Budaun: गंगा में नहाते समय डूबे दो युवकों के शव बरामद, परिजनों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार
दोनों शव बरामद होने के बाद चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार ने मृतकों के परिजन से पोस्टमार्टम कराने को लेकर बात की तो उन्होंने इनकार कर दिया। इसके बाद परिवार के लोग शव अपने-अपने घर लेकर चले गए।
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गंगाघाट पर डुबकी लगाते समय बहे हाथरस और बरेली निवासी सगे ममेरे-फुफेर भाइयों के शव गोताखोरों ने बृहस्पतिवार को खोज निकाले। दोनों शव उसी स्थान के पास गहराई में मिले, जहां वह बहते समय डूब गए थे। मृतकों के परिजनों ने उनका पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। शव लेकर वह घर चले गए। इधर, गंगा में लापता राजस्थान निवासी युवक का दूसरे दिन भी सुराग नहीं लग पाया है। उसके परिवार के लोग भी घाट पर डटे हुए हैं।
बृहस्पतिवार सुबह छह बजे से स्थानीय गोताखोरों की तीन टीमों ने पुल के पास और गहराई वाले स्थानों पर खोजबीन की तो दो घंटे की मशक्कत के बाद बरेली के भमोरा क्षेत्र के गांव बुधौली निवासी शिवम तोमर का शव खोज निकाला। इसके कुछ देर बाद ही शिवम के साथ एक दिन पहले बहे हाथरस जिले में सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के गांव खिजरपुर निवासी अर्जुन का शव भी खोज लिया गया।
शिवम और अर्जुन सगे ममेरे-फुफेरे भाई थे। अर्जुन की भतीजी का बुधवार दोपहर गंगाघाट पर ही मुंडन संस्कार हुआ था। मुंडन संस्कार के बाद स्नान करते समय परिवार के छह युवक बह गए थे, जिनमें चार बचा लिए गए थे। इसके अलावा गोताखोरों की दूसरी टीम ने राजस्थान के धौलपुर जिले मनिया निवासी दीपू पुत्र रामसहाय की तलाश में करीब एक किलोमीटर दायरे में अभियान चलाया।
परिवार के लोग नाव के जरिये गोताखोरों के आसपास बने रहे। गोताखोर ओमकार ने बताया कि दीपू बहते समय जहां डूब गया था, वहां भंवर है। उसकी गहराई करीब 15 फीट है। दीपू के चचेरे भाई महावीर को गोताखोरों ने बुधवार को ही हादसा के दौरान बचा लिया था। दीपू अपने परिजन के साथ दादी की अस्थियां विसर्जित करने आया था। प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि दीपू की तलाश में अलग से भी गोताखोर लगाए गए हैं।