उसे देखते हुए प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन की घोषणा कर दी। इस बीच सरकारी कार्यालय से लेकर उद्योग धंधे तक बंद हो गए। करीब 42 दिन के लॉकडाउन के बाद सरकार की तरफ से कुछ राहत देते हुए लॉकडाउन जारी रखा गया। उसके बाद में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। व्यापारी धीरे-धीरे अपने व्यापार को शुरू करने लगे। लेकिन कोरोना संक्रमित निकलने की वजह से कई-कई बार व्यापारियों को दुकानें बंद रखना पड़ा। इसे देखते हुए सरकार ने उन लोगों को राहत दी जिन्होंने बैंकों से कर्ज ले रखा था। कहा कि अप्रैल से तीन माह ब्याज की किस्त में फिलहाल छूट दी जाएगी। उसके बाद व्यापारियों की हालात को देखते हुए इस समय अवधि को बढ़ाते हुए 30 सितंबर कर दिया गया। लेकिन सरकार ने जिन किस्तों पर राहत दी थी, उन किस्तों के लगातार जमा न करने पर अब बैंक ब्याज जोड़ने लगे हैं। इसे लेकर व्यापारी वर्ग बेहद परेशान हैं।
शासन के निर्देश पर 30 सितंबर तक ईएमआई जमा न करने पर राहत दी है। उसके बाद में अगर शासन के नए नियम आते हैं तो उसके अनुरूप काम किया। अन्यथा उसके बाद में लोगों को अपनी किस्त जमा करनी होगी। साथ ही जो किस्त टूट रही है। उस पर ब्याज की प्रक्रिया है।
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- परमजीत सिंह, एलडीएम पंजाब नेशनल बैंक
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देश में जिस तेजी से कोरोना ने दस्तक दी, उसे देखते हुए प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन की घोषणा कर दी। इस बीच सरकारी कार्यालय से लेकर उद्योग धंधे तक बंद हो गए। करीब 42 दिन के लॉकडाउन के बाद सरकार की तरफ से कुछ राहत देते हुए लॉकडाउन जारी रखा गया। उसके बाद में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। व्यापारी धीरे-धीरे अपने व्यापार को शुरू करने लगे। लेकिन कोरोना संक्रमित निकलने की वजह से कई-कई बार व्यापारियों को दुकानें बंद रखना पड़ा। इसे देखते हुए सरकार ने उन लोगों को राहत दी जिन्होंने बैंकों से कर्ज ले रखा था। कहा कि अप्रैल से तीन माह ब्याज की किस्त में फिलहाल छूट दी जाएगी। उसके बाद व्यापारियों की हालात को देखते हुए इस समय अवधि को बढ़ाते हुए 30 सितंबर कर दिया गया। लेकिन सरकार ने जिन किस्तों पर राहत दी थी, उन किस्तों के लगातार जमा न करने पर अब बैंक ब्याज जोड़ने लगे हैं। इसे लेकर व्यापारी वर्ग बेहद परेशान हैं।
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शासन के निर्देश पर 30 सितंबर तक ईएमआई जमा न करने पर राहत दी है। उसके बाद में अगर शासन के नए नियम आते हैं तो उसके अनुरूप काम किया। अन्यथा उसके बाद में लोगों को अपनी किस्त जमा करनी होगी। साथ ही जो किस्त टूट रही है। उस पर ब्याज की प्रक्रिया है।
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- परमजीत सिंह, एलडीएम पंजाब नेशनल बैंक