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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Better health services The claim , reality reversed

बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे, हकीकत उलट

Sat, 11 Apr 2015 07:16 PM IST
badaun
badaun Updated Sat, 11 Apr 2015 07:16 PM IST
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जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बदतर होती जा रही है। लंबे समय से डॉक्टरों के 97 पद खाली चल रहे हैं। अस्पतालों के नाम पर भारी भरकम तामझाम है, लेकिन इलाज करने वाले डॉक्टरों की किल्लत है। आलम यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों के कई अस्पताल तो ऐसे हैं जिनमें ताले पड़ गए हैं। लोगों को मामूली मर्ज में भी जिला अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है।

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लंबे समय से नहीं है हृदय रोग विशेषज्ञ
स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर जिला, जिला महिला अस्पताल के अलावा जिले में छोटे-बड़े 83 अस्पताल हैं। यहां डॉक्टरों के 175 पद स्वीकृत हैं। लंबे समय से इन अस्पतालों में डॉक्टरों के 97 पद खाली चल रहे हैं। विशेषज्ञों की स्थिति और भी बदतर है। जिले में पिछले करीब 12 साल से हृदय रोग विशेषज्ञ का पद खाली चल रहा है। हड्डी रोग विशेषज्ञ के नाम पर 32 लाख आबादी वाले जिले में सिर्फ दो डॉक्टर हैं।
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जिला अस्पताल में 10 डॉक्टर कम
जिला अस्पताल की स्थिति पर नजर डालें तो यहां भी हालात अच्छे नहीं हैं। जिला अस्पताल में भी डॉक्टरों के 10 पद रिक्त चल रहे हैं। 300 बेड के अस्पताल की जिम्मेदारी 19 डॉक्टरों पर है। लंबे समय से जिला अस्पताल की इमरजेंसी रेफ्लर यूनिट के रूप में काम कर रही है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे जरूर किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है।
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स्टाफ की भी किल्लत
बदायूं। जिले में सिर्फ डॉक्टरों की किल्लत के साथ फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, पैथोलॉजिस्ट, लैब टेक्नीशियन और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भी किल्लत है। स्वास्थ्य सेवाएं बुरे दौर से गुजर रही है। बेहतर उपचार के लिए लोगों को बरेली की दौड़ लगानी होती है।

अस्पतालों के उच्चीकरण पर करोड़ों खर्च
बदायूं। जिला और जिला महिला अस्पताल में भी डॉक्टरों की किल्लत है। सरकार डॉक्टरों की किल्लत दूर करने से ज्यादा ध्यान अस्पतालों के उच्चीकरण पर दे रही है। जिला और जिला महिला अस्पताल में इस समय 25 करोड़ रुपये से उच्चीकरण के काम चल रहे हैं।


जिले में अस्पतालों की स्थिति
जिला, जिला महिला अस्पताल समेत सखानू, सैदपुर और इस्लामनगर में महिला अस्पताल
सीएचसी-12
पीएचसी-5
न्यू पीएचसी-43
अर्बन हेल्थ सेंटर-3
डॉक्टरों के स्वीकृत पद- 175
तैनाती- 78
रिक्त पद- 97

स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। डॉक्टरों की कमी के बारे में समय-समय पर शासन को लिखा जाता रहा है। उम्मीद है कि जल्द डॉक्टरों की कमी दूर होगी। -डॉ. दीपक सक्सेना, सीएमओ

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