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गुरु के बिना नहीं समझ सकते जीवन का सार

Sun, 18 Aug 2019 02:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2019 02:27 AM IST
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Bhagvad katha
वजीरगंज। श्री वार्ष्णेय धर्मशाला में शुरू हुई सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को कथा वाचक अंबिका देवी ने कहा कि गुुरु की महत्ता हमारे जीवन में अनुपम है क्योंकि गुरु के बिना हम जीवन का सार समझ ही नहीं सकते हैं। इस बात का हमें सदैव ध्यान रखना चाहिए कि गुरु के समक्ष चंचलता नहीं करनी चाहिए और सदा अल्पभाषी होना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि जितनी आवश्यकता है उतना ही बोलें और जितना अधिक हो सके गुरू की वाणी का श्रवण करें। गुरू चरणों की सेवा का अवसर मिलना परम सौभाग्य होता है, जो अनमोल है। इसलिए गुरू सेवा को समर्पित भाव से करना और उनका आदेश का पालन सदैव करना चाहिए। गुरू की महिमा अपार है और उनकी करुणा अद्भुत है, कब किस पर अनुग्रह हो जाए, यह कोई नहीं जानता। इससे पूर्व शुक्रवार को नगर में बड़े धूमधाम से कलश यात्रा निकाली गई। इस अवसर पर कृष्णकांत मिश्रा, संजीव गुप्ता, सुमित मिश्रा, सतीश गुप्ता, रवि वार्ष्णेय, नित्यानंद भारद्वाज, मुरली मनोहर गुप्ता आदि श्रद्धालुगण मौजूद रहे।
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