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Budaun News: 300 करोड़ का बैंकिंग लेनदेन हुआ प्रभावित
Sat, 12 Sep 2026 01:06 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sat, 12 Sep 2026 01:06 AM IST
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एसबीआई की मुख्य ब्रांच पर हड़ताल करते बैंक कर्मी। संवाद
बदायूं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर शुक्रवार को जिलेभर में सरकारी, अर्द्धसरकारी बैंकों की 140 शाखाएं बंद रहीं। बैंकों की एक दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल के चलते बैंकिंग कामकाज ठप रहा। कर्मचारियों और अधिकारियों ने सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने और पीएलआई में भेदभाव को समाप्त करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। बैंक अधिकारियों के मुताबिक एक दिन की हड़ताल से जिले में लगभग 300 करोड़ रुपये का बैंकिंग लेनदेन प्रभावित हुआ है। वहीं, ग्राहकों को अब द्वितीय शनिवार और रविवार को भी बैंकों के बंद होने से परेशानी उठानी पड़ेगी। इस तरह तीन दिन बैंकिंग लेनदेन बंद रहेगा।
शुक्रवार सुबह से ही जिले के सभी राष्ट्रीयकृत, ग्रामीण और निजी बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर चले गए। यूनाइटेड फोरम के घटक संगठन एआईबीईए, एनसीबीई, एआईबीओसी, एआईबीओए, बीईएफआई, और आईएनबीएफएफ से जुड़े कर्मचारी सुबह से ही अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल में शामिल हो गए।
बैंक कर्मी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल करते हुए नारेबाजी करते हुए नजर आए। बैंक संगठनों ने बताया कि उनकी मुख्य दो मांगें हैं। पहली मांग सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की है। दूसरी मांग प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन यानी पीएलआई में भेदभाव को समाप्त करने की है। संगठनों का आरोप है कि पीएलआई के नाम पर अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भेदभाव किया जा रहा है। इधर, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक रितेश कुमार वर्मा ने बताया कि एक दिवसीय बैंकों की हड़ताल से करोड़ों रुपये का बैंकिंग लेनदेन प्रभावित हुआ है। सही आकलन बैंकों के खुलने पर मालूम होगा, वैसे ढाई सौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित होने की बात सामने आई है।
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मांगें नहीं मानी तो आगे भी होगा आंदोलन
हड़ताल का नेतृत्व जिले में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की बदायूं शाखा के चेयरमैन मंजर फर्सोरी, जिला मंत्री औतपाल सिंह और अध्यक्ष दीपक ने किया। हड़ताल में बैंक ऑफ बड़ौदा से दीपक, लल्ला बाबू, हरवीर सिंह, पूरन सिंह, अमित कुमार त्रिपाठी, हरिओम सिंह, सत्येंद्र, पुष्पेंद्र, उदयवीर सहित बड़ी संख्या में कर्मी मौजूद रहे।
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ग्राहक दिनभर बैंकों के चक्कर काट होते रहे परेशान
बैंकों के बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी ग्राहकों को हुई। जिले में कई ग्राहक सुबह से ही बैंक शाखाओं के चक्कर लगाते रहे, लेकिन शाखाओं पर हड़ताल का नोटिस चस्पा देखकर लौटना पड़ा। चेक क्लीयरेंस, नकद जमा-निकासी, लोन, आरटीजीएस-एनईएफटी समेत सभी सेवाएं बाधित रहीं। हालांकि एटीएम और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं चालू रहीं।
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फोटो-30
जनसेवा केंद्रों पर लेनदेन करने वालों की रही भीड़
बैंकों के कर्मचारियों की ओर से एकदिवसीय हड़ताल पर चले जाने के कारण लोगों ने रुपयों के लेनदेन के लिए जनसेवा केंद्रों का सहारा लिया। लोगों ने इन केंद्रों पहुंचकर अपना लेनदेन किया। इस दौरान कई केंद्रों पर पैसों का लेनदेन करने वालों की भीड़ मौजूद रही।
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फोटो-28
मेरा ठेकेदारी का काम है। प्रतिदिन 30 से 40 लाख रुपये का लेनदेन करता हूं। आज भी 30 लाख रुपये का आरटीजीएस करने आया था। लेकिन हड़ताल होने से काम नहीं हो सका। इससे हमारा काफी काम प्रभावित हो जाएगा।
सुनील कुमार मौर्य, ग्राहक
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फोटो-29
घर के काम निपटाने के बाद चेक से रुपये लेने के लिए आया था। लेकिन बैंक बंद होने की वजह से लौटना पड़ रहा है।
अजय कुमार, ग्राहक
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फोटो- 33
एसबीआई बैंक की शाखा में रुपये जमा करने गई तो बैंक बंद मिली। मुझे एक व्यापारी को नेफ्ट करना था, लेकिन रुपये जमा करने के लिए फिर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में पहुंची वहां भी बैंक में ताला पड़ा मिला। इसके कारण मुझे मजबूरन घर लौटना पड़ा।
गरिमा माहेश्वरी, ग्राहक
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फोटो- 34
मुझे जरूरी कार्य के लिए बैंक में रुपये जमा करके दवा व्यापारी को आरटीजीएस करना था। लेकिन बैंकों के बंद मिलने पर लौटना पड़ा और व्यापारी को धन हस्तांतरित नहीं कर पाया।
तेजेश्वर दयाल, सक्सेना
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शुक्रवार सुबह से ही जिले के सभी राष्ट्रीयकृत, ग्रामीण और निजी बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर चले गए। यूनाइटेड फोरम के घटक संगठन एआईबीईए, एनसीबीई, एआईबीओसी, एआईबीओए, बीईएफआई, और आईएनबीएफएफ से जुड़े कर्मचारी सुबह से ही अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल में शामिल हो गए।
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बैंक कर्मी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल करते हुए नारेबाजी करते हुए नजर आए। बैंक संगठनों ने बताया कि उनकी मुख्य दो मांगें हैं। पहली मांग सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की है। दूसरी मांग प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन यानी पीएलआई में भेदभाव को समाप्त करने की है। संगठनों का आरोप है कि पीएलआई के नाम पर अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भेदभाव किया जा रहा है। इधर, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक रितेश कुमार वर्मा ने बताया कि एक दिवसीय बैंकों की हड़ताल से करोड़ों रुपये का बैंकिंग लेनदेन प्रभावित हुआ है। सही आकलन बैंकों के खुलने पर मालूम होगा, वैसे ढाई सौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित होने की बात सामने आई है।
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मांगें नहीं मानी तो आगे भी होगा आंदोलन
हड़ताल का नेतृत्व जिले में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की बदायूं शाखा के चेयरमैन मंजर फर्सोरी, जिला मंत्री औतपाल सिंह और अध्यक्ष दीपक ने किया। हड़ताल में बैंक ऑफ बड़ौदा से दीपक, लल्ला बाबू, हरवीर सिंह, पूरन सिंह, अमित कुमार त्रिपाठी, हरिओम सिंह, सत्येंद्र, पुष्पेंद्र, उदयवीर सहित बड़ी संख्या में कर्मी मौजूद रहे।
ग्राहक दिनभर बैंकों के चक्कर काट होते रहे परेशान
बैंकों के बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी ग्राहकों को हुई। जिले में कई ग्राहक सुबह से ही बैंक शाखाओं के चक्कर लगाते रहे, लेकिन शाखाओं पर हड़ताल का नोटिस चस्पा देखकर लौटना पड़ा। चेक क्लीयरेंस, नकद जमा-निकासी, लोन, आरटीजीएस-एनईएफटी समेत सभी सेवाएं बाधित रहीं। हालांकि एटीएम और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं चालू रहीं।
फोटो-30
जनसेवा केंद्रों पर लेनदेन करने वालों की रही भीड़
बैंकों के कर्मचारियों की ओर से एकदिवसीय हड़ताल पर चले जाने के कारण लोगों ने रुपयों के लेनदेन के लिए जनसेवा केंद्रों का सहारा लिया। लोगों ने इन केंद्रों पहुंचकर अपना लेनदेन किया। इस दौरान कई केंद्रों पर पैसों का लेनदेन करने वालों की भीड़ मौजूद रही।
फोटो-28
मेरा ठेकेदारी का काम है। प्रतिदिन 30 से 40 लाख रुपये का लेनदेन करता हूं। आज भी 30 लाख रुपये का आरटीजीएस करने आया था। लेकिन हड़ताल होने से काम नहीं हो सका। इससे हमारा काफी काम प्रभावित हो जाएगा।
सुनील कुमार मौर्य, ग्राहक
फोटो-29
घर के काम निपटाने के बाद चेक से रुपये लेने के लिए आया था। लेकिन बैंक बंद होने की वजह से लौटना पड़ रहा है।
अजय कुमार, ग्राहक
फोटो- 33
एसबीआई बैंक की शाखा में रुपये जमा करने गई तो बैंक बंद मिली। मुझे एक व्यापारी को नेफ्ट करना था, लेकिन रुपये जमा करने के लिए फिर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में पहुंची वहां भी बैंक में ताला पड़ा मिला। इसके कारण मुझे मजबूरन घर लौटना पड़ा।
गरिमा माहेश्वरी, ग्राहक
फोटो- 34
मुझे जरूरी कार्य के लिए बैंक में रुपये जमा करके दवा व्यापारी को आरटीजीएस करना था। लेकिन बैंकों के बंद मिलने पर लौटना पड़ा और व्यापारी को धन हस्तांतरित नहीं कर पाया।
तेजेश्वर दयाल, सक्सेना

एसबीआई की मुख्य ब्रांच पर हड़ताल करते बैंक कर्मी। संवाद

एसबीआई की मुख्य ब्रांच पर हड़ताल करते बैंक कर्मी। संवाद

एसबीआई की मुख्य ब्रांच पर हड़ताल करते बैंक कर्मी। संवाद

एसबीआई की मुख्य ब्रांच पर हड़ताल करते बैंक कर्मी। संवाद

एसबीआई की मुख्य ब्रांच पर हड़ताल करते बैंक कर्मी। संवाद