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चुंबक की तरह मनुष्य को खींचती है भागवत कथा
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बिल्सी के दिधौनी में भागवत कथा सुनाती ममता शाक्य
- फोटो : BADAUN
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बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव दिधौनी में शुरू हुई संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के दूसरे दिन गंजडुंडवारा से पधारीं कथावाचक ममता शाक्य ने कहा कि भगवान के चरणों में जितना समय बीत जाए उतना अच्छा है। संसार में एक-एक पल बहुत कीमती है। जो बीत गया उसे जाने दें। इसलिए जीवन को व्यर्थ में बर्बाद नहीं करना चाहिए। भगवान द्वारा प्रदान किए गए जीवन को भगवान के साथ और भगवान के सत्संग में ही व्यतीत करना चाहिए।
इस संसार में जो भगवान का भजन न कर सके वह सबसे बड़ा भाग्यहीन है। भगवान इस धरती पर बार-बार इसलिए आते हैं ताकि हम कलयुग में उनकी कथाओं का आनंद ले सकें और कथाओं के माध्यम से अपना चित्त शुद्ध कर सकें।
भागवत कथा चुंबक की तरह काम करती है जो मनुष्य के मन को अपनी ओर खींचती है। इसके माध्यम से हमारा मन भगवान से लग जाता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने मात्र से ही जीव का कल्याण हो जाता है।
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व्यास जी ने जब भगवत प्राप्ति का ग्रंथ लिखा, तब भागवत नाम दिया गया। बाद में इसे श्रीमद्भागवत नाम दिया गया। जो व्यक्ति भागवत सुनता है उसका अहंकार दूर हो जाता है। इस मौके पर रामप्रकाश सिंह ठाकुर, कृष्णमुरारी, देवपाल, राधेश्याम, विवेक कुमार सिंह, लोकपाल शाक्य, रामगोपाल शाक्य, सुरेंद्र प्रजापति, मोहनलाल, संजीव, नेमकुमार व ज्योति रानी आदि मौजूद रहे। इधर क्षेत्र के गांव हरदासपुर मे कई दिनों से चल रहे लक्ष्मी नारायन महायज्ञ में यहां महिलाओं ने पीतवस्त्र धारण कर गांव में कलश यात्रा निकाली। गांव के लोगों ने फूलों की वर्षा कर उसका स्वागत किया। संवाद
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इस संसार में जो भगवान का भजन न कर सके वह सबसे बड़ा भाग्यहीन है। भगवान इस धरती पर बार-बार इसलिए आते हैं ताकि हम कलयुग में उनकी कथाओं का आनंद ले सकें और कथाओं के माध्यम से अपना चित्त शुद्ध कर सकें।
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भागवत कथा चुंबक की तरह काम करती है जो मनुष्य के मन को अपनी ओर खींचती है। इसके माध्यम से हमारा मन भगवान से लग जाता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने मात्र से ही जीव का कल्याण हो जाता है।
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व्यास जी ने जब भगवत प्राप्ति का ग्रंथ लिखा, तब भागवत नाम दिया गया। बाद में इसे श्रीमद्भागवत नाम दिया गया। जो व्यक्ति भागवत सुनता है उसका अहंकार दूर हो जाता है। इस मौके पर रामप्रकाश सिंह ठाकुर, कृष्णमुरारी, देवपाल, राधेश्याम, विवेक कुमार सिंह, लोकपाल शाक्य, रामगोपाल शाक्य, सुरेंद्र प्रजापति, मोहनलाल, संजीव, नेमकुमार व ज्योति रानी आदि मौजूद रहे। इधर क्षेत्र के गांव हरदासपुर मे कई दिनों से चल रहे लक्ष्मी नारायन महायज्ञ में यहां महिलाओं ने पीतवस्त्र धारण कर गांव में कलश यात्रा निकाली। गांव के लोगों ने फूलों की वर्षा कर उसका स्वागत किया। संवाद